kabj-se-bachane-ke-gharelu-upchar
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कब्ज से मतलब है, कि मल-त्याग न होना, मल-त्याग कम होना, मल में गांठें निकलना, लगातार पेट साफ न होना, भोजन पचने के बाद पैदा मल पूर्ण रूप से साफ न होना, मल त्यागने के बाद पेट हल्का और साफ न होना आदि को कब्ज कहते हैं।

कब्ज की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है यह छोटे से लेकर बड़े तक किसी को भी और कभी भी हो सकती है कब्ज एक ऐसी समस्या है अगर इससे छुटकारा नहीं पाया गया तो बहुत पेट में दर्द होता है तकलीफ होती है और यह असहनीय दर्द भी हो जाता है। कब्ज का इलाज आज हम आपको बताएंगे कि कब्ज का इलाज कैसे करें कब्ज एक आम समस्या बन गई है यह हर व्यक्ति को परेशान करती है जब किसी व्यक्ति का खाना पूरी तरह से पच नहीं पाता है तो उसे गैस की समस्या हो जाती है और गैस की समस्या होने पर ही कब्ज़ का होना संभव होता है।

खानपान सम्बंधी गलत आदतें जैसे- समय पर भोजन न करना, बासी और अधिक चिकनाई वाला भोजन, मैदा आदि से बनाया गया मांसाहारी भोजन, भोजन में फाइबर की कमी, अधिक भारी भोजन अधिक खाना, शौच को रोकने की आदत, शारीरिक श्रम न करना, विश्राम की कमी, मानसिक तनाव (टेंशन), आंतों का कमजोर होना, पानी की कमी, गंदगी में रहना, मादक द्रव्यों का सेवन, एलोपैथी दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण, भोजन के साथ अधिक पानी पीने, मिर्च-मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ जैसे-पूरी-कचौड़ी, नमकीन, चाट-पकौड़े खाने, अधिक गुस्सा, दु:ख आलस्य आदि कारणों से कब्ज हो जाती है।

कब्ज के कुछ और भी कारण होते हैं जैसे कि हमारा खाने का सही ढंग से ना पचना खाना खाने के बाद बैठ जाना हल्का ना टहलना आदि कारण हो सकते हैं कब्ज को दूर करने के लिए हम यहां पर कुछ उपाय बता रहे हैं जिनको प्रयोग करके आप अपनी कब्ज को दूर कर सकते हैं।

क़ब्ज़ दूर करने की चमत्कारी एक्यूप्रेशर चिकित्सा

क़ब्ज़ होने पर पेट के ऊपर चित्र में दिखाए गये 4 प्रतिबिम्ब बिंदुओ पर हल्का सा दबाव क्रमवार देने से कब्ज से आराम मिलता है। दबाव देने के लिए अपनी ऊँगली को 5-8 सेकंड तक एक- एक करके बारी बारी से 4 प्रतिबिम्ब बिंदुओ पर दबाव डाले और छोड़ दे यह प्रक्रिया कम से कम 5-10 मिनट तक करे। कैसी भी क़ब्ज़ हो ठीक हो जायेगी। क्यूँकि ये प्राकृतिक उपाय है जिसे एक्यूप्रेशर चिकित्सा कहते है। ना कोई सिरप ना कोई गोली। इस बात का ध्यान रहे की ये बिंदु नाभि की सीध  से थोड़े से बाई और है चित्र को देखे स्पष्ट समझ आजाएगा। ये उपाय निरन्त करने से आपको हमेशा कब्ज से निजात मिल जाएगी हो सकता है कुछ समय लगे लेकिन फायदा जरूर होगा। अगर पेट पर चर्बी ज्यादा है तो आप पेन से इन बिंदुओं पर दबाव डाले।

क़ब्ज़ से बचने के लिए कैसा भोजन करे

दालों में मूंग और मसूर की दालें, सब्जियों में कम से कम मिर्च-मसालें डालकर परवल, तोरई, टिण्डा, लौकी, आलू, शलजम, पालक और मेथी आदि को खा सकते हैं। आधे से ज्यादा चोकर मिलाकर गेहूं तथा जौ की रोटी खाएं। भूख से एक रोटी कम खाएं। अमरूद, आम, आंवला, अंगूर, अंजीर, आलूचा, किशमिश, खूबानी और आलूबुखारा, चकोतरा और संतरे, खरबूजा, खीरा, टमाटर, नींबू, बंदगोभी, गाजर, पपीता, जामुन, नाशपाती, नींबू, बेल, मुसम्मी, सेब आदि फलों का सेवन करें। दिन भर में 6-7 गिलास पानी अवश्य पीयें। मूंग की दाल की खिचड़ी खायें। फाइबर से बने खाने की चीजें का अधिक मात्रा में सेवन करें, जैसे- फजियां, ब्रैन (गेहूं, चावल और जई आदि का छिलका), पत्ते वाली सब्जियां, अगार, कुटी हुई जई, चाइनाग्रास और ईसबगोल आदि को कब्ज से परेशान रोगी को खाने में देना चाहिए।

क़ब्ज़ में परहेज़

तले पदार्थ, अधिक मिर्च मसाले, चावल, कठोर पदार्थ, खटाई, रबड़ी, मलाई, पेड़े आदि का सेवन न करें। कब्ज दूर करने के लिए हल्के व्यायाम और टहलने की क्रिया भी करें। पेस्ट्रियां, केक और मिठाइयां कम मात्रा में खानी चाहिए।

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