नागफनी(Prickly Pear) लो कैलोरी, हितकर वसा और कम कोलेस्ट्रॉल के साथ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का स्रोत है। इस फल का छिलका काफी मोटा और काँटेदार होता है जिसे निकालने के बाद अंदर के गुदे को खाया जाता है। आहार में नागफनी जैसे पोषक फलों को मिलाने से स्वास्थ्य को कई फायदे मिलते है।

आइये इन फायदों को जाने-

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए-
    विटामिन C रोगों से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, मेटाबॉलिक तंत्रियों को दुरुस्त रखता है और एंटीऑक्सीडेंट की तरह पुरे शरीर में फ्री रेडिकल्स की संख्या कम करता है। एक औसत आकार के नागफनी में दिन की ज़रूरत का एक तिहाई विटामिन C प्राप्त होता है।
  • दाँत और हड्डियाँ मज़बूत करे-
    कैल्शियम हमारे आहार का अभिन्न हिस्सा है। यह दाँतों और हड्डीयों के लिए महत्वपूर्ण है और बढ़ती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारीयों से लड़ने में मदद करता है। नागफनी का सेवन कैल्शियम की कमी से लड़ने में सहायक है।
  • पाचन सुचारू करे-
    फाइबर युक्त आहार पाचन क्रिया में मदद करता है। अन्य फल और सब्ज़ियों की तरह नागफनी से भी फाइबर प्राप्त होता है।
  • दिल स्वस्थ रखे-
    नागफनी के कई गुण इसे ह्रदय के लिए हितकर बनाते है। फाइबरयुक्त होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रखता है तथा इससे मिलने वाला पोटैशियम रक्तचाप नियंत्रण में रखने के साथ ही तनाव कम करता है।
  • कैंसर से बचाये-
    कैंसर से बचाव के लिए शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स की संख्या को कम रखना ज़रूरी है। नागफनी से कई ऐसे पोषक तत्व मिलते है जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर इन रेडिकल्स को कम करता है।
  • वज़न कम करे-
    फाइबरयुक्त और पोषक तत्वों से भरे होने के कारण नागफनी वज़न कम करने में सहायक होता है। इसका सेवन कम कैलोरीज में ज़्यादा पोषण देता है और ज़्यादा खा लेने की ग्लानि से आपको बचाता है।
  • सूजन घटाए-
    पारंपरिक औषधि पद्धतियों में नागफनी को पीस कर सूजे हुए अंगो पर लगाया जाता है। इसे खाने से भी सूजन से राहत मिलती है। आर्थराइटिस, गठिया वात या मांसपेशियों में खिंचाव आदि होने पर यह विशेषकर लाभदायक है।नागफनी के इन फायदों को अपने दोस्तों से भी ज़रूर शेयर करें।

Leave a Reply