भूख ना लगने की समस्या से निजात पाने के लिए कई दवाइयों का सेवन भी किया जाता है लेकिन इन सबसे कारगर घरेलू उपाय माने जाते हैं। भूख ना लगना एक आम समस्या है और इसके कुछ आसान उपाय निम्न हैं:

भूख ना लगने के उपाय

  • एक गिलास पानी में जीरा, हींग, पुदीना, कालीमिर्च और नमक डालकर पीने से अरुचि दूर होती है।
  • गेहूं के चोकर में सेंधा नमक और अजवायन मिलाकर रोटी बनाकर खाने से भूख तेज होती है।
  • एक सेब या सेब के रस के प्रतिदिन सेवन से खून साफ होता है और भूख भी लगती है।
  • प्रतिदिन मेथी में छौंकी गई दाल या सब्ज़ी के सेवन से भूख बढ़ती है।
  • नींबू को काटकर इसमें सेंधा नमक डालकर भोजन से पहले चूसने से कब्ज दूर होकर पाचनक्रिया तेज हो जाती है।

एनोरेक्सिया या भोजन में अरुचि के घरेलू उपचार

भोजन में अरुचि को एनोरेक्सिया  भी कहते हैं। कई लोगों को अपने वजन और फिटनेस की इतनी चिंता हो जाती है कि वो हार्श डायटिंग करने लगते हैं और फिर शुरु हो जाती है एनोरेक्सिया की बीमारी। इसमें शरीर का वजन काफी कम हो जाता है। शरीर में हड्डी और मांसपेशियों पर की जमी वसा लगातार भूखे रहने से जलने लगती है और शरीर में सिर्फ हड्डी का ढ़ांचा ही शेष रह जाता है।
एनोरेक्सिया की बीमारी खासकर मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री में काम कर रही कम उम्र की लड़कियों में ज्यादा होता है, क्योंकि उन्हें स्मार्ट और फिट दिखने के लिए ‘जीरो फीगर’ जैसी काया बनानी पड़ती है। लेकिन बाद में यही जीरो फीगर उनके लिए जानलेवा बन जाती है।

anorexia-word-cloud-stock जानिए एनोरेक्सिया का उपचार के बारे में anorexia word cloud stock

एनोरेक्सिया बीमारी के बाद न आपको भूख लगती है और न ही किसी चीज में रुचि। इस बीमारी के बाद आप खुद को भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शारीरिक रुप से इतना असुरक्षित महसूस करने लगते हैं कि आपमें खुदकुशी करने तक की भावना प्रबल हो जाती है।

एनोरेक्सिया का यदि सही समय पर इलाज नहीं हो तो इसके काफी गंभीर परिणाम होते हैं, मसलन- हार्ट की बीमारी, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन, जानलेवा एनीमिया, किडनी खराब होने से जान तक जा सकती है। अक्सर कई लोगों को पता ही नहीं चलता है कि उन्हें एनोरेक्सिया की बीमारी है। अगर यह पता चल जाए तो कई घरेलू उपचार और मनौवैज्ञानिक उपचार से इसका इलाज संभव है। खासकर घरेलू उपचार से मरीजों में खाने के प्रति रुचि तो पैदा की ही जाती है।

एनोरेक्सिया के घरेलू उपचार

मसाज

मसाज थेरेपी सिर्फ तनाव और डिप्रेशन ही नहीं दूर करती है बल्कि इससे भूख भी लगती है। मेडिकल जर्नल में एनोरेक्सिया के इलाज में मसाज थेरेपी को भी मेडीसिन के रुप में शामिल किया गया है। किसी स्पा में जाकर हर्बल मसाज ट्रेंड मसाजर से लें, काफी फायदा करेगा।

ध्यान

मन की अशांति एनोरेक्सिया का खास लक्षण है। इसे भगाने के लिए सुबह-शाम ध्यान करें। मन और आत्मा को शांति मिलेगी और मन में सकारात्मक विचार आएंगे।

Meditation जानिए एनोरेक्सिया का उपचार के बारे में Meditation

अदरक

भूख जगाने के लिए आप आधा चम्मच कटे हुए अदरक काला नमक के साथ खाना खाने से आधा घंटे पहले खाएं, काफी काम करेगा। इसे इस्तेमाल करें। आप खाने को ना नहीं कर सकते हैं इसे लेने के बाद। आप अदरक की चाय का भी सेवन कर सकती हैं।

एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर

एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर दोनों की मदद से एनोरेक्सिया से लड़ी जा सकती है। इसे आजमाने से आपको अच्छा अनुभव होगा और रिलैक्स महसूस करेंगे। किसी खास नर्व पर एक्यूपंक्चर या एक्यूप्रेशर करने से भूख भी लगने लगती है।

संतरा

संतरों में भी भूख जगाने की क्षमता होती है। संतरा न सिर्फ आपके पाचन तंत्र को ठीक करता है बल्कि इससे कब्ज भी दूर होता है। इसे जब मन करे चार-छह फांक छीलकर खाते रहें। इसे काले नमक, नींबू के रस के साथ भी खा सकती हैं या फिर जूस भी पी सकते हैं।

mandarinorange जानिए एनोरेक्सिया का उपचार के बारे में mandarinorange

हर्बल चाय

हर्बल चाय या ग्रीन टी और कई तरह के जड़ी-बूटियों को मिला कर बनी चाय पीने से भूख जगती है। तनाव और डिप्रेशन कम होती है। एनोरेक्सिया में हर्बल टी पीने की सलाह दी जाती है।

लहसुन

लहसुन भूख जगाने की सबसे कारगर घरेलू उपाय है। इसे खाने के बाद एक खास तरह के एंजाइम का स्राव होता है जो भूख जगाता है और पाचन क्रिया को मजबूत करता है। रोज सुबह कच्चे लहसुन के तीन और चार दाने एक कप पानी के साथ खा लें। अगर कच्चा लहसुन खाने में कड़वा लगता है तो उसे उबाल कर उसमें नमक और नींबू के रस मिला कर भी खा सकते हैं।

योग

एनोरेक्सिया बीमारी से पैदा हुई भावनात्मक असुरक्षा को दूर भगाता है योग। योग में ऐसे कई आसन हैं खासकर- कपोतआसन(कबूतर के समान), शलभआसन। इसे करने से आप बहुत जल्द ठीक हो सकती हैं।

yoga_625x350_81430391247 जानिए एनोरेक्सिया का उपचार के बारे में yoga 625x350 81430391247

लेमन बाम

यह नर्व टॉनिक की तरह काम करता है और इससे भूख भी लगती है। इसे खाने से तनाव कम होता है और नींद भी अच्छी आती है। एक चम्मच लेमन बाम की सूखी पत्तियों को एक कप गर्म पानी में डालें और इसे थोड़ी देर ढ़ंक दें। ठंढा होने पर इसे चाय की तरह पीएं। काफी काम करेगा।

मिंट

मिंट भूख लगाने की कुदरती दवा है। एनोरेक्सिया के इलाज में इसे आजमाया जा सकता है। इसके स्वाद और खास सुगंध के कारण भूख की इच्छा जगती है। इसे खाने से डिप्रेशन और तनाव भी कम होगी। दो चम्मच मिंट के पत्ते से निकाले जूस रोज सुबह पीएं या फिर मिंट से बनी चाय भी पी सकती हैं।

peppermint जानिए एनोरेक्सिया का उपचार के बारे में peppermint

और भी हैं कई टिप्स

  • भूख जगाने के लिए मसालेदार भोजन खाना शुरु करें।
  • सुबह निश्चित रुप से नाश्ता करें, इसे अपनी आदत में शामिल करें।
  • अपना एक डाइट प्लान बनाएं और इस पर अमल करें, इससे भागे नहीं।
  • हरी सब्जियों और हरे साग के सूप बना कर पीएं।
  • नियमित रुप में ग्रुप थेरेपी में शामिल हो।

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