हम आपके लिए एक ऐसा जबरदस्त नुस्खा लेकर आये है जिसका यदि आप प्रयोग 1 से 3 महीने लगातार कर लेते है तो यदि आपके शरीर में 99% ब्लॉकेज भी होगी तो वो भी आपकी बिलकुल सही हो जाएगी इतना कारगर नुस्खा है इस नुस्खे का प्रयोग करके न सिर्फ ब्लॉकेज की समस्या सही होगी बल्कि ब्लड प्रेशर बल्कि कोलेस्ट्रॉल की परेशानी की भी ये समाधान करता है

अब तक हजारो लोग इस का फायदा ले चुके है और हजारो लोग ले रहे है जिन्होंने भी आज तक इस नुस्खे को आजमाया अपने मन माफिक रिजल्ट पाया है यह सिर्फ एक महीने के अन्दर ही अपना रिजल्ट आप को दिखा देगा जो आप को स्टंट , हार्ट ब्लोकेज, Bad Cholesterol, B.p जैसी सभी प्रकार की बीमारियों से आपका बचाव करता है और न सिर्फ बचाव आपकी इस समस्या को बिलकुल सही कर देता है वो भी केवल 1 महीने में इस के रिजल्ट को और भी बेहतर बनाने के लिए आप इस के साथ रोस्टेड Flax Seed लीजिये दही के साथ आधे से एक चम्मच क्रश कर के लेना है ( दही अगर गाय को हो तो ही लेना है अथवा सीधे चबा चबा के खा सकते है ) इस के एक महीने में लोगो को रिजल्ट मिले है वह बिकुल हैरान करने वाले है

Arjun ki Chhal in hindi अर्जुन वृक्ष जिसे टर्मिनलिया अर्जुन (Terminalia arjuna) भी कहा जाता है। एक औषधीय पौधा होता है जो कि बहुत सी बीमारियों को दूर करने के लिए आयुर्वेद उपचार में उपयोग किया जाता है। इस लेख में आप जानेगे अर्जुन की छाल के फायदे और नुकसान – Arjun ki Chhal ke Fayde aur nuksan in Hindi अर्जुन छाल के फायदे, उपयोग, औषधीय गुण और लाभ के बारे में

इसमें कार्डियोप्रोटेक्‍टीव (cardioprotective) और हृदय को मजबूत करने वाले गुण होते है इसलिए इसका प्रयोग मुख्‍य रूप से दिल से संबंधित रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। इसमें बहुत से पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते है जो कि हड्डियों के नुकसान (osteoporosis) को रोकने में मदद कर‍ते है। यह अल्‍सर, मूत्र रोग आदि के इलाज में भी लाभदायक होते है।

 

आयुर्वेद में हृदय संबंधी रोगों के उपचार के लिए अर्जुन छाल का उपयोग किया जाता है। क्योंकि इसमें हृदय की रक्षा करने और दिल को मजबूत करने वाले गुण होते है। अर्जुन छाल हृदय के बाएं निचले हिस्से (left ventricle) के कार्यविधि को ठीक करने के लिए उपयोग किया जाता है। अर्जुन छाल का उपयोग हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने और हृदय द्वारा खून को पूरे शरीर में पहुंचाने की क्षमता में वृद्धि करने में किया जाता है। यह हृदय आघात (Heart attack) को रोकने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटी-एथेरोजेनिक (anti-atherogenic) गुण होते है को कोरोनरी धमनियों में प्‍लेक बिल्‍डअप (plaque build-up) को कम करने में मदद करते है और हृदय कोशिकाओं में रक्त परिवहन में मदद करते है। इन गुणों के कारण अर्जुन छाल हृदय रोगों के लिए बहुत ही लाभकारी औषधि होती है।

दिल के दौरे के समय सीने में होने वाले दर्द को कम करने में अर्जुन की छाल मदद करती है। यदि आप दिल के दौरा से संबंधित दवाओं का सेवन कर रहे है तो आप उनको लेने के बाद इस छाल का भी सेवन कर सकते है जो कि आपको छाती के दर्द को कम करती है। इसका सेवन आगे भविष्‍य में होने वाले सीने के दर्द की संभावना को कम करता है।

कोंहा (अर्जुन छाल) में बहुत से पोषक तत्‍व मौजूद रहते है जो एंटीऑक्सिडेंट गुणों से भरपूर होते है। इसकी छाल में ग्‍लाइकोसाइड्स (glycosides)और फ्लैवोनोइड्स (flavonoids) टैनिन और खनिज भरपूर मात्रा में होते है। यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और चर्वी को कम करने का काम करते है। इसके एंटी ऑक्सिडेंट तत्‍व हृदय कोशिकाओं में होने वाले नुकसानों को रोक कर हमारे दिल को स्‍वस्‍थ रखते है।

अर्जुन छाल में उपस्थित मेथनॉल (Methanolic) हेलीकॉक्‍टर पिलोरी (helicobacter pylori) और लिपोपोलिसैक्‍साइड (lipopolysaccharide) प्रेरित गैस्ट्रिक अल्‍सर को रोकने मदद करता है। इसके लिए अर्जुन छाल का एक टुकड़ा लें और इसे आठ घंटों तक पानी में भींगने दें। फिर इससे काढ़ा बना लें और ठंडा कर इसे नियमित रूप से सेवन करे यह आपके पेट के अल्‍सर को ठीक करने मे मदद करेगा और साथ ही पेट को स्‍वस्‍थ रखेगा।

अर्जुन छाल में उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट हमारी त्‍वचा में होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करते है। अर्जुन छाल को पीसकर इसका घोल चेहरे में लगाने से मुंहासों को कम करने में मदद मिलेगी। इसके लिए आप अर्जुन वृक्ष के पत्‍तों को पीस कर उसमें शहद मिला लें। इस मिश्रण को मुंहासों पर लगाने के 15 मिनिट के बाद इसे गर्म पानी से धो लें। कुछ दिन ऐसा करने से मुंहासे आपके चेहरे से गायब हो जाएगें।

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