Health Tip For Weight Loss With Surya Mudra - WordlyPost

सूर्य मुद्रा हमारे भीतर के अग्नि तत्व को संचालित करती है। सूर्य की अँगुली अनामिका को रिंग फिंगर भी कहते हैं। इस अँगुली का संबंध सूर्य और यूरेनस ग्रह से है। सूर्य ऊर्जा स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करती है और यूरेनस कामुकता, अंतर्ज्ञान और बदलाव का प्रतीक है।

सूर्य मुद्रा की विधि: मध्यमा अर्थात शनि की अँगुली को हथेलियों की ओर मोड़ते हुए अँगूठे से उसके प्रथम पोर को दबाते हुए बाकी की अँगुलियों को सीधा रखते हैं। इसे शून्य मुद्रा कहते हैं।

सूर्य मुद्रा के लाभ:  यह शरीर के सुस्तपन को कम कर स्फूर्ति जगाती है। प्रतिदिन चार से पाँच मिनट अभ्यास करने से कान के दर्द में आराम मिलता है। बहरे और मानसिक रूप से विकलांग लोगों के लिए यह मुद्रा लाभदायक है।

Loading...

Leave a Reply