लो कार्ब डायट के बारे में तो आपने सुना ही होगा, इसके बारे में लोगों का यह मानना है कि वज़न घटाने के प्रोग्राम में ऐसा डायट बहुत काम करता है। लेकिन डायटीशियन और स्पोर्ट्स न्यूट्रीशनिस्ट दीपशिखा अग्रवाल का कहना है कि लो कार्ब डायट सेहत को नुकसान पहुँचाते हैं। उनकी सलाह है कि डायट में मध्यम परिमाण में लो कार्ब डायट लेनी चाहिए।

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बुद्धि को कर सकता है कम

चावल और दाल यादाश्त को करने वाला फूड माना जाता है। सोली जेम्स, चीफ डाइटिशियन, रहेज़ा हॉस्पिटल मुम्बई का कहना है कि ब्रेन ग्लूकोज़ के फंक्शन के ऊपर निर्भर करता है, जो कार्बोहाइड्रेट के मेटाबॉलिज़्म के उत्पादन पर निर्भर करता है। डायट में कार्बोहाइड्रेट कम होने पर इसका प्रभाव सीधे मस्तिष्क पर पड़ता है और याददाश्त कम होने लगता है।

दिल के लिए बुरा

स्वीडन में 25 वर्षों के रिसर्च के अनुसार ये पाया गया कि फैड डायट जैसा लो कार्ब फूड खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है जिसका हृदय के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है।

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हजम करने में होगी समस्या

कार्बोहाइड्रेड फूड कम लेने से फाइबर का स्तर भी डायट में कम हो जाता है जिससे हजम शक्ति दुर्बल हो जाती है। साइनटिफिक एडवाइसरी कमिटी ऑफ न्यूट्रिशन की सलाह है कि लो शुगर और हाई डाइटरी फाइबर रिच फूड लेने से पाचन प्रणाली बेहतर होती है।

जिंदगी के दिन करता है कम

ऑस्ट्रेलिया के रिसर्च के अनुसार लो कार्ब और हाई प्रोटीन डायट का सम्मिलन कार्डियोमेटाबॉलिक हेल्थ को नुकसान पहुँचाने के साथ जीवन की अवधि को कम करते हैं। रिसर्च के अनुसार गुड क्वालिटी प्रोटीन, लो फैट, हाई कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाने के जिंदगी के दिन भी बढ़ाने में मदद करता है।

वज़न कम करने में नहीं करता है मदद

जर्नल सेल मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार लो कार्ब डायट वज़न तो नहीं घटा पाता है लेकिन कुछ मात्रा में फैट जैसे फूड का खाना कम करता है।

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