Thyroid Diet

आयोडीन

थायराइड हम थायराइड हार्मोन का उत्पादन करने के लिए खाना खाने से आयोडीन अवशोषित। प्रतिकूल शरीर प्रभावशाली – अपर्याप्त आयोडीन का स्तर अक्सर हार्मोन बिगड़ जाने बनाते हैं। उनके प्रसव उम्र में महिलाओं को अक्सर आयोडीन की कमी होना पाया जाता है। इस कमी आहार में नोरी, kombu, Wakame और Hijiki तरह समुद्री शैवाल युक्त खाद्य पदार्थों को जोड़ने के द्वारा किया जा सकता है। ये आयोडीन के प्राकृतिक स्रोत हैं। लेकिन मात्रा के साथ सावधान रहना। आयोडीन की overconsumption लक्षण बदतर बना रही है, थायराइड की समस्याओं का कारण बनता है।

सेलेनियम

यह खनिज उत्पादन और T3 के स्तर को विनियमित करने के लिए आवश्यक है। अपने आहार के लिए स्नैपर, ट्यूना, बछड़ा जिगर, Shitake मशरूम, झींगा, कॉड और ब्राजील नट की तरह स्वाभाविक रूप से सेलेनियम युक्त भोजन विकल्प शामिल हैं।

नारियल तेल

थायराइड के मरीजों को नारियल तेल का सेवन करने की सलाह दी जाती है। हालांकि यह एक स्वस्थ विकल्प हो सकता है, लेकिन यह थायराइड की बीमारी के लिए इलाज नहीं है। लेकिन यह अपने आहार में अतिरिक्त वसा और तेल को बदलने के लिए सिर्फ एक थायराइड के अनुकूल विकल्प जरूर है।

दूध और दही

दूध और दही में विटामिन, खनिज, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। दही खाने से शरीर की प्रतिरक्षा भी बढ़ती है। दूध और दही आदि का सेवन थायराइड रोगियों के लिए काफी मददगार होता है।

फल और सब्जियां

फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स का प्राथमिक स्रोत होती हैं, जो शरीर को रोगों से लड़ने में मदद करते हैं। सब्जियों में पाया जाने वाला फाइबर पाचन प्रक्रिया को मजबूत बनाता है। हरी पत्तेदार सब्जियों थायरॉयड ग्रंथि के लिए लाभकारी होती हैं। हाइपरथायराइडिज्म के कारण हड्डियों को पतली और कमजोर होने से बचाने के लिए हरी और पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। इनके सेवन से विटामिन- डी और कैल्शियम मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। लाल और हरी मिर्च, टमाटर और ब्लूबेरी शरीर को बड़ी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं। साथ ही रोगी को फलों का सेवन भी करना चाहिए।

मछली

थायराइड में मछली फायदेमंद होती है। समुद्री मछली में आयोडीन काफी मात्रा में पाया जाता है। समुद्री मछलियों जैसे, झींगा शैलफिश आदि में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। इसके अलावा ट्यूना, सामन, मैकेरल, सार्डिन, हलिबेट आदि मछलियों में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है, जो थाइराइड में लाभदायक होता है।

साबुत अनाज

साबुत अनाज में विटामिन, खनिज और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। अनाज के सेवन से शारीरिक रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ जाती है। पुराने भूरे रंग के चावल, जई, जौ, ब्रेड, पास्ता और पॉप कॉर्न आदि साबुत अनाज के स्‍वादिष्‍ट और पौष्टिक स्रोत हैं।

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