जानिये अल्सर का घरेलु उपचार

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सामान्य उपचार

देखभाल और इलाज

अधिकांश अल्सर के घाव स्वयं ही भर जाते हैं, लेकिन कुछ गंभीर अल्सरों की पहचान और उनका इलाज इन्डोस्कोप के जरिये ही हो सकता है। इन्डोस्कोप एक छोटी सी प्रकाश युक्त नली होती है, जिसे आपकी भोजन-नली  से अन्दर डाला जाता है।
कभी-कभी लक्षणों में सुधार का पता लगाने के लिए डॉक्टर एंटासिड दवा  देते हैं क्योंकि पेट का अल्सर कई बार पेट और duodenum के पाचक द्रवों के बीच असंतुलन के कारण भी हो सकता है।
धूम्रपान, शराब और दर्द की दवा लेना बंद कर दीजिए। धूम्रपान और शराब दोनों ही पाचक द्रव में असंतुलन पैदा कर सकते हैं, जबकि ज्यादा मात्रा में ली गई दर्द और सूजन की दवा पाचक रस के संतुलन को बाधित कर सकती है।
दूध पीना अस्थायी राहत दे सकता है, लेकिन यह एक कदम आगे और दो कदम पीछे जाने की तरह हो सकता है। दूध थोड़ी देर के लिए आपके पेट की अंदरूनी दीवार पर एक अस्तर बनाता है। लेकिन दूध पेट में अधिक एसिड बनने के लिए एक उद्दीपन भी होता है, जो आखिरकार अल्सर को और बढ़ा देगा।

टिप्स और घरेलू उपचार

  • अल्सर के मरीजों के लिए गाय के दूध से बने घी का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।
  • पोहा और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लीजिए, 20 ग्राम चूर्ण को 2 लीटर पानी में सुबह घोलकर रखिए, इसे रात तक पूरा पी जाएं। अल्सर में आराम मिलेगा।
  • अल्सर के मरीजों को बादाम का सेवन करना चाहिए, बादाम पीसकर इसका दूध बना लीजिए, इसे सुबह-शाम पीने से अल्सर ठीक हो जाता है।
  • सहजन के पत्ते को पीसकर दही के साथ पेस्ट बनाकर लें। इस पेस्ट का सेवन दिन में एक बार करने से अल्सर में फायदा होता है।
  • पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में लेकर जूस बना लीजिए, इस जूस को सुबह-शाम एक-एक कप पीने से पेप्टिक अल्सर के मरीजों को आराम मिलता है।

जानिए अल्सर से बचाव के घरेलू उपाय-

बेलफल

पेट के अल्सर में बेलफल और उसकी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायक है। पत्तियों में मौजूद टेनिन्स पेट को, किसी भी तरह के नुकसान से बचाता है। बेलफल का रस भी पेट की जलन और दर्द को दूर कर, अल्सर से बचाता है।

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पत्ता गोभी और गाजर

पत्ता गोभी में लेक्टिक एसिड होता है जिससे एमीनो एसिड बनता है जो पेट में रक्त का प्रवाह बढ़ाता है। इसके साथ ही पत्ता गोभी में विटामिन सी भी उच्च मात्रा में होता है। पत्ता गोभी और गाजर को बराबर मात्रा में मिलाकर जूस तैयार करें और सुबह शाम एक-एक कप पीएं।

पोहा

पोहा अल्सर के उपचार में बेहद फायदेमंद है। पोहा और सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर की 20 ग्राम मात्रा को 2 लीटर पानी में घोलकर रख दीजिए। दोपहर से रात तक इस पानी को पूरा खत्म करें। अल्सर से राहत मिलेगी।

लहसुन

लहसुन पेट के अल्सर में बेहद लाभकारी है। उपचार के लिए दो से तीन लहसुन की कलियों को कुचलकर, पानी के साथ खाएं।

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केला

केला में एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं। केला खाने से एसिडिटी से भी राहत मिलती है। कच्चा और पका दोनों ही तरह का केला खाने से अल्सर रोगियों को बेहद आराम मिलता है। कच्चे केले की सब्जी बनाकर उसमें एक चुटकी हींग मिलाकर खाएं।

गाय का दूध

हल्दी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, गाय के दूध में हल्दी मिलाकर पीने से भी अल्सर रोगियों को लाभ मिलता है।

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बादाम

अल्सर रोगियों को बादाम पीसकर, खाने से लाभ होता है। बादाम को पीसकर उसका दूध जैसा बनाकर पीएं।

शहद

कच्चा शहद भी पेट के अल्सर में बेहद लाभकारी है। शहद में ग्लूकोज पैरॉक्साइड  पाया जाता है, जो पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है। इसके साथ ही शहद के सेवन से पेट की जलन से भी आराम मिलता है।

नारियल

नारियल में एंटीबैक्टीरियल गुण पाये जाते हैं, जो कि अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार देते हैं। नारियल के दूध और पानी में भी एंटी- अल्सर गुण पाये जाते हैं। अल्सर के उपचार के लिए रोजाना नारियल पानी पीएं। नारियल के तेल का सेवन भी अल्सर से बचाता है।

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सहजन

सहजन की फली भी स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद फायदेमंद है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो रोगों से लड़ने में सहायक होते हैं। सहजन की फली को पीसकर, दही के साथ मिलाकर खाने से अल्सर रोग में आराम मिलता है।

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