Woman coughing.

खांसी गले में हो रही खराश और उत्तेजना की सहज प्रतिक्रिया होती है। असल में खांसी गले और सांस की नलियों को खुला रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है, पर हद से ज्‍यादा होनेवाली खांसी किसी न किसी बीमारी या रोग से जुड़ी होती है। कुछ खांसी सूखी होती हैं, और कुछ बलगम वाली। तीव्र खांसी अचानक शुरू हो जाती हैं, और सर्दी-जुकाम, फ्लू या सायनस के संक्रमण के कारण होती है। यह आमतौर से दो या तीन हफ़्तों में ठीक हो जाती है। लेकिन पुरानी या दीर्घकालीन खांसी दो तीन हफ्तों से अधिक लंबे समय तक रहती है।

खांसी का आयुर्वेदिक उपचार

  • सौंफ और मिश्री का चूर्ण मुंह में रखने से रह रह कर होने वाली गर्मी की खांसी मिट जाती है।
  • नींबू के रस में 2 चम्मच ग्लिसरीन और 2 चम्मच शहद मिलाकर मिश्रण बना लें और रोजाना इस मिश्रण का 1 चम्मच सेवन करने से खांसी से काफी रहत मिलेगी।
  • लंबे समय तक इलायची चबाने से भी खांसी से राहत मिलती है।
  • तुलसी के पत्तों का सार, अदरक और शहद मिलाकर एक मिश्रण बना लें, और ऐसी गंभीर खांसी के उपचार के लिए लें जो कि तपेदिक और ब्रौन्काइटिस जैसी बीमारियों के कारण शुरू हुई है।
  • अदरक को पानी में 10-15 मिनट के लिए उबाल लें और उसमें एक दो चम्मच शुद्ध शहद मिलकर दिन में तीन चार बार पीये। ऐसा करने से आपका बलगम बाहर निकलता रहेगा और आपको खांसी में लाभ पहुंचेगा।
  • 1 ग्राम हल्दी के पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलाकर लेने से भी सूखी खांसी में लाभ मिलता है।
  • अदरक की चाय का सेवन करने से भी खांसी ठीक होने में लाभ मिलता है।
  • सीने में बलगम के जमाव को निष्काषित करने के लिए अंजीर बहुत ही उपयोगी होते हैं, और खांसी को मिटाने में काफी सहायक सिद्ध होते हैं।
  • लौंग का तेल, अदरक और लहसून का मिश्रण बार बार होने वाली ऐसी खांसी से राहत दिलाता है जो कि तपेदिक, अस्थमा और ब्रौन्काइटिस के कारण उत्पन्न होती है। यह मिश्रण हर रात को सोने से पहले लें।
  • पांच ग्राम अनार की सूखी छाल बारीक कूटकर, छानकर उसमे थोडा सा कपूर मिलायें। यह चूर्ण दिन में दो बार पानी के साथ मिलाकर पीने से भयंकर और कष्टदायक खांसी मिटती है।

 

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