जर्मन मीजल्स या रूबेला

नाक, सांस की नली और फेफड़ों से संबंधित संक्रमण को रूबेला कहते हैं। यह एक तरह का खसरा है जिसे रूबियोला या जर्मन मीजल्स के नाम से भी जाना जाता है। यह बेहद संक्रमित होता है और तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह तेजी से दूसरे व्यक्ति को भी संकमित कर देता है।

रुबेला के लक्षण

रूबेला में व्यक्ति के शरीर पर तेजी से छोटे छोटे दाने उभर आते हैं। रूबेला का संक्रमण व्यक्ति के शरीर में दाने उभरने के एक सप्ताह पहले से दाने खत्म होने के बाद तक रह सकता है। रूबेला में सिर के बीच से या कानों के पीछे से दानों की शुरूआत होती है। इसके बाद धड़ और हाथ पैर पर दाने उभरते हैं। तीन से चार दिन में दाने सूख जाते हैं। कुछ लोगों को इस दौरान दस्त और उल्टी भी हो सकती है।

648x364_Rubella जानिए जर्मन मीजल्स या रूबेला के कारण बारे में 648x364 Rubella

जर्मन मीजल्स या रूबेला के लक्षण-

  • बुखार
  • जलन के साथ लाल आंखें
  • मांसपेशियों में ऐंठन और अकड़न महसूस होना
  • शरीर पर लाल-गुलाबी, छोटे दानों का उभरना
  • गाल के अंदर नीले या भूरे धब्बे नजर आना
  • नाक का बंद होना
  • सिर दर्द होना,
  • निरंतर खांसी बने रहना,

जर्मन मीजल्स या रूबेला के कारण

कारण और जटिलताएं

रूबेला का कारण, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना ही है। संकमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से रोग के जीवाणु हवा में तैरने लगते हैं और इसके संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं। छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं या ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसकी इम्यूनिटी कम हो, रूबेला का शिकार हो सकता है। रूबेला से पीड़ित व्यक्ति में कई जटिलताएं भी हो सकती हैं, खासकर गर्भवती महिला के शिशु में-

  • उंगलियों और घुटनों में अर्थराइटिस के लक्षण आना
  • शरीर के कई अंगों में डिफेक्ट
  • मोतियाबिंद
  • बहरापन
  • सामान्य शारीरिक विकास न होना
  • मानसिक रूप से कमजोरी

Leave a Reply