सामान्य उपचार

रक्तचाप बढ़ने पर किस तरह अपना ध्यान रखना इसकी जानकारी होना बेहद जरूरी है। साथ ही समय-समय पर डॉक्टरी जांच इस बीमारी से बचाने में बहुत कारगर होती है। उच्च रक्तचाप से बचने के कुछ प्रमुख उपाय निम्न हैं:

उच्च रक्तचाप से कैसे बचें?

  • खुद को एक्टिव रखने का अधिक से अधिक प्रयास करना चाहिए।
  • समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
  • प्रतिदिन एक घंटा हल्का या तेज किसी प्रकार का व्यायाम जरूर करें।
  • खाने में हाई फाईबर वाले चीजें लेनी चाहिए।

अन्य उपचार

उच्च रक्तचाप का नेचुरोपैथी उपचार

जड़ी बूटियाँ और उच्च रक्तचाप

जड़ी बूटियों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अगर उनका उपयोग सही मात्रा में किया जाए तो कोई नुकसान नहीं होता है। कुछ जड़ी बूटियाँ उच्च रक्तचाप के इलाज में इस्तेमाल की जाती है लेकिन उनका उपयोग एक चिकित्सक की निगरानी में ही करना चाहिए क्योंकि कभी-कभी इनकी अधिक मात्रा लेने से कुछ परेशानी हो सकती हैं।कुछ जड़ी बूटियाँ जो उच्च रक्त चाप को कम करने में मदद करती हैं:

अमर बेल

रक्तचाप को कम करने में बहुत मदद करती है।

नागफनी

धमनियों की सिकुड़न को कम करती है , जो रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

पत्थरचूर

उच्च रक्तचाप को कम करती है तथा ह्रदय की कार्यशीलता बढ़ाती है।

रउवोल्फिआ

रउवोल्फिआ जड़ी बूटियो में सबसे ज्यादा असरकारक होती है। इसकी एक बहुत छोटी खुराक ही काफी असरकारक होती है।

लहसुन

मंतज एंगीओटेंसीन 2 एक प्रकार का प्रोटीन होता है जो हमारी रक्त वाहिकाओं को कंट्रोल करता है, लहसुन में एलीसिन होता है जो एंगीओटेंसीन की हर प्रतिक्रिया को रोक देता है और इससे ब्लड़ प्रेशर कंट्रोल में आ जाता है। लहसुन में पॉलीसल्फाइड भी होता है जो हाइड्रोजन सल्फाइड में बदल जाता है जिसे रेड ब्लड सेल्स बदलती है। हाइड्रोजन सल्फाइड, हमारी ब्लड वेसेल्स को फैला देती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है।

पोषण और उच्च रक्त चाप

प्राकृतिक तरीके से हाई ब्लड प्रेशर को कैसे नियंत्रित करें 

उच्च रक्तचाप के रोगी जीवन शैली में पोषण का समावेश करके अप्रत्याश्चित लाभ ले सकते हैं। फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाकर वह न केवल अपने रक्त चाप को सामान्य कर सकते हैं बल्कि अपने वजन को भी कम कर सकते हैं जो रक्त चाप को सामान्य रखने में और मदद करेगा।

प्रोसेस्ड बनाम अनप्रोसेस्ड

उच्च रक्तचाप के रोगी को प्रोसेस्ड चीज़ो के बजाय अनप्रोसेस्ड और अनरिफाईन्ड, ताजा तथा पूर्ण चीज़ो का सेवन करना चाहिए।

कम नमक और हाई पोटासियम वाला आहार लेना चाहिए। अधिकतर लोग यह जानते हैं कि नमक की मात्रा कम करने से रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है लेकिन यह बात कम लोग जानते हैं कि इसके साथ अगर पोटासियम  की मात्रा को आहार में बढ़ा दिया जाए तो ज्यादा लाभ मिलता है। डेयरी उत्पादों, तली हुई चीज़ें, जंक फूड, कॉफ़ी इत्यादि का सेवन कम से कम करना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी अवश्य पिएं।

उच्च रक्तचाप के लिए घरेलू नुस्ख़े

अलसी के बीज

अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड में से एक है जिससे इसमें अल्फा लिनोलेनिक एसिड  नामक यौगिक की उच्च मात्रा होती है। यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के साथ ही केलॉस्ट्रॉल की मात्रा भी घटाता है जिससे हृदय भी स्वस्थ बनता है।

Flaxseed-Oil

शहजन की फली

शहजन में प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो कि शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद जरूरी हैं। शहजन का उपयोग करने का आसान तरीका है कि इसकी फलियों को दाल के साथ बनाकर खाया जाए। इससे भी उच्च रक्तचाप नॉर्मल होता है।

मूली

रसोईघर में प्रयोग होने वाली आम सब्जी है मूली, लेकिन इसमें उच्च रक्त चाप  को नियंत्रित करने के गुण होते हैं। मूली को सलाद के रूप में कच्चा या दही के साथ मिलाकर खाया जा सकता है।

लहसुन

लहसुन को खाली पेट सुबह कच्चा ही खाएं। लहसुन में रक्त को पतला करने के गुण होते हैं जो कि रक्त का थक्का जमने से भी रोकता है। चिकित्सक से परामर्श लेकर लहसुन कर प्रयोग शुरू कर सकते हैं।

Garlic

तिल

तिल डायस्टोलिक और सिस्टोलिक  , दोनों तरह के रक्तचाप को नियंत्रित करता है। तिल के तेल में सिसमिन  और सिसमिनॉल  दोनों होते हैं जो कि शरीर के तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
तिल का खाने में प्रयोग करने से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। तिल के लड्डू या तिल का पाउडर सलाद या दाल सब्जी में ऊपर से छिड़ककर खाने से लाभ होता है।

आंवला

आंवला में विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है जो कि शरीर से कोलेस्ट्रॉल  की मात्रा को कम करती है। इससे दिल स्वस्थ रहता है और उच्च रक्त चाप नियंत्रित।

Gooseberries spilled out from a basket on white background

दिनचर्या में करें परिवर्तन

  • तनाव से दूर रहें
  • मांस न खाएं
  • नियमित व्यायाम करें
  • ताजे फल और सब्जियों को भोजन में शामिल करें
  • नमक कम खाएं
  • उच्च वसा वाला खाना न खाएं
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