वज्रासन के लाभ

1. वज्रासन से रक्त का संचार नाभि केंद्र की ओर रहता है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट से संबंधित रोग भी दूर होने लगते हैं।
2. महिलाओं के लिए भी वज्रासन उपयोगी है। इससे मासिक धर्म की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
3. हेवी डाइट के बाद तुरंत सोने या बैठकर टीवी देखने से हमें डाइजेशन संबंधी समस्याएं हो ही जाती हैं। ऐसे में अगर आप रोज खाने के बादटीवी देखने या तुरंत सोने के बजाय वज्रासन को अपने रुटीन में शामिल करेंगे तो यकीनन आप डाइजेशन से संबंधित समस्याओं से दूर रहेंगे।
4. वज्रासन को आप दिन में कभी भी कर सकते हैं लेकिन यह अकेला ऐसा आसन है जो खाने के तुरंत बाद यह आसन बहुत अधिक प्रभावी होता है। यह न सिर्फ पाचन की प्रक्रिया ठीक रखता है बल्कि लोवर बैकपेन से भी आराम दिलाता है।
5. पाचन में मददगार वज्रासन के दौरान शरीर के मध्य भाग पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है। इस दौरान पेट और आंतों पर हल्का दबाव पड़ता है जिससे कांस्टिपेशन की दिक्कत दूर होती है और पाचन ठीक रहता है।

6. तनाव से मुक्ति वज्रासन की मुद्रा में कमर और पैरों की मांसपेशियों का तनाव दूर होता है और ज्वाइंट्स खुलते हैं। अधिक चलने या देर तक खड़े होने के बाद इस आसन की मदद से आराम महसूस होगा। रोगों से रखता है दूर। नियमित तौर पर वज्रासन का अभ्यास वेरिकोज वेन्स, ज्वाइंट पेन और गठिया जैसे रोगों से दूर रखने में मददगार है। इसके अलावा मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं में भी यह आसन मददगार है।
7. श्वास संबंधी व्यायाम इस आसन के दौरान गहरी श्वास लेने और छोड़ने की क्रिया श्वास से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मददगार है। इस आसन का नियमित अभ्यास श्वसन प्रक्रिया में फायदेमंद है।
8. वजन घटाने में मददगार वज्रासन के नियमित अभ्यास से वजन घटाने में मदद मिलती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता और और मांसपेशियों को लचीला बनाता है इसलिए अच्छे फिगर की चाहत है तो इस आसन का अभ्यास करें।
9. इस आसन से पाचनतंत्र सुगम रहता है और पेट की दूसरी बीमारियाँ भी दूर होती हैं।
10. उच्च रक्तचाप कम होता हैं।

 

वज्रासन से जुड़ी सावधानियाँ:

1. जोड़ो में दर्द से पीड़ित व्यक्ति वज्रासन न करें।
2. एड़ी के रोग से पीड़ित व्यक्ति वज्रासन न करें।
3. अगर वज्रासन करने पर आपको कमर दर्द, कमजोरी या चक्कर आने जैसे कोई समस्या हो तो आसन बंद कर अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

 

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