ओट में इनोजिटॉल पाया जाता है, जो ब्लड कोलेस्ट्रॉल लेवल को बरकरार रखने का एक बेहतरीन स्रोत है। ओटमील और ओट के चोकर में पर्याप्त डाइटरी फाइबर होता है। इसमें पाया जाने वाला सॉल्युबल फाइबर डाइजेस्टिव ट्रैक्ट को दुरुस्त रखने में मदद करता है। दरअसल, गर्मियों में अकसर लोगों को तमाम तरह की पेट की समस्याएं मसलन एसिडिटी, जलन और डाइजेशन की प्रॉब्लम होती है। बावल मूवमेंट्स को नियमित करने के लिए फाइबर की जरूरत होती है।

oats

  • आधा कप रोल्ड ओट्स, एक चौथाई पाउडर मिल्क, 2 चम्मच शहद को मिलाकर एक जालीदार कपड़े में बांध दें और टाँक दें। इसे नल के नीचे बांध लें और शानदार स्नान का आनंद लें। आप इसमें खुशबू के लिए खुशबूदार तेल भी मिला सकते हैं।
  • ओटमील फेसपैक त्वचा को कोमल और कांतिमय बनाता है। यह एक बेहतरीन ब्यूटी एन्हेंसर है। यह त्वचा को चमकदार बनाता है।अत्यधिक रूखी त्वचा और एग्जीमा को दूर करने के लिए ओटमील बाथ लेना अच्छा उपाय है। यह त्वचा की जलन को दूर करता है। इसके लिए 500 ग्राम ओट की भूसी को 1 लीटर पानी में बीस मिनट तक उबालें। फिर छानकर ठंडा करें और उस पानी से नहाएं।
  • ओट्स में पर्याप्त फाइबर होने के कारण इसे अपने आहार में शामिल करना अच्छा होता है।ओट्स के प्रयोग से आप कई तरह के फेस पैक और स्क्रब बना सकते हैं।
  • आपने सुना होगा कि दिन की अच्छी शुरुआत करने के लिए ब्रेकफस्ट बहुत जरूरी होता है। तो यह जान लें कि दिन की शुरुआत के लिए एक बोल ओटमील से अच्छा कोई दूसरा मील नहीं है।
  • अगर आप डाटबिटीज और ब्लड शुगर की समस्या से ग्रस्त हैं तो ओट का सेवन करें। क्योंकि यह शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन को नियंत्रित रखता है। एक नए शोध से यह पता चला है कि 2-18 साल के बीच के बच्चे, जो नियमित रूप से ओटमील लेते हैं, उनमें ओबेसिटी होने का खतरा बहुत कम होता है। शोध से यह भी पता चला है कि जिन बच्चों की डाइट में ओटमील शामिल होता है उनमें 50 प्रतिशत कम वजन बढने की संभावना होती है।
  • इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, विटमिन बी-कॉम्प्लेक्स और मैग्नीशियम होता है, जो नर्वस सिस्टम के लिए बहुत जरूरी होता है। गर्मी के कारण चक्कर, दिल घबराने जैसी आम समस्याओं में यह बहुत लाभदायक होता है।
  • पके हुए ओट्स शरीर से अतिरिक्त फैट कम करते हैं, वहीं अनरिफाइंड ओटमील स्ट्रेस को कम करता है। हाई फाइबर होने के कारण यह बावल कैंसर से बचाता है। साथ ही हृदय रोग के खतरों से दूर रखता है।
  • ओट में पर्याप्त फाइबर होने के कारण इसे अपने आहार में शामिल करना अच्छा होता है। इसमें सॉल्युबल और अनसॉल्युबल दोनों प्रकार के फाइबर होते हैं। अनसॉल्युबल पानी में नहीं घुल पाता। यह स्पॉन्जी होता है। जो कब्ज को दूर करने में मदद करता है। साथ ही पेट खराब होने से भी बचाता है।
  • खोई हुई रंगत और कोमलता पाने के लिए ओट स्क्रब लगाएं। इसके लिए 2 टेबल स्पून ओटमील, 2 टी स्पून ब्राउन शुगर, 2 टेबल स्पून एवोकैडो और 5-6 बूंद रोज एसेंशियल ऑयल मिलाकर पेस्ट बनाएं और गीली त्वचा पर इससे हलका मसाज करें। गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। पूरे शरीर पर लगाने के लिए इसकी मात्रा बढा सकते हैं।
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