जब मौसम बदलता है तो अक्सर एलर्जी ,जुकाम जैसी परेशानियाँ शुरू हो जाती है| इसे में एंटीबायोटिक्स एक हद तक संक्रमण से लड़ने और बैक्टीरिया को शरीर पर हमला करने से रोकते हैं|

मगर इन परम्परागत एंटीबायोटिक्स से शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव भी एक चिंता का विषय हैं | लेकिन एक अच्छी खबर ये है के पेंस्लीन से 10 गुना बेहतर एंटीबायोटिक आपकी रसोई में ही मौजूद है और वो भी बिना किसी दुश प्रभाव के|

इस एंटीबायोटिक् की खासीयत है इसमें इस्तेमाल होने वाले पदार्थ जो 100 % प्राक्रतिक हैं एस लिए आपको डरने की कोई ज़रुरत नही है कियोंकि ये कुदरती तरीके से बना एंटीबायोटिक बिलकुल सुरक्षित है|

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ये औषधि साँस से जुडी समस्याओं जैसे खांसी, दमा ,गले में खराश ,सर्दी और साँस लेने में तकलीफ होना के लिए बेहद लाभकारी है | ये क्रोनिक ब्रोन्काइटिस से भी राहत दिलाती है और बनाने में बहुत ही आसान है |

सामग्री

लहसुन की कलियाँ 7-8
1/2 कप पानी
1/4 कप सेब का सिरका
1/2 कप आर्गेनिक शहद

इस्तेमाल किये जाने वाले पदार्थों के फायदे

ऑर्गेनिक शहद

शहद जीवाणुरोधी और जलन कम करने वाले गुणों से भरपूर होता है जो खांसी और गले की खराश को ठीक करता है |शहद लाभकारी खनिज,विटामिन और एंजाइम से भरपूर होता है | शहद के anti oxidant गुण आपके शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त कर देंगे |

सेब का सिरका

सेब के सिरके में antibacterial और antiviral गुण पाए जाते हैं इसके इलावा उपयोगी एन्ज़ाएम ,खनिज और बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो सम्पूर्ण सेहत के लिए बेहद लाभकारी हैं | सेब के सिरके से आपका immune system मज़बूत होगा जिस से आपको स्वास से जुडी समस्याए कम होंगी |

apple cider vinegar

लहसुन

लहसुन में जीवाणुरोधी और antiviral गुण पाए जाते हैं जो श्वास से जुडी समस्याओं को प्रभावशाली तरीके से ठीक करते हैं | ये आपके रोगप्रतिरोधक क्षमता को बड़ा कर जीवाणुओं और किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है | इसमे पाया जाने वाला allicin तत्व पेंस्लीन से 10 गुना ज़यादा शक्तिशाली है |

सिरप तयार करने की विधि

सबसे पहले लहसुन की कलियों को छोटे टुकड़ों में काट लें
फिर इन कलियों को पीस लें
इसके बाद बाकि की सामग्री इस में डालें और मिक्सर में पीस लें
ध्यान रखें सब चीज़ें अच्छे से आपस में मिल जानी चाहिए
एस मिश्रण को कांच के बर्तन में निकाल लें और रात भर के लिए छोड़ दें
अगले दिन मिश्रण को अच्छे से हिलाएं और किसी ठंडी और अँधेरे वाली जगह पर रख दें जहाँ सूरज की सीधी किरने न पड़ सकें

इस्तेमाल करने का तरीका

अगर आप बीमार हैं तो हर 2 घंटे बाद 1 चमच मिश्रण लें | प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और बिमारिओं से बचने के लिए इसका 1 चमच रोजाना लें|

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