फल सदियों से हमारे भोजन का अभिन्न अंग रहे हैं। प्राचीनकाल में हमारे पूर्वज फलों पर अधिक निर्भर रहते थे। इस प्रकार फलों का इतिहास काफी पुराना है। फल प्रकृति द्वारा हमें दिया गया स्वास्थ्य रक्षा का अचूक नुस्खा है परंतु हम आधुनिकीकरण की अंधी दौड़ में फलों के महत्त्व को भूल गए हैं। जबकि फलों में वह शक्ति विद्यमान है जो कई असाध्य रोगों का भी सरलता से उपचार कर सकती है। बहुत से फल ऐसे हैं जिनका प्रत्येक भाग जैसे कि जड़, तना, छाल, फूल और फल संजीवनी के समान माना गया है।

फलों में अनेक प्रकार के पोषक तत्व उचित मात्रा में रहते हैं। अनेक प्रकार के विटामिन, खनिज लवणों का खजाना हैं फल। फलों की एक विशेषता यह भी है कि ये पोषण प्रदान करने के साथ सुपाच्य भी होते हैं। साथ ही रक्त शुद्धि व पाचन क्रिया में भी सहायता करते हैं, हमारे शरीर में अप्राकृतिक भोजन से जो रोग उत्पन्न होते हैं उन्हें फलों के सेवन से जड़ समेत दूर किया जा सकता है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि फल उपयुक्त आहार के साथ-साथ उपयुक्त औषधि का भी कार्य करते हैं।

fruits and veggies  स्वस्थ तन और मन के लिए करें फलों का नियमित सेवन fruits and veggies

फलों में पोटेशियम, मैग्नेशियम और सोडियम आदि तत्व होने के साथ-साथ रेशा भी होता है जो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार जो व्यक्ति रेशेदार फलों का नियमित प्रयोग करते हैं वे सदैव गंभीर रोगों से बचे रहते हैं। फलों में विद्धमान विटामिनों के कारण शरीर शक्तिवान बना रहता है।

बहरहाल, फलों के उपयोग का सबसे अच्छा तरीका यही है कि भली प्रकार पके हुए फलों का ही सेवन किया जाए। आग पर पकाने से फलों के महत्त्वपूर्ण तत्व नष्ट हो जाते हैं, अत: प्राकृतिक रूप से पके फलों का सेवन ही श्रेयस्कर होता है। हमेशा स्वस्थ रहने व दीर्घजीवी होने का अचूक नुस्खा है- फलों का नियमित सेवन। इसलिए नियमित फलों के सेवन की परंपरा विकसित करें व आजीवन स्वस्थ रहें।

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