नाशपाती खाने में मीठा, स्वादिष्ट के साथ-साथ बहुत पौष्टिक भी होता हैं। इसमें कई पोषक तत्व और औषधीय गुण पाए जाते हैं। नाशपाती में कैल्शियम, क्लोरीन, लोहा, मैग्नीशियम, सोडियम और सल्फर की कम मात्रा के साथ तांबा, फास्फोरस और पोटेशियम का एक अच्छा स्त्रोत हैं।

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नाशपाती को हमारे यहां सिर्फ एक फल के तौर पर देखा जाता है लेकिल इसके पोषक तत्वों के बारे में कोई विशेष जानकारी न होने की वजह से यह आज भी बहुत अधिक प्रचलित नहीं है. पर आपको ये जानकर हैरानी होगी कि नाशपाती के फायदे किसी भी अन्य फल की तुलना में कम नहीं है:

हड्डियों के लिए है फायदेमंद – नाशपाती में अधिक मात्रा में बोरोन होता है। बोरोन हड्डियों में कैल्शियम को बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए नाशपाती का सेवन करने से आस्टियोपोरोसिस होने का खतरा नहीं होता।

ब्लडप्रेशर नियंत्रित करता है- नाशपाती में कई ऑक्सीकरण रोधी तत्व होते हैं, जो उम्र को बढ़ने से रोकते हैं। ये उच्च रक्तचाप और हार्ट स्ट्रोक को रोकने में मदद करता है।

कैंसर- नाशपाती में हाइड्रोऑक्सीनॉमिक एसिड होता है जो पेट के कैंसर को रोकने में मदद करता है। इसका फाइबर पेट के कैंसर को बढ़ने से रोकता है और बड़ी आंत को स्वस्थ बनाए रखता है। नाशपाती के नियमित सेवन से मेनोपॉज के बाद महिलाओं में होने वाले कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट गुण कैंसर के नुकसान से कोशिकाओं की रक्षा करती है।

पाचन तंत्र-  पाचन तंत्र को मजबूत बनाए नाशपाती फाइबर का एक अच्छा स्त्रोत हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता हैं। इसमें मौजूद पेक्टिन कब्ज और दस्त को ठीक कर सकता है। इसके जूस को रोजाना पियें।

प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार – नाशपाती में विटामिन सी और तांबा पर्याप्त मात्रा में मिलता है। इसीलिए यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता है।  संक्रामक रोगों से यह शरीर की रक्षा करता है।

बड़ी आंत को स्वस्थ बनाए रखता है- नाशपाती खाने से बड़ी आंत स्वस्थ रहती है और उससे जुड़ी कोई बीमारी नहीं होती।

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कोलेस्ट्रॉल में है रामबाण – नाशपाती का जूस पीने से गला ठीक रहता है। नाशपाती में मौजूद पैक्टिन नामक घुलनशील फाइबर रक्त
कोलेस्ट्रॉल और सेलूलोज के स्तर को नियंत्रित करता है। कम कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और मधुमेह को रोकने में मदद करता है।

ऊर्जा बढाए- ऊर्जा बढाए नाशपाती का जूस पीने से तुरंत ही शरीर में ऊर्जा बढ़ती है। ऐसा इसलिये होता है क्‍योंकि इसमें ग्‍लूकोज होता है।

मधुमेह नियंत्रण- फाइबर से युक्त नाशपाती मधुमेह रोगियों के लिए बहुत अच्छा नाश्ता है। इससे मीठा खाने की तलब में आराम मिलता है। इसकी शकर को खून धीरे-धीरे अवशोषित कर लेता है, फाइबर इसके स्तर को नियंत्रित रखता है।

रक्तचाप को नियंत्रित करता है- नाशपाती में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और ग्लूटाथिओन तत्व उच्च रक्तचाप और हार्ट स्ट्रोक को रोकने में मदद करते हैं।

सूजन कम करे- जिन लोगों को सूजन की वजह से दर्द होता है, उन्‍हें इसका रस पी कर काफी आराम हो सकता है।

एनीमिया- नाशपाती में प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है. अगर कोई एनीमिया से पीड़ित हो तो उसे प्रचुर मात्रा में नाशपाती का सेवन करना चाहिए.

इम्म्युन सिस्टम- नाशपाती का जूस हमारे इम्म्युन सिस्टम को मजबूत बनाता है जिससे की हमें सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियाँ नहीं होती|

बुखार में है उपयोगी- बुखार में नाशपाती का जूस पीने से बुखार में राहत मिलती है।

त्वचा, बाल और आँख – नाशपाती में मौजूद विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा पर उम्र बढ़ने के प्रभाव को कम करने, झुर्रियों, मुँहासे और त्वचा से संबंधी अन्य समस्याओं को रोकने में मदद करता हैं। यह बालों के झड़ने, धब्बेदार अध: पतन, मोतियाबिंद, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और अन्य समस्याओं के इलाज में सहायक होता हैं।

गर्भवती महिला- नाशपाती में मौजूद फोलिक एसिड (फोलेट) गर्भवती महिलाओं के शिशुओं में न्यूरल ट्यूब दोष से बचाता हैं।

 

बरतें सावधानियां

नाशपाती को अच्छी तरह धो कर छिलके समेत चबा-चबा कर खाना चाहिए। विटामिन और खनिज ज्यादातर नाशपाती के छिलके में होते हैं इसलिए इसे बिना छीले खाना ज्यादा फायदेमंद है। जल्दबाजी में बिना चबाए इसके टुकड़े को निगलने पर पाचन तंत्र पर दवाब पड़ता है, जिससे कई बार पेट दर्द की शिकायत हो जाती है।  देर से काट कर रखी नाशपाती नहीं खानी चाहिए। इससे नाशपाती में मौजूद लौह ऑक्साइड से लोहा फैरिक ऑक्साइट के रूप में बदल जाता है। हवा के संपर्क में आने से यह ब्राउन रंग में बदल जाता है जिसे खाना नुकसानदेह होता है।

 

 

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