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जानिए थायराइड को किस आयुर्वेदिक औषधि से सही किया जा सकता है


थायरॉयड, गर्दन में स्थित एक ग्रंथि होती हैं और वह थायरोक्सिन नाम के हार्मोन का उत्पादन करती हैं, जो शरीर की चयापचय प्रक्रिया को विनियमित करने में मदद करता है। थायरॉइड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने से आशय है कि शरीर का मेटाबॉलिज्म यानी भोजन को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया भी सही तरीके से काम कर रही है। पर जैसे ही थायरॉइड हार्मोन घटना या बढ़ना शुरू होता है तो मानव जीवन के लिए परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

थायराइड कितने प्रकार का होता है

थायरोक्सिन हार्मोन (हाइपोथायरायडिज्म) की कमी से बच्चों में बौनापन और वयस्कों में सबकटॅनेअस चरबी बढ़ जाती हैं।  और अतिरिक्त (हायपरथायरोडिज्म) हार्मोन गण्डमाला का कारण बनता हैं। थायरोक्सिन की निष्क्रियता के कारण हाइपोथायरायडिज्म हो सकता हैं, आयोडीन की कमी या थायराइड विफलता के कारण थकान, सुस्ती और हार्मोनल असंतुलन होता है। अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाये,  तो यह मायक्झोएडेमा का कारण बन सकती हैं, जिसमें त्वचा और ऊतकों में सूजन होती हैं। आयुर्वेदिक उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली अश्वगंधा, जड़ी बूटी इस रोग के दोनों रुपों, हायपर और हायपोथायरॉयड के लिए जवाब साबित हो सकती हैं।

अश्वगंधा से दूर होता है थायराइड

अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधि है, जो अपने शक्तिवर्धक गुणों के लिए जानी जाती है। आप चाहे तो इसकी पत्तियों को पीस कर या जड़ों को उबाल कर उपयोग में ला सकते हैं। अश्वगंधा का सेवन करने से थाइरॉइड की अनियमितता पर नियंत्रण होता है। साथ ही कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। इसके लिए 200 से 1200 मिलीग्राम अश्वगंधा चूर्ण को चाय के साथ मिला कर लें। चाहें तो इसे स्वादिष्ट बनाने के लिए तुलसी का प्रयोग भी कर सकते हैं। हायपोथायरायडिज्म के लिए आयुर्वेदिक इलाज में महायोगराज गुग्गुलु और अश्वगंधा  के साथ  भी इलाज किया जाता हैं। अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में भरपूर ऊर्जा बनी रहती है साथ ही कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है। साथ ही यह शरीर के अंदर का हार्मोन इंबैलेंस भी संतुलित कर देता है। यह टेस्टोस्टेरोन और एण्ड्रोजन हार्मोन को भी बढाता है।

 

 

दादी नानी तथा पिता दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा। यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं। इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें। रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं। उसी की यहाँ जानकारी दी गई है। इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है। किसी भी दवा, योग और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें।

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7 Comments

  1. Mandy Brar

    I have knee problem I had caretlidge done year and half ago it is still giving me problem I am in pain all the time

    Reply
  2. Praveen kumar

    Respected Sir.

    In above thyroid treatment related article there is some misconception please confirm/rectify it which is as—–….ashwagandha se door hota hai thyroid heading ki second line me sentence hai…… ki iske (ashwagandha) sevan se cancer hone ka khatra bad jata hai……is it true ??? in my view it is an error…..so your rectification/validation is solicited.

    waiting for your feedback & reply.

    Reply
    1. Sri Rajiv Dixit

      प्रवीन कुमार जी, सबसे पहले आपका धन्यवाद । आपका संदेह सही है, हमारे एडिटर की गलती से वजह से आपको पोस्ट में ये त्रुटि देखने को मिली, हमने उसकी सही कर दिया है । हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे की आपको आगे से ऐसी कोई गलती देखने को न मिलेंगे ।

      Reply
      1. Praveen kumar

        आदरणीय वैद्य जी
        सर्वप्रथम संशोधन के लिए आपका साधुवाद, स्वस्थ भारत के लिए आपके द्वारा आयुर्वेद का प्रसार कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है | युगपुरुष राजीव दीक्षित जी के अभियान एवं मार्गदर्शन को आगे बढ़ा कर आपने भारतीय समाज और मानवता पर उपकार किया है, आपका यह ज्ञान-यज्ञ चारों दिशाओं मे फैले एवं लोग लाभान्वित हों, ऐसी हमारी ईश्वर से कामना है |
        शुभेच्छु- प्रवीण कुमार

        Reply
  3. Praveen kumar

    आदरणीय वैद्य जी
    सर्वप्रथम संशोधन के लिए आपका साधुवाद, स्वस्थ भारत के लिए आपके द्वारा आयुर्वेद का प्रसार कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है | युगपुरुष राजीव दीक्षित जी के अभियान एवं मार्गदर्शन को आगे बढ़ा कर आपने भारतीय समाज और मानवता पर उपकार किया है, आपका यह ज्ञान-यज्ञ चारों दिशाओं मे फैले एवं लोग लाभान्वित हों, ऐसी हमारी ईश्वर से कामना है |
    शुभेछु- प्रवीण कुमार

    Reply
  4. Hariom

    Respected Sir
    I am 51 yrs old suffering from loss of appetite loosing wait with thin hands and feet weakness of muscles as genral weakness It was happened after viral haeppetitis during 2010 All the investigation report are normal Please suggest advise

    Reply
  5. mukesh kumar

    श्री मान जी करबद्ध प्रार्थना है कि बबासीर का कोई आयुर्वैदिक रामबाण इलाज बतलाइये क्युकी हमारे यहाँ देशी जड़ी-बूटी नही मिलती पंसारी की दुकानों पर लगाने व खाने की दवा जरूर बतलाये या रसोई में काम आने वाले मशालो से उपास हो तो अतिशीघ्र बतलाये उपकार होगा

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