शरीर का कायाकल्प। रोगी को निरोग, बूढ़े को जवान और नामर्द को मर्द बना दे त्रिफला अवलेह का नियमित सेवन।

triphala_powder

त्रिफला अवलेह

3 ग्राम त्रिफला चूर्ण (आंवला, हरड़, बहेड़ा तीनो 1:2:3 के अनुपात से अर्थात एक भाग हरड़, दो भाग बहेड़ा, तीन भाग आंवला के चूर्ण को मिला कर बनाया हुआ चूर्ण) में 1 ग्राम तिल का तेल और 6 ग्राम शहद मिलाकर रोज़ाना खाली पेट गुनगुने पाने के साथ और रात को सोते समय गर्म दूध के साथ ले, इस से पेट और धातु सम्बंधित सब रोग दूर हो कर काय पलट जाती हैं। ऋषियों ने यहाँ तक कहा हैं के एक मास निरंतर प्रयोग करने से रोगी को निरोग, बूढ़े को जवान और नामर्द को मर्द बना देता हैं। इसके सेवन करने से शरीर की चमक बढ़ती हैं, बवासीर, गर्मी, सुजाक, दाद, खांसी, दमा, बुखार, मर्दाना कमज़ोरी, आदि कई बिमारिया जड़ से खत्म हो जाती हैं।

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