सामान्य उपचार

गठिया रोग का उपचार

गठिया से बचाव का सबसे बढ़िया उपाय है स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। गठिया होने पर निम्न बातों का ध्यान भी रखना चाहिए:

  • गठिया के रोगियों को प्रोटीनयुक्त आहार से परहेज करना चाहिए। शरीर में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए चोकरयुक्त आटे की रोटी तथा छिलके वाली मूंग की दाल खाएं।
  • नियमित टहलें, व्यायाम (क्षमतानुसार) एवं मालिश करें। कब्ज न होने दें। हफ्ते में एक दिन उपवास रखना चाहिए। इससे दर्द में राहत मिलती है।
  • साथ में दर्द और सूजन कम करने के लिए नॉन-स्टीरॉयडल एंटीइन्फ्लेमेट्री दवाइयां , कोलचिसीन और स्टिरॉयड्स भी ले सकते हैं। यह दवाइयां प्रायः 1-2 हफ्ते तक दिये जाते हैं।
  • बार-बार पड़ने वाले दौरों को रोकने के लिए डॉक्टर की सलाह से यूरिक एसिड कम करने की दवाइयां ले सकते हैं।
  • उबले अनाज, चावल, बाजरा, जौ, गेहूं, चपाती आदि भोजन में सम्मिलित करें।
  • उबली हुई हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, साबूदाना, गिरीदार फल, शहद तथा सभी प्रकार के फल (खट्टे फल एवं केले को छोड़कर) पर्याप्त मात्रा में लें।

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अन्य उपचार

नेचुरोपैथी

खान-पान और गठिया

  • शतावरी, पत्तागोभी, पालक, मशरूम, टमाटर, सोयाबीन तेल जैसी सब्जिओं का गठिया से पीडित व्यक्तियों को परहेज करना चाहिए।
  • गठिया का मूल कारण: गठिया का मूल कारण है शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ जाना, जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है। पीड़ित दर्द के कारण ज्यादा चल फिर नहीं सकता, यहां तक कि हिलने-डुलने में भी परेशानी होने लगती है।
  • अल्कोहल खासकर बीयर शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को तो बढ़ाता है और तो और शरीर से गैर जरूरी तत्व निकालने में शरीर को रोकता है।
  • गठिया से पीड़ित व्यक्तियों को ढेर सारा पानी पीनें और तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा जाता है, लेकिन अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचें अगर आप अल्कोहल और सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते हैं तो आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है।
  • अगर आप गठिया से पीड़ित है तो आप को उन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए, जिनमें अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता हो, क्योंकि ज्यादा प्यूरिन हमारे शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड पैदा करता है।
  • सबसे पहले इसका असर पैरों के अंगूठे में देखने को मिलता है। इस रोग की सबसे बड़ी पहचान ये है कि रात को जोड़ों का दर्द बढ़ता है और सुबह थकान महसूस होती है।
  • गठिया रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है, चलने-फिरने में भी तकलीफ होने लगती है तथा जोड़ों में बहुत दर्द होता है
  • फ्रेक्टोस वाली चीजों का सेवन करने वालो को गठिया होने की संभावना दुगनी होती है, 2010 में किए गए एक शोध से यह बात सामने आई है।
  • गठिया में परहेज़ आवश्यक होता है इसलिए आपको यह जानना जरुरी है क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।
  • गठिया में जड़ों वाली फ़ल सब्जियां काफी लाभप्रद होती हैं, गाजर, शकरकंद और अदरक अच्छा होता है। इनमें प्यूरिन की मात्रा काफी कम होती है।

गठिया रोग के घरेलू उपचार

उम्र बढ़ने पर अक्सर लोगों को गठिया की शिकायत होने लगती है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बॉडी में यूरिक एसिड की अधिकता होना होता है। जब बॉडी में यूरिक एसिड ज्यादा हो जाता है तो वह शरीर के जोड़ों में छोटे- छोटे क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है इसी कारण जोड़ों में दर्द और ऐंठन होती है। गठिया को कई स्थानों पर आमवत भी कहा जाता है।

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