गर्दन में आई मरोड़ की जकड़न हल्की से लेकर गंभीर, तीखे दर्द वाली तक हो सकती है। हल्की, जरा सी मरोड़ के ऊपर होम ट्रीटमेंट अच्छी तरह से काम करते हैं, लेकिन गर्दन में आई गंभीर मरोड़ या क्रोनिक नेक पेन को प्रोफेशनली ट्रीट कराए जाने की जरूरत होती है। यहाँ पर गर्दन की मरोड़ से राहत पाने की कोशिश करते वक़्त यूज किए जाने के लायक कुछ कॉमन मेथड्स दी हुई हैं।

कोल्ड और वार्म पैक्स देते रहें: दोनों ही कोल्ड और वार्म पैक्स, गर्दन की मरोड़ से राहत पाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन बेस्ट रिजल्ट्स के लिए, आपको उन्हें बदल-बदल कर यूज करने के बारे में सोचना चाहिए।

  • पहले कुछ 7 से 20 मिनट्स तक एक आइस पैक अप्लाई करते हुए शुरुआत करें। ठंडक से इन्फ़्लैमेशन कम होती है और इसे पहले ही अप्लाई करना चाहिए। फ़्रोजन वेजिटेबल्स के एक बैग या टॉवल में लिपटे हुए आइस भी ठीक तरह से कमकारेंगे, लेकिन आपको आइस को कभी भी सीधे स्किन पर नहीं अप्लाई करना चाहिए।
  • वार्म शावर लें, गरम पानी यूज करें या फिर अपनी गर्दन के पीछे एक हॉट वॉटर बॉटल यूज करें या लो पर सेट किया हुआ एक हीटिंग पैड यूज करें। 10- से 15-मिनट्स या उससे कम सेग्मेंट्स में हीट अप्लाई करें।[२] हीट दर्दभरी मसल्स को आराम पहुँचाती है, लेकिन अगर इसे बहुत जल्दी-जल्दी अप्लाई किया जाए, तो ये इन्फ़्लैमेशन को और भी बदतर बना सकती है।
  • अपनी गर्दन को इन दोनों से ब्रेक दें। आप जरूरत के मुताबिक दिनभर ठंडे और गरम के बीच में बदलते रह सकते हैं, लेकिन आपको इनके बीच में अपनी मसल्स को 30 मिनट्स का ब्रेक देना चाहिए, ताकि आपकी गर्दन के पास में अपने आप ही स्टेबलाइज होने का मौका रहे।

अपनी गर्दन को आराम दें: दिनभर में कई बार अपनी पीठ के बल लेट जाएँ, ताकि आपकी गर्दन के पास में, आपके सिर को अपने ऊपर रखे रहने के तनाव से ब्रेक पाने का मौका रहे।

  • अपने पेट के बल पर मत लेटें, क्योंकि ऐसा करने के लिए आपको अपनी गर्दन को ट्विस्ट करना होगा। आपके लेटने पर, आपकी गर्दन को स्ट्रेट रहना चाहिए।
  • अगर आपकी गर्दन में आई अकड़न इतनी गंभीर नहीं है, कि आपको लेटने की जरूरत पड़े, तो आपको कुछ दिनों के लिए अपनी एक्टिविटी को जरूर कम कर देना चाहिए। कम से कम पहले 2 या 3 हफ्तों तक हैवी लिफ्टिंग (वजन उठाने) या ट्विस्ट करने की कोशिश मत करें। जॉगिंग, फुटबाल, गोल्फ, बैले, वेटलिफ्टिंग या दूसरी जोरदार एक्सर्साइज़ से बचकर रहें।
  • हालांकि, बहुत ज्यादा भी आराम मत करें। अगर आप सारा दिन सिर्फ लेटे रहने के अलावा और कुछ नहीं करेंगे, तो आपकी गर्दन की मसल कमजोर हो जाएगी। एक रिजल्ट के तौर पर, जब आप अपनी रोज़मर्रा की एक्टिविटीज को शुरू करने के लिए फोर्स करते हैं, तब आप अपनी गर्दन को वापस चोट पहुँचाने के रिस्क में रहते हैं। दिनभर के दौरान रेस्ट और बिना-तनाव वाली एक्टिविटी के बीच में बदलाव करते रहें।

अपनी गर्दन की आराम से मसाज करें: करीब 3 मिनट्स के लिए, अपनी उँगलियों की मदद से, मरोड़ के पास रब करें।

  • बहुत ज्यादा प्रैशर भी मत अप्लाई करें और अगर हल्के से प्रैशर से भी आपकी गर्दन को चोट पहुँच रही हो, तो फौरन रुक जाएँ।
  • अगर आप दर्द की वजह से अपनी आर्म्स को पीछे नहीं झुका पा रहे हैं, तो किसी फ्रेंड या फैमिली मेम्बर से उस एरिया को रब करने में आपकी मदद करने की मांग करें।

अपने पोस्चर का ध्यान रखें: जब आप बैठते हैं और लेटते हैं, तब आपकी गर्दन को लगभग स्ट्रेट ही रहना चाहिए, लेकिन पोजीशन को मेंटेन करने के लिए अपनी गर्दन को ज़ोर से होल्ड मत करें।

  • क्योंकि गर्दन की मरोड़ को वापस आने से रोकने के लिए एक अच्छा पोस्चर बनाए रखना जरूरी होता है, इसलिए ये ट्रीटमेंट शॉर्ट-टर्म होने के बजाय लॉन्ग-टर्म होता है।
  • सोते वक़्त अपनी पीठ या साइड पर लेट जाएँ। अपने पेट के बल पर न सोएँ, क्योंकि ऐसा करने से आपकी गर्दन एक अजीब सी पोजीशन में ट्विस्ट हो जाती है। सुनिश्चित कर लें, कि आपका पिलो बहुत ज्यादा ऊँचा नहीं है, जिसकी वजह से आपकी गर्दन मुड़ रही है, लेकिन साथ ही ये इतने भी ज्यादा नीचे नहीं हैं,कि इनसे आपको कोई सपोर्ट ही न मिले।
  • अपने सिर को नीचे झुकाए रखे या सामने की तरफ किए हुए काफी देर तक बैठे रहने से बचें। स्ट्रेच करने के लिए और मूव करने के लिए सारा दिन ब्रेक्स लेते रहें।

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