त्रिफला चूर्ण के फायदे और खाने का सही तरीका हिंदी में  त्रिफला का चूर्ण 3 प्रकार के फलों से मिल कर बनता है हरड़, बहेड़ा, आंवला। ये एक आयुर्वेदिक दवा है जो पाचन और पेट के रोग के उपचार में रामबाण काम करती है। बहुत से लोगों का ये मानना है की कब्ज में ही त्रिफला काम आता है पर पेट साफ करने के इलावा भी त्रिफला चूर्ण का उपयोग किया जाता है। त्रिफला चूर्ण मोटापा कम करने के लिए भी लिया जाता है पर अधिक मात्रा में इसके प्रयोग से फायदा होने की बजाय नुकसान भी सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए।  मित्रों आज हम जानेंगे त्रिफला चूर्ण के फायदे और खाने का सही तरीका 

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त्रिफला चूर्ण के फायदे

त्रिफला चूर्ण के अनेकों फायदे हैं एक तरह से ये पेट बिमारियों में रामबाण इलाज है आइये जानते हैं त्रिफला चूर्ण के फायदे

त्रिफला का सेवन कैसे करें

  • इसे आधे ग्राम से लेकर 15 ग्राम की मात्रा तक खाया जा सकता है। रोग के अनुसार ही इसकी सही मात्रा ली जाती है।
  • इसकी तासीर गरम होती है इसलिए इसका सेवन अधिक करने पर नुकसान हो सकता है।
  • रात के समय सोने से पहले त्रिफला खाने से कब्ज दूर होती है और ठीक से पेट साफ होता है। रात में इसे हल्के गुनगुने दूध के साथ ले।
  • त्रिफला चूर्ण लेने का सही तरीका ज्यादातर रोग के इलाज पर निर्भर करता है।
  • दूध या फिर पानी के साथ में त्रिफला चूर्ण लिया जा सकता है।
  • सुबह त्रिफला खाने से शरीर को पोषण मिलता है और कैल्शियम, आयरन और विटामिन की कमी पूरी होती है। सुबह के वक़्त गुड़ के साथ इसे खाएं।

त्रिफला के अचूक फायदे

त्रिफला चूर्ण के फायदे और उपचार   trifala churna ke fayde in hindi

  1. त्रिफला चूर्ण कैसे खाया जाता है अगर इसकी सही जानकारी हो तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है जिससे कई प्रकार के रोगों से बचे रहते है।
  2. आजकल शुगर के रोग से बहुत लोग प्रभावित है पर रोजाना त्रिफला चूर्ण का सेवन करने पर शुगर कण्ट्रोल होने लगती है।
  3. पाचन शक्ति मजबूत करने में भी त्रिफला चूर्ण काम आता है।
  4. कब्ज दूर करने और सुबह ठीक से पेट साफ करने के रोग के लिए सोने से पहले रात को एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण 1 गिलास गुनगुने दूध के साथ सेवन करे। गुनगुने पानी के साथ भी आप इसका सेवन कर सकते है।
  5. त्रिफला वेट लॉस के लिए भी खाया जाता है। वजन कम करने के लिए त्रिफला का उपयोग सबसे अच्छा माना जाता है। खाने के 1 घंटे बाद 1 चम्मच चूर्ण हल्के गर्म पानी में मिला कर सेवन करना चाहिए।
  6. प्रतिदिन अच्छा भोजन लेने के साथ साथ अगर त्रिफला चूर्ण खाएं तो हाई ब्लड प्रेशर, दिल व पेट के रोग, कब्ज और गैस की समस्या से राहत मिलती है।
  7. ताकत बढ़ाने व शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए त्रिफला रामबाण इलाज है। हर रोज इसका सेवन करने से याददाश्त भी तेज होती है।
  8. त्रिफला को अगर दूध के साथ लिया जाता है तो पेट की जलन दूर होती है।
  9. फोड़े फुंसी और दाद खाज खुजली का इलाज करने में भी त्रिफला चूर्ण बेनिफिट्स अचूक है। इसके लिए 5 से 6 ग्राम चूर्ण दिन में 2 बार पानी के साथ ले।
  10. एक चम्मच त्रिफला चूर्ण, गाय का घी 10 ग्राम और थोड़ा शहद मिला कर लेने से आँखों की बीमारी और मोतियाबिंद की समस्या दूर रहती है।
  11. मोटापा घटाने के लिए इसके सेवन का एक तरीका और भी है। त्रिफला पानी में उबाल ले फिर शहद के साथ इसे लेने से शरीर की चर्बी कम होती है।
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कब्ज का रामबाण इलाज

त्रिफला चूर्ण के नुकसान

  • जो महिलाएं बच्चे को दूध पिलाती है और गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान त्रिफला के प्रयोग से नुकसान हो सकता है।
  • इसका इस्तेमाल अधिक करने से अनिद्रा होने की संभावना भी होती है।
  • अगर आप ज्यादा समय तक इसका उपयोग करना चाहते है तो इसको कम मात्रा में ही ले।
  • अगर अधिक मात्रा में त्रिफला खाया जाये तो बेनिफिट होने की जगह इसके नुकसान भी हो सकते है। इसका उपयोग ज्यादा करने पर दस्त लग सकते है।
  • 6 साल से कम उम्र के बच्चों को त्रिफला नहीं देना चाहिए।
  • कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें त्रिफला के सेवन से ज्यादा नींद आती है।
  • त्रिफला चूर्ण खाने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक व किसी डॉक्टर से सलाह जरूर ले।
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Triphala Health Benefits

त्रिफला चूर्ण के सेवन की विधि

त्रिफला चूर्ण बनाने का तरीका

  • बहेड़ा, सुखी हुई हरड़ और आंवला।
  • इन सब को अलग अलग पीस ले और किसी जार में रख ले।
  • अब 1 हिस्सा हरड़ चूर्ण, 2 हिस्से बहेड़ा चूर्ण और 3 हिस्से आंवला का चूर्ण मिला ले।
  • आपका त्रिफला चूर्ण अब उपयोग के लिए तैयार है।
  • आप अगर इसे घर पर नहीं बना सकते तो त्रिफला पाउडर पतंजलि से भी ले सकते है।

त्रिफला चूर्ण लेने का सही नियम

  • सुबह जो त्रिफला खाएं हमेशा गुड के साथ खाएं |
  • रात में त्रिफला हमेशा गर्म दूध के साथ लेना चाहिए |
  • सुबह अगर हम त्रिफला लेते हैं तो उसको हम “पोषक ” कहते हैं |क्योंकि सुबह त्रिफला लेने से त्रिफला शरीर को पोषण देता है जैसे शरीर में विटामिन ,आयरन,कैल्शियम,मिक्रोनुट्रिएंट्स की कमी को पूरा करता है एक स्वस्थ व्यक्ति को सुबह त्रिफला खाना चाहिए |
  • रात में जब त्रिफला लेते हैं उसे “रेचक ” कहते है क्योंकि रात में त्रिफला लेने से पेट की सफाई (कब्ज इत्यादि )का निवारण होता है |
  • त्रिफला के गुनगुने काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है। त्रिफला के काढ़े से घाव धोने से एलोपैथिक- एंटिसेप्टिक की आवश्यकता नहीं रहती। घाव जल्दी भर जाता है।
  • एक चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को एक कटोरी पानी में भिगोकर रखें। सुबह कपड़े से छानकर उस पानी से आंखें धो लें। यह प्रयोग आंखों के लिए अत्यंत हितकर है। इससे आंखें स्वच्छ व दृष्टि सूक्ष्म होती है। आंखों की जलन, लालिमा आदि तकलीफें दूर होती हैं।
  • त्रिफला रात को पानी में भिगोकर रखें। सुबह मंजन करने के बाद यह पानी मुंह में भरकर रखें। थोड़ी देर बाद निकाल दें। इससे दांत व मसूड़े वृद्धावस्था तक मजबूत रहते हैं। इससे अरुचि, मुख की दुर्गंध व मुंह के छाले नष्ट होते हैं।
  • गाय का घी व शहद के मिश्रण (घी अधिक व शहद कम) के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन आंखों के लिए वरदान स्वरूप है।
  • मूत्र संबंधी सभी विकारों व मधुमेह में यह फायदेमंद है। रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला लेने से कब्ज नहीं रहती है।
  • त्रिफला चूर्ण का सेवन रेडियोधर्मिता से भी बचाव करता है। प्रयोगों में देखा गया है कि त्रिफला की खुराकों से गामा किरणों के रेडिएशन के प्रभाव से होने वाली अस्वस्थता के लक्षण भी नहीं पाए जाते हैं। इसीलिए त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद का अनमोल उपहार कहा जाता है।
  • संयमित आहार-विहार के साथ इसका नियमित प्रयोग करने से मोतियाबिंद, कांचबिंदु-दृष्टिदोष आदि नेत्र रोग होने की संभावना नहीं होती।
  • 2 से 4 ग्राम चूर्ण दोपहर को भोजन के बाद अथवा रात को गुनगुने पानी के साथ लें।
मित्रों आपको हमारा ये त्रिफला चूर्ण के फायदे  और trifala churn ke fayde in hindi का ये लेख कैसा लगा जरूर बताएं और अगर आपके पास कोई ऐसी त्रिफला चूर्ण खाने की विधि हो तो हमे जरूर बताएं

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