त्वचा पर पैदा होने वाली अतिरिक्त ऊपरी परत को त्वचा की चिप्पी (skin tags) कहा जाता है। ये त्वचा की चिप्पी कैंसर (Cancer) का कारण नहीं बनते और शरीर के विभिन्न भागों में पाए जाते हैं और त्वचा के आपसी टकराव की वजह से उत्पन्न होते हैं। ये मस्से आमतौर पर आँखों की पलकों, बगल स्तन के निचले और ऊपरी भाग और गले में पाए जाते हैं। त्वचा का हर मस्सा अलग होता है अतः ये सारे मस्से (skin tags) एक दुसरे से भिन्न और अजीब दिखते हैं। ये भूरे मस्से आमतौर पर मोटे व्यक्तियों,मदुमेह के शिकार मरीज़ों एवं गर्भवती महिलाओं में ज़्यादा देखे जाते हैं।

इन मस्सों का वैज्ञानिक नाम एक्रोकॉर्डन है। ये त्वचा पर तेज़ गति से बढ़ते हैं पर इनसे कोई हानि नहीं होती। ये त्वचा टैग महिलाओं और पुरूषों को समान रूप से होते हैं।

चेहरा, हाथ, गर्दन, कहीं भी त्वचा पर मस्सा निकल आए तो आपकी रौनक (Personality) पर दाग लग ही जाता है। आमतौर पर मस्सा साठ की उम्र के बाद ही लोगों को अधिक होता है पर आजकल युवाओं में भी इसकी समस्या अधिक बढ़ी है।

सामान्यतः मस्से से न दर्द होता है और न ही कोई दूसरी तकलीफ लेकिन देखने में यह बेहद अजीब है इसलिए इससे छुटकारा आप जरूर चाहेंगे।

आज हम आपको बताएंगे कैसे आप इन स्किन टैग्स(Skin Tags) से हमेशा – हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हो | आज जिस नुस्खे की बात हम कर रहे है वे आजमाने में बेहद आसान है और असरदार भी |

तो आये जानते है इस प्रयोग की विधि के बारे में |

सामग्री :-

  • 2 चम्मच Apple Cider Vinegar (ACV)
  • रुई (Cotton Ball)

विधि / इस्तेमाल :-

पहले प्रभावित जगेह को पानी और साबुन से धो कर साफ़ करें और तोलिये से अच्छी तरेह सुखा लें | अब रुई को ACV में भिघोएं और नाज़ुक सा निचोड़ कर tag वाली जगेह पर लगाएं | इस प्रोसेस को दिन में 3-4 बार दोहराएं

अगर ACV से burning जां  itching हो तो ACV में कुछ बुँदे पानी की मिक्स कर सकते हो |

यह skin tags हफ्ते में हल्के होने लगेंगे , अगर थोडा समय लग रहा है तो आपको सबर रखने की आवश्कता है |

Loading...

Leave a Reply