इस रोग में रोगी को आंखों से सब कुछ धुंधला दिखाई देता है तथा उसे आंखों से अजीब-अजीब सी चीजें दिखाई देती हैं जोकि वास्तव में होती ही नहीं है जैसे मक्खी-मच्छर तथा मकड़ी के जाले आदि दिखाई पड़ना, गोलाकार वस्तु दिखाई पड़ना, अलग-अलग प्रकार की रोशनी और आंखों के सामने सभी वस्तुएं धुंधली (बादल से ढकी हुई) दिखना शुरुआती लक्षण हैं। रोग के और ज्यादा बढ़ने पर रोगी दूर की चीजों को पास और पास की चीजों को दूर देखता है। आंखों की रोशनी कम हो जाती है और रोगी सुई में धागे को पिरोता है तो उसे सुई का छेद ही नहीं दिखाई देता है। ये नज़र के कमजोर होने के सामान्य लक्षण हैं।

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय :

1. शहद से आंखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय :

★ लगभग 7 से 14 मिलीलीटर बकुल के पौधे के रस को शहद के साथ लेने से आंखों की रोशनी बढ़ जाती है।
★ धान का रस लगभग 10 से 15 मिलीलीटर को 5 से 10 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ लेना चाहिए।
★ त्रिफला चूर्ण 4-5 ग्राम लेकर 15 से 25 ग्राम शहद के साथ दिन में 3 बार लेने से आंखों की रोशनी में वृद्धि होती है।
★ लगभग 12 से 24 ग्राम त्रिफला घृत, त्रिफला और यष्टीमधु मूल चूर्ण के साथ शहद में मिलाकर दिन में 2 बार लेना चाहिए।
★ 15 से 30 मिलीलीटर मेशश्रृंगी फल का काढ़ा 5 से 10 ग्राम शहद के साथ दिन में 2 बार लेना चाहिए।

2. घी से आंखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय :

★ आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गाय का ताजा घी और मिश्री मिलाकर खाएं। घी खाना भी आंखों के लिए लाभकारी होता है।
★ गाय के ताजे घी में देशी खांड और कालीमिर्च को रोजाना सुबह खाली पेट 1-2 चम्मच सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
★ लगभग 15 से 30 मिलीलीटर त्रिफला का काढ़ा 5 से 10 ग्राम घी के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से आंखों के रोगों में आराम मिलता है।

3. मेंहदी से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

★ 10 ग्राम जीरा और 10 ग्राम मेंहदी दोनों को बराबर मात्रा में कूटकर रात में गुलाब जल में भिगो दें, इसे सुबह के समय छानकर स्वच्छ शीशी में रख लें और एक ग्राम भूनी हुई फिटकरी को बारीक पीसकर मिला लें। इसे थोड़ी मात्रा में आंखों में डालने से आंखों की ललाई दूर होती है।
★ मेहंदी के हरे पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें, रात्रि में इसकी टिकिया को आंखों पर बांधकर सोने से आंखों की पीड़ा और लालिमा ठीक हो जाती है।

4. चमेली से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

आंखों को बंद करके उसके ऊपर चमेली के फूलों को पीसकर लेप करने से आंखों के दर्द में आराम मिलता है।

5. मक्खन से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

★ गाय के दूध का मक्खन आंखों पर लगाने से आंखों की जलन दूर होती है।
★ यदि खुरासानी का दूध या भिलावा आंख में पड़ गया हो तो गाय के दूध के मक्खन को आंख में काजल की तरह लगाना लाभकारी होता है।

6. मकोय से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

पिल्ल रोग (आंखों का चौंधियाना) वालों की आंखों को ढककर, आंखों को इसके घी चुपड़े फलों की धूनी देने से कीड़े बाहर निकल आते हैं।

7. सेंधानमक से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

सेंधानमक, हर्र, फिटकरी और अफीम को मिलाकर उसका लेप आंख के बाहर चारों ओर लगाने से लाभ होता है।

8. रीठा से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

सरल अभिष्यंद (मोतियाबिंद) में रीठे के फल को पानी में उबालकर इस पानी को पलकों के नीचे रखने से लाभ होता है।

9. आक (मदार) से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

★ पिसी हुई आक की जड़ की सूखी छाल 1 ग्राम को 20 मिलीलीटर गुलाबजल में 5 मिनट तक रखकर छान लें। इसके बाद इसे बूंद-बूंद करके आंखों में डालने से (3 या 5 बूंद से अधिक न डालें) आंखों की लाली, भारीपन, दर्द, कीचड़ की अधिकता और खुजली दूर हो जाती है।
★ आक की जड़ की छाल को जलाकर कोयला कर लें और इसे थोड़े पानी में घिसकर नेत्रों के चारों ओर लगाने से पलकों की सूजन आदि मिटती है।
★ यदि बाईं आंख में तेज दर्द हो तो दाहिने पैर के नाखूनों को तथा यदि दाई आंख में तेज दर्द हो तो बांये पैर के नाखूनों को आक के दूध से गीला करना चाहिए।

नोट : आक का दूध आंख में भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। इसका दूध आंखों में पड़ जाने से आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है।

10. धतूरा से आंखों  के रोग दूर करने के उपाय :

धतूरे के ताजे पत्तों का रस आंखों पर लेप करने से ललाई फट जाती है तथा सूजन और जलन समाप्त हो जाती है।

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