विशेषज्ञों की मानें तो होम्योपैथी सायनस की अचूक दवा है। होम्योपैथी में इस रोग की कोई निश्चित दवा नहीं है। चिकित्सक मरीज के लक्षणों व परीक्षण के आधार पर भी उसकी दवा निर्धारित करता है। सायनस में होम्योपैथी से भी इलाज सकता है हालांकि इसका असर दिखने में समय लगता है क्यों कि होम्यो पैथी रोग को जड़ से खत्मो करती है और इसमें समय तो लगता ही है। इसका एक फायदा और है कि इसको कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है तो रोगी आराम से सायनस में होम्योपैथी का इलाज करवा सकते हैं।

सायनस के लक्षण

अगर आपको सायनस के शिकार हैं तो शुरुआत में इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि इसकी शुरुआत सर्दी जुकाम के लक्षणों से होती है। साधारण जुकाम होतो 7 से 14 दिन में बिना किसी इलाज के ठीक हो जाता है,जबकि सायनस लंबे समय तक चलता है। इसके कुछ लक्षण है जिससे इसको पहचाना जा सकता है।

  • एक हफ्ता होने के बावजूद आपकी सर्दी ठीक नहीं हुई।
  • कान में दर्द होना या  सिर के ऊपरी हिस्से में दर्द होना और दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिलना।
  • सुबह सिर में दर्द और भारीपन होता है। कई बार सिर को दबाने से भी दर्द होता है।
  • नाक से गाढा, पिला या हरा बलगम निकल रहा है।
  • कई दिनों से हल्का बुखार रहना।
  • आंखों के आस पास सूजन होना खासकर दोनों आंखों के बीच में। इसके कारण नासिका के बीच भी दर्द होता है और नाक बन्द रहती है।

 

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