थायराइड एक छोटी सी ग्रंथि होती है जो तितली के आकार होती है और गर्दन के निचले हिस्से के बीच में होती है। यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है यानी जो भोजन हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है। इसके अलावा यह हृदय, मांसपेशियों, हड्डियों व कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करती है। दूसरे शब्दों में इसका कामशरीर के उपापचय (मेटाबोलिज्म) को नियंत्रित करना होता है।मेटाबोलिज़्म को नियंत्रित करने के लिए थायराइड हार्मोन बनाता है जो शरीर के कोशिकाओं को यह बताता है कि कितनी उर्जा का उपयोग किया जाना है। यह शरीर का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा होता है। और अगर थायराइड ठीक ढंग से काम नही करता तो कई प्रकार की जटिलताएं हो सकती है जैसे हाइपोथायरायडिज्म, हाइपरथायरायडिज्‍म और हाशिमोटो रोग।

Hypothyroidism - Symptoms थायराइड मूड को प्रभावित कैसे करता है thyroid 625x210

मूड पर प्रभाव

थायराइड रोग का असर आपके मूड पर भी पड़ता है। इस रोग में चिंता या अवसाद के कारण आपका मूड बिगड़ सकता है।आमतौर पर यह माना जाता है कि अधिक गंभीर थायराइड रोग, अधिक गंभीर मूड बदलता है।

यदि आप एक अति थाइराइड यानी हाइपरथारायडिज्‍म से पीडि़त है, तो आपको असामान्य घबराहट, बेचैनी, चिंता, और चिड़चिड़ापन, आदि का अनुभव हो सकता है। इसके विपरीत, यदि आपको अन्‍डरएक्टिव थायराइड हाइपोथायरायडिज्म है, तो आपको गंभीर थकान और अवसाद का हल्का अनुभव हो सकता है।

लेकिन यह भी जरूरी नही कि चिंता या अवसाद जैसे भावनात्मक लक्षण थायराइड की बीमारी के केवल लक्षण हो। थायराइड की बीमारी आम तौर पर संकेत के रूप में इस तरह के लक्षण जैसे वजन लाभ या हानि, गर्म या ठंडे, मल त्याग में परिवर्तन करने के लिए संवेदनशीलता, और मासिक धर्म अनियमितताओं के साथ जुड़ा हुआ होता है।

thyroid gland थायराइड मूड को प्रभावित कैसे करता है woman thyroid w 660x330

निदान और उपचार

थायरायड के मूल्यांकन के लिए ब्‍लड का नमूना प्रयोगशाला में भेजा जाता है। और आपका डॉक्टर आकलन के इस निष्‍कर्ष पर पहुंचता है कि आपको कितनी दवा की जरूरत है। इस दवा की मदद से आप बेहतर महसूस करती हैं साथ ही शरीर का मेटाबोलिज्म फिर से सुचारू रूप से काम कर सकता है। जब आपको कई सप्ताह तक दवा दी जाती है, तो आप पाते हैं कि अवसाद, मिजाज, थकान, ध्यान केंद्रित करने की कमी और मूड को प्रभावित करने वाले अन्य लक्षण साथ-साथ गायब होने लगेगें। लेकिन अगर आप दवा लेने के दो महीने के बाद भी मूड विकारों का अनुभव करते है तो आपको अपने से इस बारे में बात करनी चाहिए।

Leave a Reply