क्या आप आइसक्रीम खाने या हॉट कॉफी पीने की कल्पना से ही डर जाते हैं? इन संवेदनशील दाँतों के कारण आप अपने मनपसंद खानपान से मजबूरन दूर हो जाते हैं। दाँतों के संवेदनशील होने के बहुत कारण होते हैं। आमतौर पर दाँतों की सही तरह से देखभाल करने के लिए डेन्टिस्ट की सलाह लेना ही अच्छा होता है। हालांकि उससे पहले आप इन घरेलू चीजों को ट्राई करके देख सकते हैं। इन घरेलू उपायों से आप 60 सेकेंड में दाँत का दर्द दूर कर सकते हैं।

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प्रोपोलीस

प्रोपोलीस  एक प्रकार का वैक्स या मोम जैसा होता है जो कुछ पौधों के कली और मधुमक्खियों के ग्लैन्ड से जो पदार्थ निकलता है उन दोनों को मिलाकर बनाया जाता है। यह दांतों की संवेदनशीलता की समस्या से कुछ हद तक राहत दिलाता है।

अजवाइन तेल

अजवाइन का तेल एन्टिसेप्टिक और पेन किलर का काम करता है। संवेदनशील दाँतों के ऊपर अजवाइन का तेल लगायें और इससे राहत पायें।

बेकिंग सोडा

दांत के भीतर के संवेदनशील भागों की सुरक्षा के लिए सबसे ऊपर एक परत होती है, जिसे एनामेल कहते हैं, लेकिन खान-पान की बुरी आदतों और कई अन्य वजहों से यह परत पतली हो जाती है और दांतों में प्लॉक जमने लगता है। प्लाक दांतों को पीला करके सड़ा देता है। प्लाक को हटाने के लिए बेकिंग सोडे का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें और फिर दांतों में लगाएं। कुछ देर उंगली से मलकर कुल्ला कर लें।

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तिल का तेल

तिल का तेल मुँह के भीतर अच्छी तरह से लगाने से आश्चर्यजनक रूप से काम करता है। ये मुँह के जीवाणु को नष्ट करके एनामेल से जो मिनरल निकल जाते हैं उसको वापस लौटाने में मदद करते हैं। ये मसूड़ों को मजबूत करने के साथ-साथ संवेदनशीलता से राहत दिलाता है।

नमक

एक ग्लास पानी में दो छोटे चम्मच नमक डालकर उसको माउथ क्लिनर जैसा इस्तेमाल करने पर दांतों की संवेदनशीलता में बहुत लाभ मिलता है।

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सरसों का तेल और सेंधा नमक

सेंधा नमक का एन्टी बैक्टिरीअल गुण दांतों की संवेदनशीलता से जल्दी राहत दिलाता है। सरसों का तेल मसूड़ों को मजबूती प्रदान कर मसूड़ों के कारण जो संवेदनशीलता होती है उससे राहत दिलाता है। एक छोटा चम्मच सेंधा नमक में एक छोटा चम्मच सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह से मिला लें और उस पेस्ट से दाँत और मसूड़ों की अच्छी तरह से मसाज़ करें। पाँच मिनट के बाद गुनगुने गर्म पानी से मुँह को धो लें।

लौंग तेल

लौंग में एन्टी-इन्फ्लैमेंटरी, एन्टी-बैक्टिरीअल और एनिस्थेटिक गुण होने के साथ-साथ एन्टीऑक्सिडेंट गुण भी होते है। ये इन्फेक्शन से लड़ने के साथ-साथ दांत के दर्द से राहत दिलाता है। लौंग के तेल में रूई को भिगोकर दाँत पर लगायें और संवेदनशीलता से राहत पायें।

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