समय की प्रत्येक इकाई में होने वाली ह्रदय की धड़कनों की संख्या को ह्रदय की दर कहते हैं – इसे धड़कन प्रति मिनट के रूप में व्यक्त किया जाता है – जो शरीर की आक्सीजन का अवशोषण और कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन करने की आवश्यकता के अनुसार भिन्न हो सकती है जैसे व्यायाम करने या सोने के समय. ह्रदय की दर के मापन को चिकित्सकों द्वारा रोगों के निदान और निगरानी के लिये किया जाता है. इसका प्रयोग व्यक्तियों, जैसे एथलीटों, जो अपने अभ्य़ास से अधिकतम लाभ पाने के लिये अपने ह्रदय की दर की निगरानी करने में रुचि रखते हैं, द्वारा भी किया जाता है.

हार्ट रेट को पल्‍स रेट के रूप में भी जाना जाता है। समय की प्रत्येक इकाई में होने वाली दिल की धड़कनों की संख्या को हार्ट रेट कहते हैं। इसे धड़कन प्रति मिनट के रूप में व्यक्त किया जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया हेल्‍थ सिस्‍टम के अनुसार, एक वयस्‍क की नार्मल हार्ट रेट 60-80 धड़कन प्रति मिनट होती है। हालांकि एथलीटों का हार्ट की कम दर यानी 40 मिनट प्रति मिनट के हिसाब से धड़कता है। दिल की लय और ब्‍लड फ्लो को ताकत देने के लिए हार्ट रेट महत्‍वपूर्ण होता है।

बढ़ी हुई हार्ट रेट को टेककार्डिया (एक वयस्क में प्रति मिनट लगातार 100 से अधिक धड़कना) कहते हैं, यह हार्ट डिजीज, स्‍ट्रोक और किडनी डिजीज के खतरे को बढ़ा देता है। और इससे पसीना, मतली या उल्‍टी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। हार्ट रेट यानी दिल की धड़कन का बढ़ना एक समस्‍या की तरह है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन घबराइए नहीं क्‍योंकि योग और एक्‍सरसाइज की तरह केले और किशमिश जैसे आम आहार हार्ट रेट को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानें हार्ट रेट को कम करने में केला और किशमिश आपकी मदद कैसे कर सकते हैं।

हार्ट रेट को कम करने में मददगार केले

यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर के अनुसार, केले पोटेशियम का बहुत अच्छा स्रोत हैं और पोटेशियम कम हार्ट रेट को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। पोटेशियम की कमी के कारण मांसपेशियों में ऐंठन और एनर्जी की कमी देखे को मिलती है, जिससे कारण हार्ट रेट अनियमित हो जाती है। केले की 96 कैलोरी में 400 मिलीग्राम पोटेशियम होता हैं। यह दैनिक आवश्यकता का 11 प्रतिशत है। केले में सोडियम 1 मिलीग्राम से कम होता है, जो कम सोडियम आहार लेने वाले लोगों के लिए मूल्‍यवान आहार हो सकता है।

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वैसे तो सोडियम शरीर के लिए जरूरी पौष्टिक होता है, लेकिन शरीर के लिए कम मात्रा में ही इसकी जरूरत होती है। इसलिए ब्‍लड प्रेशर को कम करने के लिए चिकित्सक नमक कम खाने को कहते हैं। केले में सिर्फ 1 मिलीग्राम ही सोडियम होता है, इसलिए दिल के रोगी को केला खाने की सलाह दी जाती है।

किशमिश से भी कम होती है हार्ट रेट

किशमिश भी पोटेशियम से भरपूर होता है और इसमें 1,000 मिलीग्राम से अधिक मिलीग्राम पोटेशियम होता है। साथ ही सोडियम में किशमिश कम मात्रा यानी सेवारत प्रति 60 मिलीग्राम होता है। हार्ट रेट तेज होने पर एक गिलास दूध में 10 ग्राम किशमिश और एक चम्मच मिश्री डालकर उबालें। उबालने के बाद, दूध को थोड़ा ठंडा करके किशमिश को खाकर दूध को पी लें। नियमित रूप से 15 दिन इस उपाय को करें। यह उपाय हार्ट रेट को सामान्य करने वाला प्रभावशाली हदय शक्तिवर्धक है।

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हार्ट रेट को नॉर्मल करने वाले अन्‍य उपाय

  • ब्राजील नट जैसा स्‍वास्‍थवर्धक नट विटामिन और मिनरल विशेष रूप से मैग्‍नीशियम से भरपूर होता है। प्राकृतिक रूप से हार्ट रेट को कम करने के लिए यह नट खाये।
  • बादाम को भी दिल के लिए स्‍वस्‍थ माना जाता है। यह एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन से भरपूर होता है, जो हृदय रोगों, खराब कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर और भोजन की लालसा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • कैल्शियम से भरपूर दूध को आपको अपने आहार में दूध शामिल करना चाहिए। कैल्शियम की कमी हार्ट रेट के प्रमुख कारणों में से एक है। अगर आप प्राकृतिक रूप से  से तेज हार्ट रेट को कम करना चाहते हैं, तो आपके आहार में कैल्शियम से भरपूर आहार का होना आवश्यक है।
  • एक और मैग्‍नीशियम युक्‍त आहार यानी कद्दू हार्ट रेट को कम करने में आपकी मदद करता है। मैग्‍नीशियम हार्ट रेट को नियंत्रित करता है।
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