बेशक, कम मात्रा में कैफीन लेने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसका बहुत ज्‍यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता हे। जानें इसके साइड इफेक्‍ट-

मूत्रवर्धक

जी हां, यह अक्‍सर यूरीन के साथ आपके शरीर को तरल पदार्थ से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। जब आप अपने पेय के रूप में चाय, कॉफी या सोडा लेते हैं तो आपको हर थोड़ी देर के बाद टॉयलेट जाने की संभावना बढ़ जाती है। शरीर से इतना ज्‍यादा तरल पदार्थ निकलने से आपको निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है।कैफीन के मूत्रवर्धक प्रभाव कुछ लोगों में मतली पैदा कर सकता है। बहुत ज्यादा कैफीन पीने के बाद कुछ लोग उल्टी करने लगते हैं, लेकिन यह बहुत ही दुर्लभ लक्षण है। हालांकि, मतली की भावना आम है।

हार्ट रेट का बढ़ना

कैफीन तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करती है, जिसके कारण दिल पर अधिक दबाव पड़ता है। इस अतिरिक्त कार्य को समायोजित करने के लिए, हार्ट रेट विशेष रूप से तेज हो जाता है। इसलिए दिल की समस्‍या या अनियमित धड़कन से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।आपने अक्‍सर देखा होगा कि लोग परीक्षा या किसी मीटिंग की तैयारी के लिए रात को पढ़ने के लिए कॉफी का इस्‍तेमाल करते हैं। और क्‍यों नहीं करना चाहिए, यह आपको जागने और सतर्क रहने में मदद करती है। लेकिन इस बात से भी आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए, बहुत ज्‍यादा कॉफी पीने से आपके सोने के तरीके में हस्‍तक्षेप हो सकता है। इसलिए सोने से पहले कैफीन का सेवन अच्‍छा नहीं होता है।

heart rate

विकास मे बाधा

दूध, जूस और पानी जैसे स्‍वस्‍थ पेय के स्‍थान पर बहुत ज्‍यादा कैफीन लेने वाले बच्‍चों को वृद्धि और विकास के लिए उचित मात्रा में पर्याप्‍त पोषण नहीं मिल पाता है। इसके अतिरिक्त, कैफीन बच्‍चे की भूख को कम करता है और ऐसा होने पर वह आहार से पर्याप्त पोषण नहीं ले पाते।बहुत अधिक मात्रा में तो लोग ज्‍यादा कैफीन पीने के बाद शरीर में कंपन या तनाव का अनुभव करते हैं। ऐसा तंत्रिका तंत्र पर अधिक उत्तेजना के कारण होता है।जो लोग शरीर पर कैफीन के प्रभाव को सहन करने में असमर्थ होते है, उन लोगों में यह चिंता का कारण बन सकता है। और कुछ मामलों में ऐसे लोगों अवसाद के लक्षणों का अनुभव हो सकता है।

सिरदर्द की शिकायत

दैनिक कैफीन का प्रयोग अधिक से अधिक 500 से 600 मिलीग्राम एक दिन ( या कॉफी के बारे में छह से आठ कप) के रूप में परिभाषित किया गया है। कैफीन थकान या उनींदापन से अल्पकालिक राहत प्रदान करता है। लेकिन बहुत ज्यादा कैफीन के सेवन से कुछ प्रतिकूल दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हर कोई कैफीन के ज्‍यादा सेवन से मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र में उत्तेजना की वृद्धि को सहन नहीं कर पाता। बहुत ज्यादा कैफीन, मस्तिष्क पर उत्तेजक प्रभाव के कारण सिर दर्द का कारण हो सकता है। दर्द की तीव्रता भिन्न होने के कारण यह अन्य चिकित्सा समस्याओं के साथ भ्रमित कर सकता है। माइग्रेन के साथ लोगों को विशेष रूप से कैफीन के सेवन से बचना चाहिए।

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बोन मास डेंसिटी कम होना

कैफीन आपके रक्तचाप को बढ़ता है। हालांकि यह प्रभाव अस्थायी होता है, लेकिन अगर आप बहुत अधिक मात्रा में कॉफी पीते हैं, तो यह स्थायी उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है। आप अपने कान और सिर दर्द में बस  अनुभव से बढ़ते हुए रक्तचाप के प्रभाव को महसूस कर सकते हैं। अगर आप इन समस्याओं से पी‍डि़त है तो आपको अवश्‍क रूपव से कॉफी को छोड़ने के बारे में सोचना चाहिए।एक साल तक एक दिन में तीन कप कॉफी से अधिक पीना बोन मास डेंसिटी को कम करता है। इसका मतलब आप ऑस्टियोपोरोसिस के विकास के उच्च जोखिम पर हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी से महिलाएं कमजोर हड्डियों के कारण पीड़ित होती है।

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