मेडिटेशन से होने वाले फायदों के बारे में हम सभी जानते हैं, रोजाना मेडिटेशन से हमारे अंदर से नकारात्‍मकता दूर होती है और यह हमारे जीवन को सकारात्‍मकता की ओर ले जाता है। यानी मेडिटेशन से हमें मानसिक शांति का अनुभव होता है। लेकिन क्‍या आप ओम (ॐ) मेडिटेशन के बारे में जानते हैं। ॐ मेडिटेशन को मंत्र मेडिटेशन के रूप में जाना जाता है। ओम के उच्चारण से हमारे अन्दर सकारात्मकता आती है। यह हमारे अन्दर के सारे विषैले तत्वों को दूर करता है। आइए जानें ओम मेडिटेशन क्‍या है, इसे कैसे करना चाहिए और क्या हैं इसके फायदे।

ओम मेडिटेशन

जो लोग आर्ट ऑफ लिविंग को फॉलो करते हैं, वह ओम शब्‍द से अछूते नहीं हैं। कहते हैं ओम के बिना किसी घर की पूजा पूरी नहीं होती है, बिना ओम सृष्टि की कल्पना भी नहीं हो सकती है। माना जाता है कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड से हमेशा ॐ की ध्वनि निकलती है। ओउम् तीन अक्षरों से मिलकर बना है, अ, उ, म्।
“अ” का अर्थ है उत्पन्न होना।
“उ” का तात्पर्य है उठना, उडना अर्थात विकास।
“म्” का मतलब, मौन हो जाना अर्थात ब्रह्मलीन हो जाना।

परमात्‍मा से जुड़ने का सीधा रास्‍ता है ओम

ओम एक ध्‍वनि है, जब तपस्वियों ने ध्यान की गहरी अवस्था में सुना कि कोई ऐसी ध्वनि है जो लगातार शरीर के भीतर और बाहर भी सुनाई देती रहती है। हर कहीं, वही ध्वनि निरंतर जारी है और उसे सुनते रहने से मन और आत्मा शांति महसूस करती है तो उन्होंने उस ध्वनि को नाम दिया ओम। साधारण मनुष्य उस ध्वनि को सुन नहीं सकता, लेकिन ओम का उच्चारण करने वालों के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का विकास होने लगता है। ॐ का उच्चारण करते रहना, परमात्मा से जुड़ने का साधारण तरीका है।

ओम मेडिटेशन करने का तरीका

  • सुबह जल्‍दी उठकर जाप करना अच्‍छा रहता हैं।
  • ओम मेडिटेशन करने के लिए किसी शांत जगह का चुनाव करें।
  • पद्मासन में बैठकर, पेट से आवाज निकालते हुए जोर से ओम का उच्चारण करें।
  • ओम को जितना लंबा खींच सकें, खींचें। सांस भर जाने पर रुकें और फिर यही प्रक्रिया दोहराएं।
  • उच्चारण खत्म करने के बाद 2 मिनट के लिए ध्यान लगाएं और फिर उठ जाएं।

ओम मेडिटेशन के फायदे-

  • ॐ हमारे जीवन को स्वस्थ बनाने का सबसे उत्तम मार्ग है।
  • नियमित ओम मेडिटेशन करने से तनाव से पूरी तरह मुक्ति मिलती है और दिमाग शांत रहता है।
  • ओम से चेहरे पर कांति और आंखों में अनोखी चमक आती है।
  • थकान के बाद ॐ का मनन आपको नई एनर्जी से भर देता है।
  • ओम से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
  • ओम की गूंज आपको स्वयं को नियंत्रित करने में सक्षम बनाती है।
  • ॐ के उच्चारण से कंपन पैदा होता है जो रीढ़ की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है।
  • ॐ की शक्ति आपके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को सुदृढ़ बनाती है।
  • ॐ की शक्ति आपको दुनिया का सामना करने की शक्ति देती है।
  • ॐ मंत्र आपको सांसरिकता से अलग करके आपको स्वयं से जोड़ता है।
  • ओम का उच्‍चारण वह सीढ़ी है जो आपको स्‍वस्‍थ रख, समाधि और आध्यात्मिक ऊंचाइयों पर ले जाता है।

 

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