मुलेठी एक प्राचीन और उपयोगी औषधि है। यह कई तरह की बीमारियों को दूर करती है। मुलेठि पेट के अल्सर में फायदा करती है। मुलेठी आपको किसी भी पान की दुकान व जर्नल स्टोर पर आसानी से मिल जाती है। मुलेठी में अंदर से पीली और हल्की गंद वाली होती है। मुलेठी हर उम्र के इंसान के लिए बेहद उपयोगी चीज है।

आयुर्वेद के अनुसार मुलेठी अपने गुणों के कारण ही बढ़े हुए तीनों दोषों वात, कफ और पित्त को शांत करती है। कोई भी समस्या न हो तो भी कभी-कभी मुलेठी का सेवन कर लेना चाहिए आँतों के अल्सर ,कैंसर का खतरा कम हो जाता है तथा पाचनक्रिया भी एकदम ठीक रहती है

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यदि मुख सूखा लग रहा हो तो मुलेठी को बार-बार चूसने से मुख का सूखपन दूर हो जाता है। मुलेठी में 50 प्रतिशत पानी की मात्रा होती है।मुलेठी पेट के रोग, सांस संबंधी रोग, स्तन रोग, योनिगत रोगों को दूर करती है।

आइये जाने मुलेठी के फायदे

पित्‍त दूर करे

यह ठंडी प्रकृति की होती है और पित्त का नाश करती है।

गले की समस्या

यदि गले में खराश हो रही हो तो मुलेठी को चूसना चाहिए। यह गले को ठीक करने के साथ आवाज को भी मधुर बनाती है।

सूखी खांसी में लाभदायक

मुलेठी को काली-मिर्च के साथ खाने से कफ ढीला होता है। सूखी खांसी आने पर मुलेठी खाने से फायदा होता है। इससे खांसी तथा गले की सूजन ठीक होती है।

टीबी रोग में फायदेमंद

मुलेठी आंतों की टीबी के लिए भी फायदेमंद है।

सुंदरता के लिए

मुलेठी महिलाओं की सुंदरता को बढ़ाती है। मुलेठी के 1 ग्राम चूर्ण को पानी के साथ सेवन करने से सुंदरता लंबे समय तक टिकी रहती है।

मासिक संबंधी रोग में

जिन महिलाओं को मासिक संबंधी परेशानी होती हो वे 1 महीने तक आधा चम्मच मुलेठी के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर सुबह और शाम चाटने से इस समस्या में लाभ देगा।

जल जाने पर

जलने पर मुलेठी और चन्दन के लेप से शीतलता मिलती है.

कफ के लिए

कफ दूर करने के लिए मुलेठी को काली मिर्च के साथ सेवन करने से कफ कम हो जाता है। सूखी खांसी में मुलेठी के सेवन से फायदा मिलता है और यह गले की सूजन को भी ठीक करती है।

आंखों की रौशनी बढ़ाए

मुलेठी के चूर्ण से आँखों की शक्ति भी बढ़ती है सुबह तीन या चार ग्राम खाना चाहिये।

दिल के रोग से बचाए

लगभग ४ ग्रा. मुलेठी का चूर्ण घी या शहद के साथ लेने से ह्रदय रोगों में लाभ होता है।

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खून बढाए

इसके आधा ग्राम रोजाना सेवन से खून में वृद्धि होती है।

पेट के अल्सर में

पेट के अल्सर को ठीक करने में मुलेठी एक अचूक औषधि है। मुलेठी का चूर्ण अल्सर के अपच और हाइपर एसिडिटी को दूर करता है। और तेजी से अल्सर के घावों को भी भरता है।

फोड़े हो जाने पर

फोड़े होने पर मुलेठी का लेप लगाने से जल्दी ठीक हो जाते है।

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खून की उल्टी में

यदि किसी को खून की उल्टी हो रही हो तो दूध में मुलेठी का चूर्ण डालकर रोगी को पिला दें। या शहद के साथ मुलेठी का चूर्ण मिलाकर रोगी को चटा दें।

मुंह के छालों से राहत

इसके चूर्ण को मुंह के छालों पर लगाने से आराम मिलता है।

ताकत बढ़ाए

रोज़ ६ ग्रा. मुलेठी चूर्ण , ३० मि.ली. दूध के साथ पिने से शरीर में ताकत आती है।

शरीर को अन्दरूनी चोट से बचाए

मुलेठी एंटीबायोटिक दवा का काम भी करती है।  जो शरीर में बैक्टिरिया से लड़ने में सक्षम होती है। यह अन्दरूनी चोटों में भी फायदा करती है।

मांसपेशियों एवं जोड़ों के दर्द से राहत

बड़े-बुजुर्गों के साथ-साथ आजकर युवाओं के भी शरीर के जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रहती है। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए मुलेठी का सेवन करें। इसकी जड़ों को पूरी रात पानी में भींगने के लिए छोड़ दें। सुबह में इसके पानी को पीएं। इसे आजमाने से पुराने से पुराने जोड़ों एवं मांसपेशियों के दर्द से काफी हद तक राहत मिलती है।

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कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल की बीमारी में

दिल की बीमारी को ठीक करने में भी मुलेठी का सेवन काफी असरदार होती है। एक शोध से पता चला है कि मुलेठी के जड़ को खाने से कोलेस्ट्रॉल और ट्रिगील्सेराइड  में काफी कमी आती है, जिससे हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।

लीवर को मजबूत बनाने में

मुलेठी के सेवन से लीवर काफी मजबूत होती है। लिवर से निकलने वाले बाइल जूस के स्राव में भी मुलेठी काफी असरदार होती है। कीमोथेरेपी से लीवर को जो नुकसान पहुंचती है उसमें भी मुलेठी का सेवन लिवर को बचाने का काम करती है। यह लीवर के अंदर होने वाली फ्री रेडिकल डैमेज को कम करती है। यही कारण है कि डॉक्टर हेपाटाइटिस बी की बीमारी में मुलेठी खाने की सलाह देते हैं।

सावधानी

  • उच्च रक्त चाप
  • रक्त में पोटाशियम की मात्रा कम होना
  • सोडियम की मात्रा ज्यादा होना
  • सूजन और फूलना
  • तरल पदार्थ में कमी
  • समय से पहले प्रसव
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