अंजीर एक अत्यंत स्वादिष्ट ही नहीं अपितु स्वास्थ्यवर्धक फल भी है। अंजीर के स्वास्थ्य लाभ उसमें निहित खनिज, विटामिन और फाइबर की देन हैं। अंजीर विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, मैंगनीज, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन जैसे अनेक लाभकारी पोषक तत्वों से धनी है।

अंजीर एक अच्छा भोजन है जो अकेले भी खाया जा सकता है या नाश्ता में भी शामिल किया जा सकता है। इसे आप सलाद में काटकर भी खा सकते हैं। अंजीर विशेष रूप से मीठी डिश, जैम, स्मूथी और मिठाई बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। डिब्बाबंद अंजीर खाना अच्छा नहीं है क्योंकि इनमें चीनी अलग से डली होती है। दोनों सूखे अंजीर और ताज़ा अंजीर के स्वास्थ्य लाभ हैं। ताजा अंजीर में कम कैलोरी है। आपकी आवश्यकता पर निर्भर करता है कि आप सूखे या ताज़ा अंजीर खाएं।  सूखे अंजीर सोखकर भी खाए जा सकते हैं। तीन या चार सूखे अंजीर को धो लें और उन्हें रात भर पानी में भिगो दें। उन्हें खाली पेट सुबह में खा लें और जिस पानी में वे भीगे हुए थे, उसे भी पी लें। सुबह में भिगोए हुए अंजीर खाने से पित्त शांत होता है और पाचन अच्छा होता है। अंजीर का दूध के साथ भी सेवन कर सकते हैं। रोज़ दो से तीन अंजीर खाने की कोशिश करें।

अंजीर वजन को घटाने में भी अत्यंत सहायक होते हैं, इस वजह से इसको मोटे लोगों को खाने की सलाह भी दी जाती है। परंतु इसके अधिकतम सेवन से सावधान रहें क्योंकि इससे आपका वजन बढ़ भी सकता है, ख़ासकर यदि आप इसे दूध के साथ लें।

अंजीर परंपरागत रूप से भारतीय उपमहाद्वीप और कई अन्य क्षेत्रों में यौन रोगों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। यह यौन संचारित रोगों के लिए भी एक सफल उपचार माना जाता है, हालांकि अनुसंधानो ने इसके सकारात्मक प्रभाव की पुष्टि अभी तक नहीं करी है। यह स्तम्भन दोष के उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है। पौराणिक कथाओं में अंजीर को एक शक्तिशाली यौन पूरक के रूप में देखा गया है। यौन शक्ति बढ़ाने के लिए 2-3 अंजीर पूरी रात दूध में सोखने के लिए छोड़ दें और सुबह खा लें। यह प्रजनन स्वास्थ्य (reproductive health) को भी बढ़ावा देता है। इस तरह गर्भावस्था में अंजीर अच्छा है, गर्भवती स्त्रियों में लौह की कमी को भी पूरा करता है।

अंजीर में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है। एक मध्यम आकार (50 ग्राम) के अंजीर में 1.45 ग्राम फाइबर होता है, जो ना केवल कब्ज़ से राहत दिलाता है अपितु उससे बचाव भी करता है। यह मल-त्यागने की क्रिया को बहुत ही आसान बना देता है और उसे नियमित भी करता है। दो अंजीर को रात भर पानी में भिगोकर सुबह खाने से और ऊपर से उसी पानी को पीने से पेट साफ हो जाता है। अंजीर का सेवन करने से डायरिया से भी बचा जा सकता है। अंजीर पाचन शक्ति में सुधार ला उससे सम्बंधित समस्याओं का अंत करता है।

अंजीर कैल्शियम से प्रचुर होता है जो हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए प्रमुख तत्व है। इसका सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डियों के विकारों से भी संरक्षण मिलता है। चूँकि यह फॉस्फोरस का भी एक समृद्ध स्रोत है, इसलिए यह हड्डियों के विकास को बढ़ावा देता है और उनके पतन को भी रोकता है।

अंजीर में पेक्टिन नामक एक घुलनशील फाइबर होता है जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में निपुण होता है। अंजीर में ओमेगा -3, ओमेगा -6 फैटी एसिड, फीटोस्टेरोल यौगिक एवं विटामिन A, E और K भी निहित हैं जो ना केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं अपितु ब्लड प्रेशर को भी नियमित रखते हैं।

अंजीर में पोटैशियम उच्च मात्रा और सोडियम निम्न मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसके ये पोषक गुण इसको हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए सर्वोत्तम बनाते हैं। यह आपकी नसों को शांत रख आपको स्ट्रैस-फ्री जीवन जीने में सहायता करता है।

कोरोनरी हृदय रोग एक घातक ह्रदय रोग है जो मुख्य रक्त वाहिकाओं को अपना शिकार बना रक्त-प्रवाह को प्रभावित करता है। सूखे अंजीर में फिनोल, ओमेगा -3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड्स निहित होते हैं। यह फैटी एसिड कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम करने में अति सक्षम होते हैं। इसके अलावा, अंजीर के पत्ते ट्राईग्लीसेराइड (जो ह्रदय सम्बंधित रोगों का एक मुख्य कारण है) को कम करने में भी मदद करते हैं।

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार अंजीर मधुमेह को कंट्रोल करने में अति-सक्षम होते हैं। अंजीर की पत्तियों का सेवन मधुमेह के रोगियों की इन्सुलिन के इंजेक्शन पर निर्भरता को कम करता है। अंजीर पोटैशियम का भी एक समृद्ध स्रोत है जो शरीर द्वारा किए जाने वाले शुगर के अवशोषण (absorbtion) पर नियंत्रण रखता है। यह ब्लड शुगर के स्तर में आने वाले मुख्य उतार-चढ़ाव पर रोक लगा, मधुमेह के रोगियों को एक आम जिंदगी जीने में मदद करता है।

अंजीर में कई पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा, बालों और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। किंतु अंजीर के अधिक सेवन से कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं इसलिए आपको इसके दुष्प्रभावो से बचने के लिए इसका उचित मात्रा में सेवन करना चाहिए –

– अंजीर के अधिकतम सेवन करने से डायरिया हो सकता है।
– सूखे हुए अंजीरों में शुगर उच्च मात्रा में पाई जाती है जिसके सेवन से आपके दांत सड़ सकते हैं।
– सम्भवतः आपको अंजीर से एलर्जी हो सकती है, तो इसे पहली बार कम मात्रा में ही खाएं।
– एक ही सप्ताह में बहुत सारे अंजीर खाने की वजह से आपके पाचन प्रणाली में ब्लीडिंग हो सकती है।
– अंजीर का अधिक सेवन पेट पर भारी हो सकता है जिससे पेट दर्द हो सकता है।

Loading...

Leave a Reply