गाय को लेकर मचे बवाल के बीच जो एक अच्छी खबर आ रही है वो ये है कि अब एचआईवी यानी एड्स का टीका भी गाय की मदद से बनाया जा सकता है। अमेरिकी जर्नल ‘नेचर’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गाय की ऐंटीबॉडी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता से एचआईवी के असर को 42 दिनों में 20 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

एड्स के कारण मनुष्य के शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता घटने लगती है। इसको मजबूत करने के लिए गाय आ इस्तेमाल हो सकता है। गाय की मदद से एक वैक्सीन बनाई जा सकती है, जिससे पीड़ित को एचआईवी के पहले स्टेज से ही बचाया जा सकेगा।

वैज्ञानिकों ने 4 गायों पर प्रयोग किया और उन्हें एचआर्इवी के 2-2 इंजेक्शन लगाए। एक महीने बाद देखा गया कि उनमें प्रतिरक्षी कोशिकाएं विकसित होने लगीं। अध्ययन के अनुसार, 381 दिनों में ये ऐंटीबॉडीज एचआईवी के असर को 96 पर्सेंट तक खत्म कर सकते हैं। जटिल और बैक्टीरिया युक्त पाचन तंत्र की वजह से गायों में प्रतिरक्षा क्षमता ज्यादा विकसित होती है।

अमेरिका के नैशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ के अनुसार कुछ जरूरी एंटीबॉडीज गायों में कुछ हफ्ते में ही बन जाते हैं, लेकिन इंसानों में ऐसे एंटीबॉडीज बनने में काफी समय लगता है। गाय की प्रतिरोधक क्षमता बेहद खास किस्म की होती है।

ज्ञातव्य है कि वेद और पुराणों में भी गाय के दूध, गोमूत्र और गोबर को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए इसे कई समस्याओं के निदान में कारगर माना गया है।

 

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