यदि किसी स्त्री को लगातार दो बार गर्भपात हो चूका हैं तो अगला गर्भ गिरने की सम्भावना हो सकती हैं। ऐसे में उनको बहुत सावधानी रखनी चाहिए। क्षयग्रस्त स्त्रियां जो नाजुक, कोमल प्रकृति की होती हैं, प्राय: गर्भस्त्राव करती हैं। अगर बार बार गर्भ गिर रहा हो गर्भरक्त हो सकते हैं।

अगर आप जल्दी ही मां बनना चाहती हैं और काफी समय से गर्भधारण करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन फिर भी ऐसा नहीं हो पा रहा है तो इसकी कई वजह हो सकती है। आपकी दिनचर्या से जुड़ी ऐसी कई आदतें हो सकती हैं जिसका सीधा असर आपके गर्भ धारण पर पड़ रहा हो।

अगर आप अपनी नींद को ज्यादा तवज्जो नहीं देतीं और कभी भी किसी भी परिस्थिति में सो जाती हैं तो यह आदत आपके लिए गलत साबित हो सकती है। टीवी के शोर के बीच या कमरे में जलती हुई लाइट में ही सो जाना कुछ ऐसे कारण हैं जिनसे प्रजनन क्षमता कम होती है। किसी भी तरह के डिस्टर्बेंस से आपकी नींद में खलल पैदा होता है और यह उन महिलाओं के लिए ठीक नहीं है जो जल्दी गर्भ धारण करना चाहती हैं। अगर आपको भी गर्भाधारण करने में समस्या हो रही हो तो अपनी इस आदत को तुरंत ही बदल डालिए

ओसाका यूनीवर्सिटी के यूसीएलए के रिसर्चरों और जापान सांस और टेक्नॉलजी एजेंसी की एक रिसर्च के मुताबिक आधी उम्र की महिलाओं को गर्भधारण करने के लिए अंधेरे में संबंध बनाने चाहिए। शोधकर्ताओं के मुताबिक ऐसी महिलाएं जो प्रेग्नेंट होना चाहती हैं उन्हें रात की अच्छी नींद के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे

1. रात में समय पर डिनर करना चाहिए। साथ ही रात के समय हल्का भोजन करें।

2. रात के समय कमरे में हल्की रोशनी रखें या हो सके तो अंधेरा कर के सोएं। शोधकर्ताओं का मानना है कि रात के समय बेडरूम में आने वाली कोई भी तेज़ रोशनी महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालती है।

3 गर्भधारण के लिए जब भी सेक्स करें तो ओवुलेशन पीरियड में ही करें। अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगायें। पीरियड्स के तुरंत बाद का समय गर्भ धारण की दृष्टि से सबसे सही माना जाता है। अपनी ओवुलेशन साइकिल का पता लगाने के लिए आप चाहें तो अपने चिकित्सक से भी संपर्क कर सकती हैं।

इसके अलावा ओवुलेशन पीरियड को जानने के लिए घर में एक ओव्‍यूलेशन कैलेंडर भी रख सकती हैं। इससे आपको पता चलेगा कि आपका कौन सा दिन कंसीव करने के लिये सही रहेगा।
4 . इसके अलावा खाने में ओमेगा 3 फैटी एसिड और डेयरी प्रोडक्‍ट्स आदि के इस्तेमाल से प्रजनन क्षमता बढ़ती हैं।

5 स्ट्रेस दूर करने के लिए अपने पार्टनर का साथ दें। स्ट्रेस लेने से स्पर्म काउंट कम होता है और उसकी गुणवत्ता भी घटती है। जिससे गर्भ धारण में मुश्किल पैदा हो सकती है। स्ट्रेस दूर करने के लिए अपने पार्टनर को योगा और एक्‍सरसाइज करने की सलाह दीजिये।अपने जीवन को तनावमुक्त रखने के लिए पौष्टिक आहार और पूरी नींद लें ताकि आपको गर्भ धारण करने में कोई तकलीफ ना हों।

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