स्मरण शक्ति (मेमोरी) एक महान उपहार है, अच्छी याददाश्त अक्सर बुद्धि के साथ जुड़ी होती है। भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी होता है। अधिकतर समस्या रिकाल करने में होती है क्योंकि हमारे दिमाग को रिकाल प्रोसेस के लिए जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है उनकी हमारे शरीर में कमी हो जाती है।

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याददाश्त कमजोर होने का लक्षण

जब यह रोग किसी व्यक्ति में हो तब वह बुद्धि एकाग्रता नहीं रख पाता है तथा वह किसी भी बात तथा किसी भी चीजों को याद नहीं रख पाता है।

याददास्त कमजोर होने का कारण :

• यह रोग दिमाग (मस्तिष्क) में रक्तसंचार की कमी हो जाने के कारण होता है।
• बहुत अधिक समस्याओं में उलझे रहने के कारण भी यह रोग हो सकता है।
• सिर पर किसी दुर्घटना के कारण तेज चोट लगने तथा किसी दिमागी बीमारी के कारण भी यह रोग हो सकता है।
• अत्यधिक मानसिक बीमारी होने के कारण भी यह रोग हो सकता है।

घरेलु आयुर्वेदिक नुस्खे

1) आंवला : आंवला का रस एक चम्मच २ चम्मच शहद मे मिलाकर उपयोग करें। भुलक्कड पन में आशातीत लाभ होता है।

2) बादाम : 5 नग रात को पानी में गलाएं । सुबह छिलके उतारकर बारीक पीस कर पेस्ट बनालें। अब एक गिलास दूध गरम करें और उसमें बादाम का पेस्ट घोलें । मामूली गरम हालत में ३ चम्मच शहद मिला कर लेना चाहिये । यह मिश्रण पीने के बाद दो घंटे तक कुछ न लें। यह स्मरण शक्ति वृद्दि करने का जबर्दस्त उपचार है। कम से कम दो महीने तक यह प्रयोग करें |

3) अदरक : अदरक ,जीरा और मिश्री तीनों को पीसकर लेने से कम याददाश्त की स्थिति में लाभ होता है।

4) ब्राह्मी : ब्राह्मी दिमागी शक्ति बढाने की मशहूर जडी-बूटी है। इसका एक चम्मच रस नित्य पीना हितकर है। इसके ७ पत्ते चबाकर खाने से भी वही लाभ मिलता है। ब्राह्मी मे एन्टी ओक्सीडेंट तत्व होते हैं जिससे दिमाग की शक्ति घटने पर रोक लगती है।

5) अखरोट : अखरोट जिसे अंग्रेजी में वालनट कहते हैं स्मरण शक्ति बढाने में सहायक है। नियमित उपयोग हितकर है। २० ग्राम वालनट और साथ में १० ग्राम किशमिस लेना चाहिये।

6) सेब(Apple): एक सेवफ़ल नित्य खाने से कमजोर मेमोरी में लाभ होता है

7) काली मिर्च : काली मिर्च का पावडर एक चम्मच गाय का असली घी में मिलाकर उपयोग करने से याद दाश्त में इजाफ़ा होता है।

10) तुलसी : तुलसी के 9 पत्ते ,गुलाब की पंखुरी और काली मिर्च नग एक खूब चबा -चबाकर खाने से दिमाग के सेल्स को ताकत मिलती है।

11) गेहूं के जवारे : गेहूं के जवारे का जूस याद दाश्त बढाने के मामले बहूत उपयोगी बताया जा रहा है| इस जूस में थोड़ी शकर और 7 नग बादाम का पेस्ट भी मिलाकर पीना अधिक गुणकारी सिद्ध होता है|

12) सौंफ: सौंफ को मोटा कूट कर उसे छान लें और इसे एक-एक चम्मच सुबह शाम दो बार पानी या दूध के साथ फंकी लें।यादशक्ति में आशातीत लाभ होता है।

सरल प्राकृतिक उपचार :

 गाय के घी से सिर पर कुछ दिनों तक मालिश करने से आपकी स्मरण शक्ति बढ़ती है।
• यादशक्ति जिन्हें बढ़ानी हो उन्हें कॉफी, चाय, मैदा, कोला, शराब तथा मैदा और मैदा से बनी चीजों का सेवन बंद कर देना चाहिए।
• संतुलित आहार ले जिसमें ताजी सब्जियां, फल, अंकुरित अन्न आदि हो उसका सेवन करना चाहिए जिसके फलस्वरूप कुछ ही दिनों में यह रोग ठीक हो जाता है।
• प्रतिदिन गाय के दूध में तिल को डालकर पीने से कुछ ही दिनों में कमजोर यादशक्ति ठीक हो जाता है।
• अंगूर तथा सेब का अधिक सेवन करने से रोगी को बहुत लाभ मिलता है।
• पांच-छ: अखरोट तथा दो अंजीर प्रतिदिन खाने से याददाश्त से सम्बन्धित रोग दूर हो सकते हैं।
• रात के समय में बादाम या मुनक्का को भिगोकर सुबह के समय में चबाकर खाने से यह रोग ठीक हो जाता है।
• बादाम, तुलसी तथा काली मिर्च को पीसकर तथा इन्हें आपस में मिलाकर फिर इसमें शहद मिलाकर प्रतिदिन खाने से यह रोग ठीक हो जाता है।
• तुलसी का रस शहद के साथ प्रतिदिन सेवन करने से याददाश्त मजबूत होती है।
• बादाम का तेल नाक में प्रतिदिन डालने से याददाश्त मजबूत होती है।
• इस रोग को ठीक करने के लिए कई प्रकार की यौगिक क्रियाएं तथा योगासन हैं जिसे प्रतिदिन करने से यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है। ये आसन तथा यौगिक क्रियाएं इस प्रकार हैं- भस्त्रिका प्राणायाम, नाड़ीशोधन, पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, शवासन, योगनिद्रा, ध्यान का अभ्यास तथा ज्ञानमुद्रा करने से यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

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