गेंहू के अंकुर या वीट जर्म गेहूं की गुठली का सबसे अच्छा हिस्सा है जिसमें अनाज की सभी खूबियां भरी होती हैं। गेहूं के एक अनाज के 3 भाग होते हैं। बाहरी परत, जिसे चोकर या ब्रैन कहा जाता है। आटा प्राप्त करने के लिए पाउडर बनाए जाने वाले गेहूं में एन्डोस्पर्म और अंकुर या जर्म या अनाज का सबसे भीतरी भाग होता है। कुल अनाज के वजन का केवल 2.5 से 3.8 प्रतिशत भाग ही वीट जर्म होता है, यह हिस्सा अनाज के बाकी सभी हिस्सों के मुकाबले अधिक पौष्टिक होता है।
वास्तव में, इसे अनाज का भ्रूण कहा जाता है जिसमें से बीज अंकुरित होते हैं। गेहूं के अंकुर या वीट जर्म में 10-15 प्रतिशत लिपिड, 19 प्रतिशत प्रोटीन, 17 प्रतिशत शर्करा, 1.5-4.5 प्रतिशत फाइबर और 4 प्रतिशत खनिज पाए जाते हैं जो इसके पोषक तत्वों के प्रोफाइल के साथ एक प्रभावशाली पोषण संबंधी प्रोफाइल है।

यह ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) और एंटीऑक्सिडेंट्स(antioxidants) से समृद्ध होते हैं। साथ ही इसमें प्रोटीन की उच्च मात्रा के अलावा पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, ज़िंक और मैंगनीज जैसे खनिजों की मात्रा भरपूर है।
प्रकृति ने बहुत से पोषक तत्वों को एक छोटे से कर्नेल में पैक किया है, और इसलिए इस बात पर हैरानी नहीं होनी चाहिए कि वीट जर्म को एक पूरक आहार के रुप में देखा जाता है। यदि आप वीट जर्म की सही ताकत को समझना चाहते हैं, तो ये रहीं 6 बातें जो कि आपको अपनी डायट में वीट जर्म को शामिल करने के लिए ठोस कारण बताएंगे। यदि आप लगातार 7 दिन तक भी अंकुरित गेहूँ के सेवन कर लेंगे तो आपको नीचे बताए गये फ़ायदे महसूस होने लगेंगे, आइए जानते है इसके बारे में

अंकुरित गेहूँ के फायदे

  1. कब्ज : सुस्त बोवेल मूवमेंट आपके दिन को ख़राब कर देता है। आमतौर पर ऐसा डायट में फाइबर की कमी के कारण होता है। जहां भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए भोजन में गेहूं की चोकर मिलायी जाती है, वहीं गेहूं का अंकुर या वीट जर्म भी समान रूप से फायदेमंद हो सकता है। इसका फाइबर प्रोफाइल काफी प्रभावशाली होता है, और इसीलिए यह आपके आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाता है और आपको कब्ज या कॉन्स्टिपेशन राहत दिलाता है।
  2. कैंसर : आज की वर्तमान डायट हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो रही हैं! इसके कई दुष्प्रभावों में से एक कैंसर का ख़तरा भी है जो तेज़ी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कैंसर के जोखिम को रोकने के लिए एंटीऑक्सिडेंट की एक अच्छी खुराक की सलाह देते हैं। वीट जर्म के सेवन से एंटीऑक्सीडेंट की आपकी दैनिक ज़रूरत पूरी हो जाएगी। दरअसल, वीट जर्म एक्स्ट्रैक्ट (wheat germ extracts) कैंसर रोगियों के लिए पोषक तत्वों की खुराक के रूप में भी उपयोग किया जाता है।
  3. प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) : रोग-प्रतिरोधक प्रणाली या इम्यूनिटी पर फाइबर युक्त आहार के प्रभाव के बारे में हम सब अच्छी तरह से जानते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम का एक दोस्त फाइबर, पेट से हानिकारक रोगाणुओं को साफ करने में मदद करता है और अच्छे बैक्टेरिया के प्रसार में मदद करता है। इसीलिए वीट जर्म जैसे फाइबर से भरपूर भोजन, आपकी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है।
  4. मधुमेह या डायबिटीज : अगर मधुमेह या डायबिटीज के मरीज इससे खाने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप को डरने की जरूरत नहीं है। जैसा कि हम जानते हैं कि वीट जर्म में डायटरी फाइबर की एक अच्छी मात्रा होती है। यह भोजन के बाद या पोस्ट्प्रैन्डीअल ब्लड ग्लूकोज की प्रतिक्रिया को कम करने में मदद कर सकता है। अपने आहार में साबुत अनाज शामिल करने से आपको टाइप 2 डायबिटीज से बचने में मदद हो सकती है।
  5. हृदय रोग : गेहूं के रोगाणु हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ एकस्पर्ट्स ने हमेशा से बेहतर हार्ट हेल्थ के लिए साबुत अनाज खाने की सलाह दी है। अपने शानदार न्यूट्रिशनल प्रोफाइल के साथ, वीट जर्म, आपके दिल को स्वस्थ रखने और कोरोनरी हृदय रोगों के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी होता है।
  6. मोटापा घटाए : फाइबर से समृद्ध आहार, ज्यादा वजन और मोटापे से बचा सकता है। वीट जर्म खाने से आपको न केवल पर्याप्त फाइबर मिलेगा, बल्कि आप कई घंटों के लिए ऊर्जा भी प्राप्त हो सकती है, जिससे आप बिना सोचे-समझे खाने से बच सकते हैं। तो अगर आप वेट लॉस के लिए एक असरदार भोजन की तलाश कर रहे हैं, तो वीट जर्म आपके लिए काफी है।

Leave a Reply