गर सोना आपके लिए जरुरी काम बन जाए तो समझिए कुछ गड़बड़ी है। अनिदा आम कामकाजी भारतीयों की शिकायत बनती जा रही है। इंसोमेनिया कोई बीमारी नहीं बल्कि खराब जीवनशैली से उत्पन्न हुई नींद संबंधी समस्या है। इंसोमेंनिया अगर लंबे समय तक रहे तो यह गंभीर बीमारी का रुप ले सकती है।

डॉक्टर कहते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य और जिंदगी के लिए एक आम इंसान को 7 से 8 घंटे अवश्य सोना चाहिए। लेकिन नौकर-धंधे का प्रेशर, व्यस्त दिनचर्या और आगे भागने की होड़ में हम नींद को ही भूल जाते हैं। बाद में जब नींद काफी सताने लगती है तो हम स्लीपिंग पिल्स लेने लगते हैं। लेकिन स्लीपिंग पिल्स लेने से बेहतर है कि हम कुछ ऐसे आसान घरेलू इलाज करें जिससे शरीर की थकावट दूर हो और हमें बेहतर नींद मिल सके।

अनिदा को भगाने के घरेलू इलाज 

हरी साग और सब्जी ज्यादा मात्रा में खाएं 

हरी साग और सब्जी शरीर के लिए ही नहीं नींद के लिए भी जरुरी है। खासकर जिन सागों के पत्ते बड़े हों और उसमें लिसलिसापन हो तो यह नींद आने में काफी मदद करता है। पोरो और पालक के साग नियमित रुप से खाएं, इससे बेहतर नींद आएगी।

मैग्नीशियम और कैल्शियम 

मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों को ही नींद बढ़ाने वाली केमिकल कही जाती है। जब यह दोनों साथ में ली जाए तो और असरदार होती है। मैग्नीशियम खाने से दिल की बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है। रात में 200 Mg मैग्नीशियम(ज्यादा मात्रा न लें, डायरिया हो सकता है) और 600 mg  कैल्शियम निश्चित रुप से खाएं, बेहतर नींद आएगी।

जंगली सलाद पत्ता या काहू 

अगर आपको टेशन, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती होगी तो आप जंगली सलाद पत्ता को जरुर जानते होंगें। यह शरीर की थकावट, डिप्रेशन और अनिदा में भी काफी असरदार होती है। सोने से पहले इसे पैरों में 30 से 120 मिली ग्राम लगा लें, थकावट गायब हो जाएगी और चैन की नींद आ जाएगी।

हॉप्स

यह एक प्रकार का जंगली पौधा है जिसके फल का उपयोग शराब (बीयर) बनाने के काम में आता है। अनिदा, टेंशन और डिप्रेथन के मरीजों को इसके फल का रस पिलाई जाती है ताकि उन्हें आराम की नींद आ सके।

एरोमाथेरेपी 

सुगंध का मस्तिष्क से गहरा संबध है। बहुत सारे लोग अपने बेड पर तकिए के नीचे चमेली के फूल रख कर सोते हैं। कई लोग अपने बालकनी में रजनीगंधा या इसी तरह के सुगंधित फूलों के पौधे लगा कर रखते हैं ताकि इसके सुगंध से रात में बेहतर नींद आ सके। लेवेंडर के फूल भी काफी असरदार होते हैं अनिदा के मरीजों के लिए। तकिए के नीचे इसके फूल रख देने से सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है और नींद बेहतर आती है।

योग और ध्यान 

योग और ध्यान को नियमित अभ्यास में लाएं। योग में ज्यादा कठिन आसन नहीं करने हैं, साधारण आसन जिससे मन को शांति मिले वही करें। बेड पर जाने, पहले 5 से 10 मिनट ध्यान करें। ध्यान के दौरान कहीं भटके नहीं और मन को सिर्फ अपनी सांस पर एकाग्र करें। रात में बेहतर नींद आएगी।

एल- थियानीन 

ग्रीन टी में एल –थियानिन नामक एमीनो एसिड पाई जाती है। इसे दिन में पीने से चुस्ती और ताजगी छाई रहती है मन में और रात में पीने से गहरी नींद आती है।

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