अमरुद खाने में स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता हैं। अमरुद में कई पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं। अमरुद में संतरे की तुलना में चार गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता हैं। अमरुद मैग्नीशियम, तांबा, आयरन,फास्फोरस और मैंगनीज जैसे मिनरल्स का अच्छा स्त्रोत हैं।

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1)  कैंसर की संभावना में कमी
अमरूद में विटामिन सी होता है जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाकर हृदय रोग और कैंसर होने की संभावना कम करता है ।अमरुद मुख्य रूप से प्रोस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और मुँह के कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक होता हैं।

2) थायरॉयड ग्रंथि का स्वास्थ्य
अमरूद में तांबा खनिज है जो विशेष रूप से हार्मोन का उत्पादन करना और थायराइड को स्वस्थ रखता है

3) अमरूद खाकर मोटापा घटा सकते हैं
शरीर में मोटापे की मुख्‍य वजह बॉडी का कोलेस्‍ट्राल होता है। अमरूद में मौजूद तत्‍व शरीर से कोलेस्‍ट्रॉल को कम कर देते हैं जिससे मोटापा घट जाता है। तो अगली डाईटिंग शेड्यूल में अमरूद को शामिल करना न भूलें।

4) कब्‍ज से छुटकारा 
अमरूद बॉडी के मेटाबॉल्जिम को बैलेंस रखता है इस वजह से इसके सेवन से कब्‍ज से छुटकारा मिल जाता है।

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5) त्‍वचा पर लाए ग्‍लो
जी हां, अमरूद में मौजूद पौटेशियम के कारण इसके नियमित सेवन से स्‍कीन ग्‍लो करती है और कील मुंहासों से भी छुटकारा मिलता है।

6) नशे को कम करता है
अगर किसी व्‍यक्ति को भांग का नशा भयंकर चढ़ गया हो तो उसे अमरूद के पत्‍तों का रस पिलाने से नशा कम हो जाएगा। रस की बजाय आप अमरूद के पत्‍तों को भी खिला सकते हैं बशर्ते वो नशेड़ी व्‍यक्ति उसे अच्‍छे से चबा ले।

7) मधुमेह संभावना में कमी
खून में शक्कर के स्तर को नियंत्रित करके मधुमेह की संभावना काफी हद तक कम कर देता है|

8) मुंह में छालों से दिलाता है आराम
अगर आपके मुंह में काफी छाले हो गए हैं या फिर अक्‍सर आपको माउथ अल्‍सर की प्रॉब्‍लम बनी रहती है तो आप अमरूद की नई – नई कोमल पत्तियों को सेवन करें। इससे आराम मिलता है।

9) दांत का दर्द
विटामिन सी मसूढ़ों से निकलते खून और अन्य मौखिक संक्रमण को कम करने में मदद करता है।

10) आधाशीशी (आधे सिर का दर्द) 
आधे सिर के दर्द में कच्चे अमरूद को सुबह पीसकर लेप बनाएं और उसे मस्तक पर लगाएं।
सूर्योदय के पूर्व ही सवेरे हरे कच्चे अमरूद को पत्थर पर घिसकर जहां दर्द होता है, वहां खूब अच्छी तरह लेप कर देने से सिर दर्द नहीं उठने पाता, अगर दर्द शुरू हो गया हो तो शांत हो जाता है। यह प्रयोग दिन में 3-4 बार करना चाहिए।”

11) बवासीर (पाइल्स)
1) सुबह खाली पेट 200-300 ग्राम अमरूद नियमित रूप से सेवन करने से बवासीर में लाभ मिलता है।
2) पके अमरुद खाने से पेट का कब्ज खत्म होता है, जिससे बवासीर रोग दूर हो जाता है।
3) कुछ दिनों तक रोजाना सुबह खाली पेट 250 ग्राम अमरूद खाने से बवासीर ठीक हो जाती है। बवासीर को दूर करने के लिए सुबह खाली पेट अमरूद खाना उत्तम है। *मल-त्याग करते समय बांयें पैर पर जोर देकर बैठें। इस प्रयोग से बवासीर नहीं होती है और मल साफ आता है।”

12) नेत्र स्वास्थ्य सुधार
विटामिन ए या रेटिनोल अच्छा नेत्र दृष्टि के लिए जिम्मेदार है। अमरूद रेटिनोल में समृद्ध है, तो आप गाजर को पसंद नहीं करते हैं, तो आप अपनी दृष्टि में सुधार के लिए एक अमरूद की कोशिश कर सकते हैं

13) गठिया रोग
गठिया के दर्द को सही करने के लिए अमरूद की 4-5  नयी कोमल पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर रोजाना खाने से से जोड़ो के दर्द में काफी राहत मिलती है।

14) रक्तचाप नियंत्रण
एक अमरुद में एक केले जितनी मात्रा में पोटैशियम होता है जो रक्तचाप नियंत्रण में मदद करता है |

15) फोड़े-फुंसियों के लिए
जब भी आप फोड़े और फुंसियों से परेशान हो तो अमरूद की 7-8 पत्तियों को लेकर थोड़े से पानी में उबालकर पीसकर पेस्ट बना लें और इस पेस्ट को फोड़े-फुंसियों पर लगाने से आराम मिल जायेगा।

16) खांसी और कफ विकार
यदि सूखी खांसी हो और कफ न निकलता हो तो, सुबह ही सुबह ताजे एक अमरूद को तोड़कर, चाकू की सहायता के बिना चबा-चबाकर खाने से खांसी 2-3 दिन में ही दम तोड़ देती है।

17) शक्ति (ताकत) और वीर्य की वृद्धि के लिए
अच्छी तरह पके नरम, मीठे अमरूदों को मसलकर दूध में फेंट लें और फिर छानकर इनके बीज निकाल लें। आवश्यकतानुसार शक्कर मिलाकर सुबह नियमित रूप से 21 दिन सेवन करना धातुवर्द्धक होता है।

18) प्रतिरोधी क्षमता
अमरूद में संतरे के मुकाबले चार गुना अधिक विटामिन सी होता है। विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाते हैं और कैंसर से लड़ने में शरीर की मदद करते हैं।

19) मानसिक उन्माद (पागलपन)
सुबह खाली पेट पके अमरूद चबा-चबाकर खाने से मानसिक चिंताओं का भार कम होकर धीरे-धीरे पागलपन के लक्षण दूर हो जाते हैं और शरीर की गर्मी निकल जाती है।

20) मलेरिया
मलेरिया बुखार में अमरूद का सेवन लाभकारी है। नियमित सेवन से तिजारा और चौथिया ज्वर में भी आराम मिलता है।

21) हृदय
अमरूद के फलों के बीज निकालकर बारीक-बारीक काटकर शक्कर के साथ धीमी आंच पर बनाई हुई चटनी हृदय के लिए अत्यंत हितकारी होती है तथा कब्ज को भी दूर करती है।

22) अमरुद में विटामिन बी 3 (नियासिन) और विटामिन बी -6 होते हैं जो रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में, मस्तिष्क में रक्त परिसंचरण में सुधार लाने और तंत्रिकाओं को आराम देने में मदद करता है।

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23) अमरुद में फोलिक एसिड या विटामिन बी -9 होते हैं। गर्भवती महिलाओं के अमरुद खाने से बच्चे के तंत्रिका तंत्र के विकास में और मस्तिष्क संबंधी बीमारियों से नवजात शिशु की रक्षा करने में मदद मिलती हैं।

24) अमरूद में विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो खांसी, सर्दी, जुकाम और वायरल संक्रमण के खिलाफ दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है।

25) पेट के दर्द में पके हुऐ अमरूद में नमक मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द कम होता हैं।

26) अमरूद हड्डियों को मजबूत और ताकत प्रदान करता है।

27) पके हुए अमरूद में पौष्टिकता अधिक होती है। क्योंकि यह हीमोग्लोबीन की कमी को दूर करता है। महिलाओं को पका हुआ अमरूद जरूर खाना चाहिए।

28) अमरूद सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि हेल्दी रहने के लिए भी खाना चाहिए. अमरूद से इम्यून सिस्टम बेहतर होता है. अमरूद में विटामिन सी पाया जाता है. दिन में दो बार मीडियम साइज के अमरूद खाएं जाएं तो विटामिन सी की कमी दूर होती है और इम्यूनिटी भी बढ़ जाती है।

29) यदि जुकाम काफी दिनों से हो तो पके हुए अमरूद के बीजों को खायें और उसके बाद पानी पी लें।अमरूद के बीजों को चबाकर खाने से आंतों को फायदा होने के साथ-साथ पेट भी साफ रहता है।

30) अमरूद के इस्तेमाल से ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखा जा सकता है जो कि वर्तमान समय में बहुत ही बड़ी समस्या है. और इसके साथ ही कोलेस्ट्राल को संतुलित करने के लिए भी रोजाना अमरुद का सेवन  करना जरुरी है.

 

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