इन दिनों पेट और कमर पर जमा ज़रूरत से ज़्यादा चर्बी चिंता का विषय है। यह न सिर्फ दिखने में खराब लगती है, बल्कि इसके कारण थायराइड, बीपी व शुगर जैसी कई बीमारियां भी होती हैं। आज इस लेख के जरिए हम जानेंगे कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं। इसके लिए, हम कारगर व्यायाम व आहार के बारे में आपको बताएंगे, जो पेट की चर्बी को कम करने में सहायक हैं।

इससे पहले कि हम कमर और पेट कम करने के उपायों की चर्चा करें, उससे पहले हमारे लिए यह जानना ज़रूरी है कि आख़िर इस समस्या के पीछे मुख्य कारण क्या हैं।

पेट पर चर्बी जमा होने के कारण

पेट पर थोड़ी-बहुत चर्बी होने को सामान्य माना जाता है। कहा जाता है कि अगर यह कमर व पेट पर निश्चित मात्रा में हो, तो यह कुशन की तरह हमारी हड्डियां की सुरक्षा करता है। साथ ही शरीर के अंदरुनी अंग अच्छी तरह से काम कर पाते हैं। वहीं, अगर यह चर्बी ज़रूर से ज़्यादा होती है, तो कई बीमारियों से जूझना पड़ सकता है। यहां हम पेट पर अतिरिक्त चर्बी के प्रमुख कारणों के बारे में आपको बताएंगे।

वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार, शरीर में कुछ फेट सेल आनुवंशिक तौर पर विकसित होते हैं। अगर किसी के परिजन इस परेशानी से ग्रस्त रहे हैं, तो आने वाली पीढ़ी को भी यह समस्या होने की आशंका रहती है

कमज़ोर पाचन तंत्र

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारा पाचन तंत्र भी कमज़ोर होने लगता है। यह भी पेट की चर्बी बढ़ने का कारण होता है। आमतौर पर देखा गया है कि इस मामले में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इसकी ज़्यादा शिकार होती है। पाचन तंत्र खराब होने से थायराइड व शुगर जैसी समस्याएं भी शरीर को घेर लेती हैं

  • हार्मोन में बदलाव

आमतौर पर हार्मोन बदलाव का सामना महिलाओं को करना पड़ता है। जब वह अपने जीवन के मध्य पड़ाव (करीब 40 के आसपास) में पहुंची हैं, तो शरीर के वज़न के मुकाबले चर्बी तेज़ी से बढ़ती है। वहीं, मेनपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम और एंड्रोजन हार्मोन का स्तर ज़्यादा हो जाता है। यही कारण होता है कि कमर के आसपास चर्बी अधिक हो जाती है

  • तनाव

तनावग्रस्त शख़्स एक के बाद एक कई बीमारियों से घिरता चला जाता है। शरीर में चर्बी का बढ़ाना भी उन्हीं में से एक है। जब हम तनाव में होते हैं, तो रक्त में कोर्टिसोल का स्तर अधिक हो जाता है। कोर्टिसोल शरीर में वसा का स्तर बढ़ा देता है, जिससे वसा कोशिकाएं बड़ी हो जाती हैं। आमतौर पर इस स्थिति में चर्बी पेट के आसपास ही बढ़ती है

  • ज़रूरत से ज्यादा खाना

हम दिनभर में क्या कुछ नहीं खाते। कभी-कभी तो काम के दबाव या फिर तनाव में ज़रूरत से ज़्यादा खा जाते हैं और फिर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। इस तरह से भी कमर व पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है।
अब आप जान गए होंगे कि शरीर में चर्बी बढ़ने के अहम कारण क्या-क्या हैं। आइए, अब जानते हैं कि पेट कम कैसे करें।

पेट और कमर की चर्बी कम करने के लिए व्यायाम

कुछ लोगों के पेट व कमर के आसपास चर्बी इतनी ज़्यादा हो जाती है कि वो चाहकर भी अपने पसंदीदा कपड़े नहीं पहन पाते हैं। कई बार ऐसे लोगों को दूसरों के सामने उठते-बैठते हुए हीनभावना का शिकार होना पड़ता है, क्योंकि उनके पेट की चर्बी कपड़ों से साफ नज़र आती है। इस तरह के लोग हमेशा इस सोच में डूबे रहते हैं कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं। ऐसे में ज़रूरी है कि ऐसे लोगों को नियमित व्यायाम करना चाहिए। यहां हम कुछ ऐसे व्यायाम बता रहे है, जिन्हें करने से आपको ज़रूर लाभ होगा

दौड़ना

शरीर को चुस्त व दुरुस्त रखने के लिए रनिंग से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। दौड़ लगाने से जहां ह्रदय अच्छे से काम कर पाता है, वहीं अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है और धीरे-धीरे चर्बी भी कम होने लगती है। शुरुआत में कुछ मीटर ही दौड़ें और तेज़ की जगह धीरे-धीरे दौड़ें। जब शरीर इसका अभ्यस्त हो जाए, तो अपनी गति और समय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं।

तैराकी

इससे भी शरीर में अतिरिक्त जमा वसा कम होनी शुरू होती है। तैराकी करना ह्रदय के लिए भी अच्छा है। तैराकी करने से न सिर्फ वज़न कम होता है, अपितु शरीर बेहतर शेप में आ जाता है। आप इसे हफ़्ते में एक या दो बार कर सकते हैं। अगर आपने पहले कभी तैराकी नहीं की है, तो इसे किसी ट्रेनर की देखरेख में ही करें।

साइकलिंग

इसे सबसे बेहतर व आसान कार्डियो एक्सरसाइज़ (ह्रदय के लिए) माना गया है। इससे जहां, पैरों, टांगों वह जांघों की अच्छी एक्सरसाइज़ हो जाती है, वहीं शरीर की अतिरिक्त चर्बी व कैलोरी भी बाहर निकल जाती है।

पैदल चलना

अगर आप ऊपर दी गई तीनों चीज़ों को नहीं करना चाहते, तो रोज सुबह-शाम आधा घंटा पैदल चलें। इससे भी शरीर में जमा बेकार की चर्बी कम होने लगती है। संभव हो, तो तेज़ कदमों से चलना चाहिए। पेट कम करने के उपाय में इसे आसान और सुरक्षित माना गया है।

योगासन भी पेट कम करने के उपायों में से एक है। यहां हम कुछ योगासनों के बारे में आपको बता रहे हैं :

सेतुबंध योगासन :

इस आसन को करने से पेट व कमर के पास जमा चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही पेट व जांघों की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं। अगर आपकी गर्दन में किसी तरह का दर्द या फिर खिंचाव महसूस हो रहा है, तो इस आसन को करने से वह भी ठीक हो जाएगा। इतना ही नहीं अगर गलत तरीके से बैठने के कारण आपकी रीढ़ की हड्डी एक तरफ झुक गई है, तो यह आसन उसे भी ठीक कर देता है।

करने का तरीका :

  • ज़मीन पर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों घुटनों को मोड़ें व पैरों की तलियों को ज़मीन पर टिकाएं।
  • इसके बाद दोनों बाहों को पैरों की तरफ सीधा रखें, हथेलियां जमीन पर टिकी होनी चाहिएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए कमर को ऊपर की ओर उठाएं, जबकि पैरों व हाथों को उसी स्थिति में रहने दें।
  • करीब 30 सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में लौट आएं।

सावधानी : उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

कपालभाती

मोटापा कम करने के लिए इस योगासन को सबसे ज़्यादा फ़ायदेमंद माना गया है। कहा जाता है कि इसके परिणाम जल्द ही देखने को मिलते हैं। इसे नियमित रूप से करने पर कब्ज़, गैस व एसिडिटी जैसी समस्याएं गायब हो जाती हैं। पेट की नसें मज़बूत होती हैं और हमारा पाचन तंत्र भी अच्छे से काम करता है।

करने का तरीका :

  • ज़मीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।
  • अब धीरे-धीरे नाक के जरिए सांस को बाहर छोड़ें। जब आप सांस बाहर छोड़ेंगे, तो आपका पेट अंदर की ओर जाएगा।
  • ध्यान रहे कि इसे करते हुए सांस को अंदर नहीं लेना है, सिर्फ छोड़ना है।
  • प्रतिदिन इस आसन के पांच चक्र सुबह-शाम खाली पेट करने से लाभ होगा।

सावधानी : सुबह खाली पेट ही यह आसन करना चाहिए और इसे करने के आधे घंटे बाद ही कुछ खाना चाहिए। अगर शाम को कर रहे हैं, तो खाना खाने के पांच घंटे बाद करें। गभर्वती महिला को इसे नहीं करना चाहिए।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

बेशक यह आसन करने में आसान है, लेकिन मोटापा कम करने में यह कारगर है। मुख्य रूप से इसे नाड़ी शोधन प्राणायाम भी कहते हैं। इससे शरीर में रक्त का प्रवाह ठीक से होता है।

करने का तरीका :

  • ज़मीन पर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें।
  • अब दाएं हाथ के अंगुठे से दाएं तरफ़ के नाक को बंद कर दें और बाईं तरफ से सांस खींचकर पांच तक गिनती करें।
  • अब दाएं हाथ की चौथी अंगुली से बाएं तरफ की नाक को बंद कर दाईं तरफ से सांस को धीरे-धीरे छोड़ें।
  • अब इसी स्थिति में रहते हुए सांस को अंदर खींचे और पांच तक गिनने के बाद दाईं तरफ से नाक को बंद कर बाईं तरफ से सांस को छोड़ें।
  • इस तरह के चक्र क्षमतानुसार चार-पांच बार कर सकते हैं।

सावधानी : उच्च रक्तचाप व ह्रदय के रोगी को प्रशिक्षित योग गुरु से सलाह लेकर व उनकी देखरेख में इसे करना चाहिए। साथ ही इसे कभी ज़ोर से या तेज़ गति से नहीं करना चाहिए।

बालासन

अगर आप सोच रहे हैं कि पेट की चर्बी कैसे घटाएं, तो बालासन सबसे अच्छा है। इस आसन को करते समय हमारी स्थिति मां के कोख में पलने वाले भ्रूण की तरह होती है। इसलिए, इसे बालासन योग कहा जाता है। बालासन करने से पेट की मासपेशियां मज़बूत होती हैं। इसे रोज़ करीब 10 मिनट करने से पेट अंदर हो जाता है।

करने का तरीका :

  • सबसे पहले वज्रासन यानी आप घुटनों के बल बैठ जाएं और पूरा वज़न एड़ियों पर डालें।
  • अपनी कमर को सीधा रखते हुए, सांस लेते हुए हाथों को सीधा ऊपर ले जाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुक जाएं।
  • कोशिश करें कि आपका सिर ज़मीन से लग जाए और हाथे सीधे रखें।
  • कुछ सेकंड इस स्थिति में रहते हुए, सांस लेते हुए वापस उठें।

सावधानी : अगर पीठ में दर्द हो या फिर घुटनों का ऑपरेशन हुआ हो, तो यह आसन न करें। साथ ही, जिन्हें दस्त हो, वो भी यह आसन न करें।

पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं

अगर आप खानपान को संतुलित नहीं रखते हैं, तो जितनी भी एक्सरसाइज़ कर लें, पेट की चर्बी कम नहीं होगी। आइए, एक नज़र डालते हैं कि वज़न कम करने के लिए हमें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं :

सुबह उठते ही : सुबह उठने के बाद करीब दो गिलास गुनगुना पानी पिएं, ताकि आपका पेट साफ हो जाए। शौच से निवृत होने के बाद एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पिएं। जिन्हें शुगर है, वो नींबू पानी में चीनी न मिलाएं और जिन्हें उच्च रक्तचाप है, वो बिना नमक के पिएं। वैज्ञानिक शोध में साबित हुआ है कि नींबू पानी पीने से वज़न कम होता है।

नाश्ते से पहले : नाश्ता करने से 15 मिनट पहले करीब 5-6 बादाम खाएं। इन बादाम को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह छिलके उतारकर खाएं। बादाम खाने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बादाम में फाइबर होता है, जो भूख को मिटाता है।

नाश्ता : कम फेट वाले दही के साथ दो चपाती खा सकते हैं। इसकी जगह दो ब्राउन ब्रेड भी ले सकते हैं, जिस पर बादाम वाला बटर लगा सकते हैं। इनकी जगह एक कटोरी ओट्स भी खा सकते हैं।

दो घंटे बाद : अगर आप सुबह समय पर नाश्ता कर लेते हैं, तो 11 बजे के आसपास कोई भी फल खा सकते हैं या फिर विभिन्न फलों की सलाद बनाकर भी खा सकते हैं।

दोपहर का खाना : खाने से पहले सब्ज़ियों की सलाद ज़रूर खाएं। सलाद खाने से शरीर को अतिरिक्त फाइबर मिलता है। इसके बाद एक या दो रोटी और साथ में मिक्स सब्जी व उबली दाल ले सकते हैं। अगर नॉन वेज खाते हैं, तो मछली का एक टुकड़ा ले सकते हैं। कोशिश करें कि खाना एक बजे तक खा लें।

शाम को : डिनर से पहले शाम करीब पांच बजे एक फल या फिर एक गिलास बिना क्रीम वाला दूध पी सकते हैं। इनके अलावा, ग्रीन-टी या फिर नारियल पानी भी पी सकते हैं।

रात का खाना : डिनर हमेशा हल्का होना चाहिए और आठ बजे तक कर लेना चाहिए। डिनर में बिना बटर के वेज या फिर चिकन सूप ले सकते हैं। इसके बाद सब्जी के साथ एक या दो रोटी ले सकते हैं।

इनसे बनाएं दूरी :

  • शक्कर युक्त व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ खाने से बचें।
  • स्टार्च युक्त खाद्य पदार्थ जैसे:- चावल, नूडल्स, पास्ता और ब्रेड। इनकी जगह ब्राउन राइस व ब्राउन ब्रेड का सेवन करना चाहिए।
  • तंबाकु, शराब व सिगरेट से परहेज करना चाहिए।

आगे हम कुछ और ज़रूरी टिप्स दे रहे हैं, जिनकी मदद से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।

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