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गर्मियों में त्वचा झुलसने ना दें, पढ़ें टिप्स


गर्मियों के मौसम में चिपचिपा पसीना, बढ़ा हुआ तापमान, धूल और पानी की कमी का सीधा असर पूरे शरीर की त्वचा पर पड़ता है। धूप में शरीर का जो हिस्सा एक्सपोज्ड रहता है वह झुलस जाता है। बहुत लंबे समय तक सनबर्न होता रहे तो त्वचा पर उम्र का असर दिखाई देने लगता है। त्वचा कांतिहीन हो जाती है और उम्र से पहले बुढ़ापा दिखाई देने लगता है।

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  • गर्मियों के मौसम में होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है लेकिन इसके लिए आपको अपनी जीवनशैली में चंद परिवर्तन करना होंगे। याद रहे कि सनबर्न का असर गोरी और काली चमड़ी पर समान रूप से पड़ता है। यह गलत धारणा है कि काली त्वचा  वालों को सनबर्न नहीं होता।
  • बाहर निकलने से पहले खूब सारा पानी पी लें क्योंकि गर्मियों में शरीर की नमी तेजी से निकल जाती है। हीट स्ट्रोक होने का भी यही एक बड़ा कारण है। छाछ, कैरी का पना, शरबत और रसीले फल शरीर की नमी को बरकरार रखते हैं।
  • हमेशा चौड़ा हैट पहनें और गो-गो गॉगल्स लगाकर ही बाहर निकलें। हल्के रंग के कपड़े पहनें क्योंकि ये तापमान नहीं सोखते। कॉटन के कपड़ों से आपको ताजी हवा मिलती रहेगी जो दूसरे सिंथेटिक कपड़ों में संभव नहीं मिलती।
  • इन दिनों हमारे देश मे विदेशी फल भी मिलने लगे हैं जो पहले दिखाई भी नहीं देते थे। इनमें कीवी फ्रूट को शरीर की नमी बनाए रखने के लिए खासतौर पर शोहरत हासिल है।
  • सनस्क्रीन बाहर निकलने से 20 मिनट पहले लगा लें क्योंकि इसे जज्ब होने में इतना समय लगता है। पूरे दिन में कई बार सनस्क्रीन लगाएं। यदि आपको इसकी तैलीय प्रकृति नापसंद हो तो आप इसमें कैलामाइन लोशन या टैल्कम पाउडर  मिला लें।
  • हमेशा कम से कम 30 एसपीएफ की सनस्क्रीन क्रीम लगाकर ही बाहर जाएं। कोशिश करें कि सुबह 11 बजे से पहले ही काम पर पहुंच जाएं। शाम को 5 बजे के बाद ही निकलें।

शरीर की नमी को बनाए रखने का एक घरेलू उपाय भी है-

  • खूबानी और शहद से बने लोशन से त्वचा गुलाब की पत्तियों जैसी नर्म और मुलायम हो जाती है।
  • यदि किसी वजह से सनबर्न हो गया है तो वहां बर्फ की थैली रखें और तापमान को कम करने की कोशिश करें। सनबर्न वाले हिस्से की त्वचा को एक्सफोलिएट करने की जरूरत नहीं है और न ही यहां कोई मास्क लगाएं।
  • कई बार महिलाओं के पास इतना सब करने के लिए समय ही नहीं होता। वे नहाते समय आखिरी मग के पानी में मैंथॉल, शैमोमिल या लैवेंडर का ऐसेंशियल ऑइल मिलाकर नहा लें। इससे मृत त्वचा को हटाने में मदद मिलती है।
  • मुल्तानी मिट्टी में कद्दूकस किया हुआ आलू और नींबू का रस मिला लें। इस पैक को लगाकर सूखने दें। बाद में पानी से साफ कर लें। इससे मृत त्वचा पूरी तरह निकल जाएगी।
  • नहाने के लिए गुलाब की ताजा पत्तियों को तुलसी के पत्तों के साथ गुनगुने पानी में डाल दें। अब इससे नहा लें। यह चमकीली कांति हासिल करने का रामबाण नुस्खा है।
  • ऑइली त्वचा गर्मियों के मौसम में परेशानी का सबब बन जाती है। पसीने में बैक्टेरिया पैदा हो जाते हैं जो एक्ने और पिंपल का कारण भी बनते हैं। ऐसी त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी का पैक एक वरदान है। इससे त्वचा में से अतिरिक्त तेल और गंदगी बाहर निकल आती है।
  • सनबर्न ठीक होने का इंतजार करें ताकि त्वचा और अधिक क्षतिग्रस्त न हो। सघन सनबर्न की स्थिति में किसी त्वचारोग विशेषज्ञ की सलाह लेने में ही फायदा है।
  • मुल्तानी मिट्टी के पैक के बाद ऑइली स्किन के लिए बनाया गया विशेष एस्ट्रिजेंट का प्रयोग करें इससे घंटों तक तेल रहित चमकदार त्वचा हासिल की जा सकती है। ऐसे फेसवॉश जिसमें सैलिसिलिक ऐसिड शामिल हो, तैलीय त्वचा के लिए मुफीद माने जाते हैं।
  • टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का जूस  का प्रयोग करें। इसका प्रयोग दिन में दो बार किया जा सकता है। याद रहे कि ताजे टमाटर विटामिन-सी से भरपूर होते हैं। इन्हें अपनी रोजाना की खुराक में जरूर शामिल करें। इसमें लायकोपीन नामक एक रसायन होता है जो झुर्रियों को दूर रखने में मददगार साबित होता है। इसी तरह संतरा और उसका रस भी उम्र को परे धकेलने में सहायक होता है।
  • उबले हुए दूध में आधा नींबू का रस निचोड़ लें। अब इसमें एक चम्मच ग्लीसरीन मिला लें। इसे पूरे शरीर पर लगाकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें। बाद में नहा लें।
दादी नानी तथा पिता दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा। यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं। इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें। रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं। उसी की यहाँ जानकारी दी गई है। इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है। किसी भी दवा, योग और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें।

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