ब्रेड खाना स्वास्थय के लिए बहुत हानिकारक है, जो लोग ये सोचते हैं के बीमार व्यक्ति को ब्रेड खिलाया जा सकता है, वो बहुत गलत सोचते हैं, मैदे से बनी ये ब्रेड आपकी सेहत का कबाड़ा करने के लिए काफी है। ये अनेकों गंभीर रोगों का कारण बन सकती है। और बीमार व्यक्ति के लिए तो और भी ज़हर है, ऐसे में बीमार व्यक्ति को ब्रेड के स्थान पर दलिया, खिचड़ी वगैरह खिलानी चाहिए, भूल कर भी ब्रेड या डबल रोटी ना दें।

सुबह की भागदौड़ ने ब्रेड और डबल रोटी को हम सभी के घर का अभिन्न हिस्सा बना दिया है। ब्रेकफास्ट तैयार करने की हड़बड़ी और खाने की जल्दबाजी में ब्रेड और डबल रोटी से बेहतर दूसरा कोई विकल्प हमें नजर ही नहीं आता है। चाहे वो फटाफट से तैयार हो जाने वाला सैंडविच हो, ब्रेड-जैम हो या फिर ब्रेड-मक्खन, ये हम सभी के जीवन का हिस्सा बन चुका है। पर क्या आप जानते हैं ब्रेड और डबल रोटी खाना कितना अधिक नुकसानदायक हो सकता है।

पेटपिक अल्सर का खतरा।

अधिक मात्रा में ब्रेड खाने से पहले तो कब्ज रोग की शुरुवात होगी, फिर धीरे धीरे आमाशय में छेद (पेप्टिक अल्सर) जैसी स्थिति उत्पन्न करेगा।

हार्ट के लिए खतरनाक

ब्रेड में हाई लेवल का सोडियम होता है जो कि ब्लड प्रेशर और हार्ट की बीमारी को बढाता है। जिन लोगों को ब्रेड खाने की लत होती है वो इस बात से अंजान होते हैं कि उनके शरीर में कितना अधिक नमक इकत्र हो चुका होगा और वो किन बिमारियों की चपेट में फंस रहे हैं।

लिवर को डैमेज।

ब्रेड मैदे से बनी होने के कारण शरीर को इसे पचाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। और इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स लिवर को डैमेज करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।

पोषक तत्वों का अभाव

दूसरी चीजों की तुलना में ब्रेड में बहुत कम पोषक तत्व होते हैं। खासतौर पर व्हाइट ब्रेड में. न तो ब्रेड खाने से फाइबर मिलता है, न तो ग्रेन्स का पूरा फायदा। एक तरीके से कोई भी पोषक तत्व हमारे शरीर में नहीं जाता है। अगर आप ब्रेड की आदत को छोड़ नहीं सकते हैं तो व्हाइट ब्रेड की जगह होल-ग्रेन ब्रेड खाना शुरू कर दीजिए। ये तुलनात्मक रूप से बेहतर है।

पेट के लिए खतरनाक

ब्रेड में बहुत ज़्यादा ग्लूटेन यानी की लिसलिसा पदार्थ होता है जो कि सीलिएक रोग को आमंत्रित करता है। ब्रेड खाने के बाद कई लोगों को पेट खराब हो जाता है, जो कि ग्लूटेन इन्टोलरेंस की वजह से होता है।

वजन बढ़ाता है

अगर आप ब्रेड के बहुत शौकीन हैं तो आपका वजन बढ़ना लगभग तय है। इसमें मौजूद नमक, चीनी और प्रीजरवेटिव्स वजन बढ़ाने वाले कारक हैं।

ये कोई पोषक आहार नहीं है

अगर आपने ध्यान दिया हो तो पाया होगा कि ब्रेड खाने के बाद भी भूख शांत नहीं होती है। ये फिलर की तरह काम करता है लेकिन इसे एक वक्त के आहार के रूप में लेना सही नहीं है। वैसे भी ब्रेकफास्ट सबसे अधिक हेल्दी होना चाहिए। ऐसे में आपके लिए ब्रेड का विकल्प तलाशना बेहद जरूरी है।

होल-ग्रेन ब्रेड – आटे वाली ब्रेड।

सफ़ेद ब्रेड की जगह आज कल बाज़ार में आटे से निर्मित ब्रेड भी आती है, अगर डॉक्टर किसी वजह से आपको ब्रेड खाने को कहे तो इसका मतलब आटे से बनी ब्रेड ही खानी है। आटे की ब्रेड में भी कोई पोषक तत्व नहीं होते, बल्कि इसको बनाने के प्रोसेस में आटे के सभी गुण खत्म हो जाते है। आटे वाली ब्रेड भी सिर्फ मज़बूरी में खायी जा सकती है।

जो डॉक्टर मुंह फाड़ के बोल देते हैं के ब्रेड खाओ, ऐसे मूर्ख डॉक्टर्स से सावधान, क्यूंकि इसमें कोई पोषक तत्व तो होता नहीं, और मैदे से बनी होने के कारण अनेक रोगों का कारण और बनता है।

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