हमारे शरीर का अनमोल अंग हृदय है, जो 24 घंटे अपने काम में लगा रहता है। लेकिन हमारी खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान के तरीको की वजह से हार्ट ब्लॉकेज काफी आम समस्या बनती हुई नज़र आ रही है।

अगर हृदय की नलियों में ब्लॉकेज होना शुरु हो रहा है तो इसका साफ मतलब है कि रक्त में एसिडिटी बढ़ गई है। एसिडिटी भी दो प्रकार की होती है जिसमें एक तो पेट की एसिडिटी होती है और दूसरी रक्त की।

हृदय की नलियां ब्लॉक होने से हार्ट अटैक होता है इसलिये आज हम आपको आयुर्वेदिक उपचार बताने वाले हैं जो काफी सरल है। जब रक्त में अमलता एसिडिटी बढ़ जाती है, तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करें जो छारीय होती हैं। छारीय चीज़ें खाने से रक्त में बढ़ी एसिडिटी कम हो जाती है और आप हार्ट ब्लॉकेज से हमेशा के लिये बचे रह सकते हैं।

हार्ट अटैक से बचने के तरीके :

आपने लोगों को कहते सुना होगा- ‘दिल पे मत ले यार’ इसके पीछे यह कारण है कि दिल शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है और कोई भी चीज इसे आसानी से नुकसान पहुंचा सकती है। जब कोई व्यक्ति भावनात्मक तनाव महसूस करता है व्यक्ति का दिल सबसे पहले प्रभावित होता है जो कि हार्ट अटैक का कारण बनता है।

इस इमोश्नल दर्द से होने वाले हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुले दिमाग से तनाव रहित रहें। इसके अलावा हार्ट अटैक से बचने के कुछ और तरीके भी हैं जैसे कि ज्यादा कैलोरी वाले खाने से बचना और नियमित व्यायाम करना आदि। इसलिए अपने आपको फिट और तंदुरुस्त रखना हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

नियमित व्यायाम करें हार्ट अटैक से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप रोजाना व्यायाम करें। आप कम से कम 15 मिनट तक शारीरिक कसरत करें। दिल को तंदुरुस्त रखने के लिए वॉक करना भी एक अच्छा व्यायाम

ऑयली या ज्यादा चिकनाई वाले खाने से बचें जंक फूड में ज्यादा ऑयल होता है इसलिए ये हार्ट के लिए सही नहीं हैं। दिल के दौरे से बचने के लिए इस तरह के खाने से तौबा करें।

क्या आप मोटे तो नहीं यदि आप मोटे हैं तो आपको हार्ट अटैक का खतरा है। ज्यादा वजन होने से हार्ट को ज्यादा रक्त और ज्यादा ऊर्जा पंप करनी पड़ती है जिससे आपने नाजुक दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।

सही आहार लें सही डाइट लेना बेहद जरूरी है। हार्ट अटैक से बचने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है।

पेशाब और शौच को ना दबाएँ जब पेशाब और शौच का दबाव पड़ता है तो आपको जाना तो है ही पहले या बाद में। इसको दबाने से दिल पर प्रभाव पड़ता है और यह संक्रमण का कारण भी बनता है।

लहसुन, सिरका, निम्बू और शहद का मिश्रण :

दुनिया के बड़े-बड़े डाक्टरों ने यह माना है कि लहसुन, सिरका और शहद कैंसर और जोड़ों का दर्द भी ठीक कर सकता है।संसार के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों ने आश्चर्यजनक अध्ययन करके यह सिद्ध किया है कि चमत्कारी घरेलू नुस्खा, जिसकी एक दिन की लागत बहुत कम होती है, हर तरह की बीमारियों के लिए आरामदायक है।

इस इलाज से बंद नाड़ियों, जोड़ों का दर्द, उच्च रक्तचाप ( हाई ब्लड प्रैशर), कैंसर की कुछ किस्मों, कैलेस्टरोल की अधिक मात्रा, सर्दी ज़ुकाम, बदहज़मी, सिर दर्द, दिल के रोग, रक्त प्रवाह की समस्या, बवासीर, दांत दर्द, मोटापा, अल्सर और बहुत सारी बीमारियाँ ठीक करने में सहायता मिलती है।

दिल की नाड़ियाँ बन्द होने पर अति लाभदायक, दिल की बन्द  नाड़ियों को खोलने और बड़ी बिमारियों के लिए लाभदायक, दिल की नाड़ियों को खोलने के लिए।

आवश्यक सामग्री :

1 कप नींबू का रस

1 कप अदरक का रस

1 कप लहसुन का रस

1 कप सेब का सिरका

बनाने की विधि और सेवन का तरीका : 

उपरोक्त सभी वस्तुओं को मिला कर आधा घंटा आग पर उबालें। जब तीन कप तक रह जाए, तब इस मिश्रण को ठण्डा होने दो। ठण्डा होने पर इसमें तीन कप शहद मिला दें  और एक कांच की बोतल में डाल दें । हर रोज़ नाश्ते से पहले एक चम्मच लगातार लेने से बंद नाड़ियाँ खुल जाएंगी।

इससे किसी भी एंजीओग्राफी या बाईपास की ज़रूरत नहीं है । प्रकृति की यह एक अदभुत चिकित्सा मोटापे को दूर करती है। कैंसर, दमा तथा अनेकों अन्य बीमारियों का यह एक चमत्कारी और सस्ता इलाज है।

यह जोड़ों के दर्द के रोगियों पर किए गये एक अध्ययन से पता चला है कि रोज़ाना सिरका और शहद की एक खुराक लेने से जोड़ों के दर्द 90 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं।

स्वस्थ्य दिल के लिये आजमाएं ये जड़ी-बूटियां :

आंवला : आंवला में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल घटता है और एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ती है जिससे दिल सम्बंधी रोग दूर हो जाते हैं।

हल्दी : हल्दी वाकई में चमत्कारी हर्ब है। इसमें दिल को दुरूस्त बनाएं रखने के भी बहुत सारे गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।

लहसुन : लहसुन के सेवन से हद्य सम्बंधी समस्याएं कम हो जाती हैं। इसमें शरीर में गर्मी पैदा करने वाले गुण होते हैं जो रक्त में गर्मी लाते हैं।

अदरक : अदरक एक लाभकारी औषधि है जिसमें कई सारे गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है।

बिलबेरी : बिलबेरी, कैनेबेरी का सिस्टर प्लांट है और इसमें गुण भी उसी समान होते हैं। इसके सेवन से धमनियों में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है।

हॉथ्रोन बेरी : हॉथ्रोन बेरी, दिल की सुरक्षा करती है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो दिल को स्वस्थ बनाएं रखते हैं।

लाल मिर्च : लाल मिर्च का सेवन करने से मुंह और आंखों से पानी आ जाता है लेकिन यह दिल की सारी समस्याओं के छक्के छुड़ा देती है। आप चाहें तो आज़मा कर देख लें।

गिकगो बीलोबा : यह एक प्रकार का चीनी पौधा है जो शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाता है और शरीर में हद्य की गतिविधि को सुचारू बनाएं रखने में मददगार साबित होता है।

ओरिगानो : यह अजवाइन की पत्ती होती है जिसे प्राकृतिक जड़ी बूटियों के साथ मिक्स कर के प्रयोग किया जाता है

ग्रीन-टी : आजकल ग्रीन टी का क्रेज बहुत ज्यादा है क्योंकि यह बहुत लाभकारी होती है। इसे पीने से शरीर की कोशिकाएं और धमनियों में ऊर्जा और रक्त का संचार भली-भांति होता है।

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