• रोजमेरी एक प्रकार की खुशबूदार जडीबूटी (हर्ब) है। इसकी पत्तियाँ सुई की तरह नुकीली होती हैं तथा इसके फूल सफेद, गुलाबी, बैंगनी अथवा नीले रंग के होते हैं। इसका इस्तेमाल कई प्रकार के खादयपदार्थों में भी किया जाता हैं। इस जडी बूटी में लोहे, कैल्शिअम तथा बीढ की अत्याधिक मात्रा पाई जाती हैं।
  • प्राचीन काल से ही रोजमेरी जडीबूटी का उपयोग उस में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण बडे पैमाने पर किया जाता हैं। पारंपारिक रूप से रोजमेरी का उपयोग माँसपेशियों में होने वाले दर्द को कम करने, यादाश्त को बढाने, शारीरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित करने तथा बालों के स्वास्थ को बनाये रखने के लिए किया जाता था।
  • सामग्री :

    1. रोजमेरी के पत्ते
    2. गर्म पानी

    विधि :

    • रोजमेरी को एक बर्तन में उबाल लें।
    • सिर को तौलिए से ढक लें और करीबन 10 मिनट तक इस पानी की भाप लें।
    • इससे रोजमेरी की मेहक आपके मस्तिष्क तक पहुँचेगी तथा आपको माइग्रेन से होने वाले असहनीय दर्द से राहत मिलेगी।
    • रोजमेरी का तेल हमारे बालों के लिए अतिशय फायदेमंद होता हैं। रोजमेरी का तेल (available at ayurvedic store) नियमित रूप से बालों में लगाने से बाल लंबे, घनें, होने लगते हैं। रोजमेरी का तेल बालों को झडने से रोकता हैं तथा बालों की वृद्धि करने में भी काफी सहायक हैं। आप चाहे तो इनकी पत्तीयो का पेस्ट बनाकर बालों में लगा सकते है। ध्यान रहे आँखो में इसका पानी नही जाने दे।
    • रोजमेरी में Anti-ageing तत्व पाए जाते हैं, इसलिए Anti-ageing क्रीम (available at ayurvedic store) में रोजमेरी का प्रयोग किया जाता हैं। रोजमेरी के नियमित उपयोग से चेहरे पर से झुर्रियों को समस्या कम होने लगती हैं। तथा रोजमेरी हमारी त्वचा की मृत कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने का काम करती हैं। रोजमेरी के इस्तेमाल से हमारी त्वचा के टोन में सुधार आता हैं तथा रक्त का संचार बढने लगता हैं। आप चाहे तो इनकी पत्तीयो का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगा सकते है। कुछ समय पश्चात इसको हल्के गरम पानी से धो ले। ध्यान रहे आँखो में इसका पानी नही जाने दे।
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