सबसे भयानक रोगों में से एक है। कैंसर के रोग की परंपरागत औषधियों में निरंतर प्रगति के बावज़ूद इसे अभी तक अत्यधिक अस्वस्थता और मृत्यु के साथ जोडा़ जाता है। और कैंसर के उपचार से अनेक दुष्प्रभाव जुडे हुए हैं। कैंसर के मरीज़ कैंसर पेलिएशन, कैंसर उपचार से होनेवाले दुष्प्रभावों के उपचार के लिए, या शायद कैंसर के उपचार के लिए भी अक्सर परंपरागत उपचार के साथ साथ होमियोपैथी चिकित्सा को भी जोडते हैं।  कैंसर के उपचार के लिए वनस्पति, जानवर, खनिज पदार्थ और धातुओं से प्राप्त 200 से भी अधिक होमियोपैथी दवाईयां उपयोग में लाई जाती हैं। कैंसर के उपचार के लिए उपयोग में आने वाली कुछ सामान्य औषधियों में एम्मोमिआ कार्ब, आस्टाकस फ़्लुविएटिलिस, एनाकरडिअम ओरिएंटेल, एंट्रसिनम, सिन्नामोमम, सिस्टक कैन, क़ाल्क आओड, क्यूबेबा, कोपैवा, कैम्फ़र, सिना, गैस्टिन, ग्रिंडेलिआ, हेडेरा हेलिक्स, हेलोडेर्मा, जबोरांडी, जुगलन रेजिआ, लेसर्टा, म्यूरेक्स, मायरिस्टिका सेब, मायरिका सेरि, नेट आर्स, नक्स मोस्चाटा, फ़ायसोस्टिग्मा, राफ़ागस, रयूटा, सिनापिस, स्क्रोहुलारिआ, टेयुरिनम, टेरेबिंथिना, यूरिआ, वेरेट एल्ब, विंका माइनोर शामिल हैं।

दुष्प्रभावों को नियंत्रित करती है होम्‍योपैथी

रेडिएशन थैरेपी, कीमोथैरेपी और हॉर्मोन थैरेपी जैसे परंपरागत कैंसर के उपचार से अनेकों दुष्प्रभाव पैदा होते हैं। ये दुष्प्रभाव हैं – संक्रमण, उल्टी होना, जी मितलाना, मुंह में छाले होना, बालों का झड़ना, अवसाद (डिप्रेशन), और कमज़ोरी महसूस होना। होमियोपैथी उपचार से इन लक्षणों और दुष्प्रभावों को नियंत्रण में लाया जा सकता है। रेडियोथेरिपी के दौरान अत्यधिक त्वचा शोध (डर्मटाइटिस) के लिए ‘टॉपिकल केलेंडुला’ जैसा होमियोपैथी उपचार और केमोथेरेपी-इंडुस्ड स्टोमाटिटिस के उपचार में ‘ट्राउमील एस माऊथवाश’ का प्रयोग असरकारक पाया जाता है।

कैंसर का होमियोपैथी उपचार

होमियोपैथी उपचार सुरक्षित हैं और कुछ विश्वसनीय शोधों के अनुसार कैंसर और उसके दुष्प्रभावों के इलाज के लिए होमियोपैथी उपचार असरदायक हैं। यह उपचार आपको आराम दिलाने में मदद करता है और तनाव, अवसाद, बैचेनी का सामना करने में आपकी मदद करता है। यह अन्य लक्षणों और उल्टी, मुंह के छाले, बालों का झड़ना, अवसाद और कमज़ोरी जैसे दुष्प्रभावों को घटाता है। ये औषधियां दर्द को कम करती हैं, उत्साह बढा़ती हैं और तन्दुरस्ती का बोध कराती हैं, कैंसर के प्रसार को नियंत्रित करती हैं, और प्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं। कैंसर के रोग के लिए एलोपैथी उपचार के उपयोग के साथसाथ होमियोपैथी चिकित्सा का भी एक पूरक चिकित्सा के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। सिर्फ़ होमियोपैथी दवाईयां या एलोपैथी उपचार के साथ साथ होमियोपैथी दवाईयां ब्रेन ट्यूमर, अनेक प्रकार के कैंसर जैसे के गाल, जीभ, भोजन नली, पाचक ग्रन्थि, मलाशय, अंडाशय, गर्भाशय; मूत्राशय, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट ग्रंथि के कैन्सर के उपचार में उपयोगी पाई गई हैं।

सावधानी

होमियोपैथी औषधियां सुरक्षित मानी जाती हैं। कभी कभी आपके लक्षण नियंत्रित होने से पहले थोडा़ और अधिक बिगड़ भी सकते हैं। हाल ही में किए गए शोध के अनुसार किसी प्रशिक्षित होमियोपैथिक चिकित्सक की देखरेख में ली गई होमियोपैथी औषधियां सुरक्षित थी और कम दुष्प्रभाव दिखाई दिए । चूंकि होमियोपैथी उपचार चिकित्सा का एक संपूर्ण तंत्र है, यह तंत्र सिर्फ़ अकेली बीमारी को ही नहीं, बल्कि व्यक्ति को एक संपूर्ण रूप में देखता है।  कैंसर के मरीज़ कैंसर पेलिएशन, कैंसर उपचार से होनेवाले दुष्प्रभावों के उपचार के लिए, या शायद कैंसर के उपचार के लिए भी अक्सर परंपरागत उपचार के साथ साथ होमियोपैथी चिकित्सा को भी जोडते हैं।

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