नुकसान बेर बहुत ही उपयोगी और पोषक तत्वों से भरपूर फल है। बेर को अधिकतर लोग बचपन में तो बहुत पसंद करते हैं, लेकिन बड़े होने पर खट्टेपन के कारण इसे नहीं खाते हैं। साथ ही, एक बड़ा कारण यह भी है कि लोग इसके गुणों से अनजान हैं।बैर में कार्बोज, प्रोटीन, वसा, थाईमिन, राईबोफ्लेविन,सोडियम, आयोडीन, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस आदि पोषक तत्व उपस्थित होते हैं।

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बेर में विटामिन सी और ए होने के साथ-साथ कैल्सियम और अमिनो एसिड होता है जिसका कैंसर-विरोधी गुण होने के साथ-साथ यह इम्यून सिेस्टेम को बेहतर बनाता है।

जानतें हैं इसके फायदे-

विटामिन सी से भरपूर- संतरे और नींबू में मौजूद विटामिन सी का बेहतरीन विककिल्प है बेर। इसमें विटामिन सी की मात्रा खट्टे फलों से 20 गुना ज्यादा है।

ट्यूमर से बचाव- लो-ब्लड प्रेशर, एनीमिया, लीवर आदि की समस्याओं से राहत मिलती है। यह शरीर में ट्यूमर सेल्स पनपने नहीं देता। यह त्वचा की देखभाल के लिए भी उत्तम स्रोत है।

बेर में मैग्निशियम, पोटेशियम फास्फोरस, कॉपर, कैल्शियम और आयरन जैसे विटामिन और खनिज पदार्थ भी मिलते हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, साथ ही इंफेक्शन से लड़ने में भी मदद मिलती है।

फेफड़ों के लिए फायदेमंद- बेर का जूस खांसी, फेफड़े संबंधी विकारों और बुखार के इलाज में भी सहायक है। वैज्ञानिकों ने इसमें आठ तरह के फ्लेवेनॉयड ढूंढे हैं।उनके मुताबिक, यह दर्दनाशक होता है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण भी हैं।

पेट के लिये लाभदायक- बेर का सेवन करने पर यह पेट दर्द की समस्या को दूर कर देता है। बेर को नमक और काली मिर्च के साथ खाने से अपच की समस्या दूर होती है और शौच भी खुल कर होता है। बेरों से सत्तू भी बनाया जाता है। इसे सुखाकर और बारीक पीसकर बनाया गया सत्तू कफ व वायु दोषों का नाश करता है। वहीं इसे बेर को छाछ के साथ लेने से घबराहट, उल्टी और पेटदर्द की समस्या में आराम मिलता है।

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नींद न आने में मददगार- बेर में 18 प्रकार के महत्वपूर्ण एमीनो एसिड मौजूद हैं, जो शरीर में प्रोटीन को संतुलित करते हैं। चीनी दवाओं में इसके बीज से एंग्जाइटी और अनिद्रा (इंसोम्निया) का इलाज होता है।

खांसी और बुखार में फायदेमंद- बेर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइन्फ्लामेटरी गुण होते हैं। बेर का जूस पीने से खांसी और बुखार में आराम होता है। साथ ही बेर का जूस खांसी, फेफड़े संबंधी विकारों और बुखार के इलाज में भी मददगार साबित होता है। वैज्ञानिकों ने बेर में आठ तरह के फ्लेवेनॉयड ढूंढे हैं।

दिल के लिये फायदेमंद- आयुर्वेद के अनुसार बेर दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। बेर खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियां होने की आशंका कम हो जाती है। इन्हें खाने से बार-बार प्यास लगने की शिकायत भी दूर होती है।

जल्दी भरे घाव- बेर की पत्तियों को पीसकर तेल के साथ इसका लेप लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं। बेर का गूदा लगाने से भी घाव ठीक होते हैं। वहीं रोजाना बेर खाने से अस्थमा सही करने व मसूड़ों के घावों को भरने में मदद मिलती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है- बेर में मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कॉपर, कैल्शियम और आयरन और खनिज पदार्थ भी मौजूद होते हैं। इन तत्वों से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। जिससे शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

बालों के लिए फायदेमंद- बेर की पत्तियों में 61 आवश्यक प्रोटीन पाए जाने के साथ विटामिन सी, केरिटलॉइड और बी कॉम्प्लेक्स भी अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह बालों को घना और हेल्दी बनाता है।

अस्थमा- रोजाना बेर खाने से अस्थमा और मसूड़ों के घाव को भरने में मदद मिलती है।

अपच की समस्या- बेर को नमक और काली मिर्च के साथ खाने से अपच की समस्या दूर होती है।

 

बेर फल से नुकसान

बेर के फल का कोई ज्ञात साइड इफेक्ट नहीं होते हैं।

लेकिन बेर फल खाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना बेहतर है यदि आप इन चीजो से पीड़ित हैं-

• सूजन,

• आंत्र परजीवी और / या

• अत्यधिक कफ

यदि आप गर्भवती हैं या अपने बच्चे को दूध पिलाती हैं, तो आपको चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

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