शतावरी एक चमत्कारी औषधि है जिसे कई रोगों के इलाज में उपयोग किया जाता है। खासतौर पर सेक्स शक्ति को बढ़ाने में इसका विशेष योगदान होता है। यह एक झाड़ीनुमा पौधा होता है, जिसमें फूल व मंजरियां एक से दो इंच लम्बे एक या गुच्छे में लगे होते हैं और मटर जितने फल पकने पर लाल रंग के हो जाते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक, शतावर पुराने से पुराने रोगी के शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। इसके अलावा इसका उपयोग विभिन्न नुस्खों में व्याधियों को नष्ट कर शरीर को पुष्ट और सुडौल बनाने में  किया जाता है।

 

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कैंसर के मरीजों के लिए यह बहुत ही कारगर औषधि है। नींद न आने की समस्‍या, खांसी, सिरदर्द, आदि के लिए यह बहुत फायदेमंद है। आइए हम आपको बताते हैं कि शतावरी के अन्‍य गुणों के बारे में।

शतावरी के गुण

अतिरिक्‍त वजन कम करे

महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान अतिरिक्त पानी की वजह से जो वजन बढ़ता है शतावरी उसे कम करती है।

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पेशाब में खून

अगर पेशाब में खून आने की समस्‍या है तो शतावरी का सेवन नियमित रूप से करें।

ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढ़ाए

प्रसूता माता को यदि दूध नहीं आ रहा हो या कम आता हो तो शतावरी की जड़ों के चूर्ण का सेवन दिन में कम से कम चार बार अवश्य करना चाहिए।

मधुमेह

कहा जाता है कि शतावरी की जड़ों के चूर्ण का सेवन बगैर शक्‍करयुक्‍त दूध के साथ नियमित लिया जाए तो यह काफी फायदेमंद होगा।

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शक्‍तिवर्धक

अगर इसमें पत्‍तो के रस 2 चम्‍मच दूध में मिला कर दिन में 2 बार लें, तो यह शक्‍ती प्रदान करता है।

बुखार और जलन

शतावरी काफी ठंडी होती है इसलिये यह बुखार, जलन और पेट के अल्‍सर को दूर कर सकती है।

कैंसर के लिए

शतावरी में एंटी-ऑक्‍सीडेंट होता है, जो कि कैंसररोधी है। इसके अलावा शतावरी में विटामिन ए, बी, सी, पोटैशियम और जिंक पाया जाता है। इसमें हिस्‍टोन नामक प्रोटीन पाया जाता है जो कि कैंसर के उपचार में योगदान देते हैं।

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सुंदरता निखारे

शतावरी में विटामिन ए होता है जो कि त्‍वचा की सुंदरता को निखारता है। यह चेहरे से झुर्रियों को मिटाता है।

 

माइग्रेन दूर करे

शतावरी की ताजी जड़ को मोटा-मोटा कुट लें, इसका स्वरस निकालें और इसमें बराबर मात्रा में तिल का तेल मिलाकर पका लें। इस तेल को माइग्रेन जैसे सिरदर्द में लगाएं और लाभ देखें।

 

अनिद्रा के लिए

अनिद्रा के शिकार लोगों के लिए शतावरी बहुत ही फायदेमंद है। शतावरी का पांच से दस ग्राम चूर्ण, 10-15 ग्राम घी तथा दूध में डालकर नींद न आने की समस्‍या समाप्‍त हो जाएगी।

खूनी दस्त आने पर

गीली शतावरी पीसकर दूध में मिला लीजिए, फिर कपड़े से छान कर या रस में घी मिलाकर पका लीजिए। खूनी दस्‍त आने पर इसका इस्‍तेमाल कीजिए, आराम मिलेगा।

प्रजनन छमता बढ़ाए

यह गर्भ को पूरी तरह से पोषण पहुंचा कर प्रजनन दर को बढ़ाता है।

 

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2 COMMENTS

  1. mere periods aniyamit hai, isilliye pregnancy ka koi chance najar nahi aarha hai, kya mere problem shatavari se solve ho sakate hai

  2. Mera pet hamesa karab rahta h. Subah thik se saff nahi hota. Kabhi kabhi to ghanto bethna padta h.. .plz help me

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